अमृत कलश

राष्ट्र का शरीर

समूह के भी शरीर, मन बुद्धि और आत्मा होते हैं। उदाहरण के लिए 40 लोगों का एक क्लब है। ये 40

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मानव अधिकार के प्रवक्ता

अजीगर्त नाम का एक दरिद्र ब्राह्मण था। शुन:शेप इसका मंझला बेटा था। सत्यवादी राजा हरिशचन्द्र ने वरुण की [ पुत्र- बलि

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सुख-दुख का सदुपयोग

सुख दुख का सदुपयोग करना ही अमरत्व प्राप्ति का साधन है। सुखदायी-दुखदायी परिस्थिति से सुखी-दुखी होना ही व्यथित होना है। सुखी-दुखी

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आत्मसाक्षात्कार

आत्मसाक्षात्कार अर्थात् यथार्थ बोध जीवन का परम पुरुषार्थ है। विवेक-वैराग्य के अभाव के कारण अंत:करण में अंकुरित अज्ञानजन्य विकृतियों से मुक्त

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भारतवंशी हैं जापानी

स्वामी रामतीर्थ ने टोक्यो के कॉमर्स कॉलेज में महत्वपूर्ण व्याख्यान दिया, जिसका विषय था ‘सफलता का रहस्य। उसकी विचित्र आभा ने

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विजयादशमी के उपलक्ष्य

विजयादशमी राष्ट्रीय विजय का त्योहार है। आज के दिन ही पांडव अपना अज्ञातवास समाप्त कर कर कर्मक्षेत्र में पुन: अवतरित हुए

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ईष्र्या और द्वेष

किसी को देखकर नहीं अपितु किसी के लिये जलो। किसी को देखकर जलना तो मनुष्य जीवन का पतन है वहीं किसी

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परछाई का रहस्य

जिस दिन आप अपनी परछाई को जान लेंगे उस दिन आप भी उसी अग्नि के समान हो जायेंगे जिसकी अपनी परछाई

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बालक को क्या पढ़ाएं

प्रसिद्ध विचारक प्लेटो ने जीवन और राज काज के बारे में गंभीर विचार व्यक्त किए हैं। उन्होने ‘स्टेट्समैन’ में कहा है

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गांधी और हिंदू दर्शन

प्रटोरिया में वकील थे श्री बेकर। वे जितने अच्छे वकील थे उससे भी ज्यादा चुस्त ईसाई थे। ईसाई और इस्लाम के

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