मप्र को आत्मनिर्भर बनाने करेंगे परिश्रम की पराकाष्ठा: शिवराज

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  • मुख्यमंत्री शिवराज की चौथी पारी का आज एक साल पूरा
  • जनता के नाम संदेश में प्रदेश के विकास के लिए मांगा सभी का सहयोग

स्वदेश ब्यूरो, भोपाल

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश का आत्मनिर्भर बनाने हम सभी परिश्रम का पराकाष्ठा करेंगे और प्रदेश को विकसित राज्य बनाकर ही दम लेंगे। जनसहयोग से विकास के नए आयाम स्थापित करने मैं कोई कसर बाकी नहीं रखूंगा।

श्री चौहान ने यह बात अपने चौथे कार्यकाल के एक साल पूरा होने की पूर्व संध्या पर जनता के नाम संदेश में कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक साल पहले मैंने जब चौथी बार मुख्यमंत्री का पद संभाला तब कोरोना संक्रमण मप्र में भी दस्तक दे चुका था। इसके लिहाज से समुचित व्यवस्थाएं नहीं थी। बावजूद इसके प्राथमिकता के साथ कोरोना संक्रमण व इससे उपजे हालातों से निपटने के लिए रात-दिन एक किया। समन्वित प्रयासों से हमने इस संकट को कम करने व इससे निपटने में सफलता भी हासिल की। उन्होंने कहा कि एक बार फिर क ोरोना की दूसरी लहर है, लेकिन सुरक्षा के उपाय अपनाते हुए हम एक बार फिर इसे मात देंगे। इसके लिए सभी को मास्क पहनने, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने का संकल्प लेना होगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबल, उनके प्रेम और आशीर्वाद और जन सहयोग के कारण कठिन परिस्थितियों में भी चुनौती का सामना किया जा सका। अभी जो कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर आई है, वह निश्चित ही समाप्त होगी। अंधेरा छँटेगा, सूरज निकलेगा, यह रैन अंधेरी बीतेगी, पतवार चलाते जाएंगे, मंजिल आएगी, आएगी।

हासिल करेंगे विकास के नए आयाम

मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की कविता का उल्लेख करते हुए कहा कि मैंने अपनी चौथी पारी इस संकल्प के साथ शुरू की थी कि हार नहीं मानूंगा, रार नहीं ठानूंगा, काल के कपाल पर लिखता और मिटाता हूँ, गीत नया गाता हूँ, गीत नया गाता हूँ।Ó श्री चौहान ने कहा कि एक गौरवशाली, वैभवशाली, शक्तिशाली, समृद्ध और आत्मनिर्भर मप्र के निर्माण के लिए मैं परिश्रम की पराकाष्ठा करूंगा, प्रयत्नों की परिसीमा करूंगा। नागरिकों की भागीदारी से मध्यप्रदेश विद्युत, सिंचाई, पेयजल, सड़क निर्मांण, कृषि क्षेत्र में अनेक उपलब्धियाँ अर्जिंत कर विकास पथ पर तेजी से आगे बढ़ा है। अब विकास को अन्य नए आयाम भी प्राप्त होंगे।

परोपकार देता है आत्मा को सुख

मुख्यमंत्री ने कहा कि सारा विश्व एक परिवार है। दूसरों की मदद करने से आत्मा को सुख मिलता है। श्री चौहान ने कहा कि ऐसी व्यवस्था का निर्माण करें जिसमें परोपकार के काम कर सके, इसके लिए हम प्रयासरत हैं। हमने दीनदयाल रसोई जैसी व्यवस्था की जिससे गरीबों को मदद मिले। हमने प्रदेश को माफियाओं से मुक्त करने का अभियान चला रखा है। बीते एक साल के दौरान कोविड संकट के बावजूद प्रदेश में साहित्यिक, सांस्कृतिक, पर्यटन व खेल गतिविधियों को बढ़ाने के प्रयास भी हुए। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने स्व-सहायता समूहों को समृद्ध बनाने की दिशा में प्रयास शुरू किए हैं, वहीं किसानों, गरीबों के कल्याण के लिए आर्थिक सहायता के साथ ही अन्य योजनाएं भी पुन: शुरू की गईं।

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