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समिति में गड़बड़ी करने वाले आरोपियों को अब तक नहीं गिरफ्तार, एसीपी के हवाले जांच

एसीपी बोली कलेक्टर ने डीपीओ का पक्ष नहीं लिया, इसलिए जांच के बाद होगी गिरफ्तारी

भोपाल। आदर्श नगर गृह निर्माण सहकारी संस्था में गड़बड़ी करने सहकारिता विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर समेत 45 लोगों को पुलिस अब तक गिरफ्तार नहीं कर पाई है। इस मामले में करीब एक महीने पहले पुलिस एफआईआर दर्ज कर चुकी है। निशातपुरा एसीपी रिचा जैन इस मामले में जांच कर रही है। इसका फायदा उठाते हुए आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। पुलिस अफसरों ने जांच का हवाला देकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। गौरतलब है कि सहकारिता विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर विनोद सिंह ने विभाग के रिटायर्ड ज्वाइंट कमिश्नर अरविंद सिंह सेंगर सहित 45 लोगों के खिलाफ थाना निशातपुरा में एफआईआर दर्ज कराई थी।

एफआईआर में कोरल लाइफ कॉलोनी विकसित करने वाली आदर्श नगर गृह निर्माण सहकारी समिति में हुई गड़बड़ियों के लिए सोसायटी के पदाधिकारियों और अन्य व्यक्तियों के साथ सेंगर को भी आरोपी बताया गया है। पिछले साल दिसंबर में रिटायर हुए सेंगर को एक मंत्री का करीबी बताया जाता है। एफआईआर कराने वाले विनोद सिंह का केस दर्ज कराने से पहले ही ज्वाइंट कमिश्नर के पद पर प्रमोशन हुआ है। विनोद सिंह ने बताया कि उन्होंने कलेक्टर के माध्यम से लोक अभियोजक से अनुमति मिलने के बाद ही एफआईआर कराई है।


प्लॉट आवंटित कराने के बाद नहीं कराई रजिस्ट्री

सहकारिता विभाग की जांच में सामने आया कि 785 सदस्यों वाली आदर्श नगर हाउसिंग सोसायटी में 340 सदस्यों को प्लॉट आवंटित किए, लेकिन रजिस्ट्री नहीं कराई। बाद में यह प्लॉट अन्य लोगों को बेच दिए गए। इस मामले में जब विभाग में शिकायत हुई तो सेंगर ने सोसायटी के अध्यक्ष अब्दुल लतीफ, कांट्रेक्टर केशव नाचानी और बिचौलिए राकेश उपाध्याय सहित अन्य लोगों की मदद की। जिन 45 लोगों को आरोपी बनाया गया है उसमें यह नाम भी शामिल हैं।

सहकारिता विभाग की जांच में यह बात सामने आई कि कुल 165 रजिस्ट्रियां सामने आईं हैं। इसका रजिस्ट्री मूल्य 11.82 करोड़ और बाजार मूल्य 13.54 करोड़ रुपए है, जिसमें चेक और नगद से 11.77 करोड़ रुपए प्राप्त किए गए। रजिस्ट्री से हुई आय में से 3.37 करोड़ रुपए बैंक खाते की बजाय बाला-बाला, यहां डेवलपमेंट और अन्य कार्य करने वालों को दे दिए गए। इसके अलावा लोगों को भ्रमित करने के लिए नाम भी आदर्श नगर से बदल कर कोरल लाइफ कॉलोनी कर दिया गया। यह भी नियमानुसार गलत है।


इनका कहना है

कलेक्टर ने लोक अभियोजन की अनुमति नहीं ली है। इसलिए पूरी जांच करने के बाद ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। जल्द ही हम जांच को पूरी कर आरोपियों को गिरफ्तार करने की कार्रवाई करेंगे।
रिचा जैन, एसीपी निशातपुरा संभाग

The accused of disturbances in the committee have not yet been arrested, investigation handed over to ACP.

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