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आरजीपीवी : कुलपति, निलंबित रजिस्ट्रार, वित्त नियंत्रक सहित 5 के खिलाफ FIR

19.48 करोड़ निजी खाते में तथा 25-25 करोड़ की चार एफडी फर्जी दस्तावेज से निजी बैंक में रखने का मामला

भोपाल। 19 करोड़ रुपए निजी बैंक खाते में भेजने और 25-25 करोड़ की चार एफडी आरबीएल नाम के निजी बैंक में फर्जी दस्तावेज तैयार कर रखने सहित अन्य वित्तीय अनियमितताओं के चलते राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) के कुलपति प्रो. सुनील कुमार, निलंबित रजिस्ट्रार आरएस राजपूत, वित्त नियंत्रक ऋषिकेश वर्मा, लाभार्थी मयंक कुमार और दलित संघ सोहागपुर और अन्य के खिलाफ गांधी नगर थाने में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरजीपीवी के रजिस्ट्रार डॉ. मोहन सेन की शिकायत पर आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 120बी, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 13(1)(ए) और 13 (2) के तहत प्रकरण दर्ज किया है।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) दो दिन से आरजीपीवी कैम्पस में इसी आर्थिक अनियमितता मामले में कार्रवाई करने को लेकर धरना दे रहा है। रविवार सुबह प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार भी विवि कैम्पस पहुंचकर धरना दे रहे एबीवीपी के कार्यकर्ताओं से मिले थे।

कुलपति, निलंबित रजिस्ट्रार, वित्त नियंत्रक और दो लाभार्थियों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज किया गया है, बाकी अन्य हैं। जांच के बाद नाम एफआईआर में जोड़े जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आज लखनऊ से लौटकर भोपाल पहुंचने पर उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार उनसे मिलने पहुंचे और आरजीपीवी मामले की पूरी जानकारी दी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के वित्त शाखा के सभी अधिकारियों को हटाकर उच्च स्तरीय समिति से जांच कराने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद ही गांधी नगर थाने में मामला दर्ज किया गया है।

जिन्होंने भी चेक में साइन किए सभी आरोपी बनेंगे

उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा है कि इस मामले में केवल निलंबित रजिस्ट्रा राजपूत ही नहीं, जिन-जिन अधिकारियों-कर्मचारियों ने चेक पर हस्ताक्षर किए हैं और विश्वविद्यालय की धनराशि को निजी बैंक खातों और निजी बैंक में रखने के आपराधिक षड्यंत्र में शामिल हैं उन सबके नाम एफआईआर में शामिल किए जाएंगे। किसी भी दोषी पाए जाने वले अधिकारी-कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।

फर्जी बैंक स्टेट मेंट से पिपरिया के बैंक में कराई एफडी

एफआईआर के अनुसार एक निजी बैंक की पिपरिया शाखा में आरजीपी के 100 करोड़ रुपए एफडी बनवाकर जमा किए गए हैं। जिस आरबीएल (निजी बैंक) के शाखा में रुपए जमा किए गए हैं, वह बैंक की बहुत छोटी शाखा है। लेकिन आरजीपीवी के कुलपति और तत्कालीन रजिस्ट्रार ने बैंक के फर्जी स्टेटमेंट तैयार करवाकर बैंक को फायदा पहुंचाने के लिए विवि की राशि के 25-25 करोड़ की चार एफडी बनवाकर पिपरिया शाखा में जमा कराई है। इसके साथ ही एक एनजीओ को भी अनियमितता बरतते हुए करीब नौ करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है।

गौरतलब है कि राजीव गांधी प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी में करोड़ों रुपए के घोटाले को लेकर एबीवीपी के कार्यकर्ता बीते दो दिन से प्रदर्शन कर रहे हैं। परिषद के छात्रों ने शनिवार रात को प्रदर्शन किया और अधिकारी/कर्मचारियों को तीन घंटे तक बंधक बना कर रखा। इसमें यूनिवर्सिटी के प्रभारी कुलसचिव, रजिस्ट्रार समेत दो दर्जन से अधिक अधिकारी/कर्मचारी शामिल थे। उन्होंने कुलपति की नेम प्लेट उखाड़ दी। रविवार सुबह भी एबीवीपी के कार्यकर्ता कुलपति के कक्ष के बाहर धरने पर बैठ गए। वह कुलपति प्रोफेसर सुनील कुमार को हटाने की मांग पर अड़े हुए थे और वह जांच समिति की रिपोटज़् को भी सार्वजनिक करने की मांग कर रहे थे।

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