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विधानसभा चुनाव के लिए दूसरे चरण में जमकर डाले गए वोट: पश्चिम बंगाल में 80.43 और असम में 73.03 फीसदी मतदान

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DARRANG, APR 1 (UNI):- Voters showing their I-Card outside a polling station during the 2nd Phase of Assam Assembly polls, in Mangaldal, Darrang district of Assam, on Thursday. UNI PHOTO-81U
  • बंगाल में कई सगह सामने आई हिंसा की वारदात
  • नंदीग्राम में ममता बनर्जी ने दो घंटे तक मतदान केंद्र में दिया धरना
  • शुभेंदु अधिकारी के काफिले के वाहन पर टीएमसी कार्यकर्ताओं ने किया पथराव
DARRANG, APR 1 (UNI):- Voters standing in queue outside polling station during the 2nd Phase of Assam Assembly polls, in Mangaldal, Darrang district of Assam, on Thursday. UNI PHOTO-77U
DARRANG, APR 1 (UNI):- Voters in queue up outside a polling station during the 2nd phase of Assam Assembly polls, in Mangaldal, Darrang district of Assam, on Thursday. UNI PHOTO-78U
KAMRUP, APR 1 (UNI):- Voters waiting in queue to cast their votes at a polling station during 2st phase of Assam Assembly polls Kamrup district of Assam on Thursday. UNI PHOTO-9U

नई दिल्ली/कोलकाता/गुवाहाटी।

पश्चिम बंगाल और असम में गुरुवार को दूसरे चरण के लिए मतदान किया गया। पश्चिम बंगाल और असम के विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में भी बड़ी संख्या में लोग मतदान के लिए निकले। शाम 6 बजे तक बंगाल में 80.43 तो असम में 73.03 फीसदी वोट पड़े हैं। मतदान के दौरान बंगाल में कुछ जगहों पर हिंसा की खबरें भी आईं। नंदीग्राम में भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी के काफिले पर हमला हुआ तो वहीं केसपुर के भाजपा उम्मीदवार पर हुए हमले में उन्होंने भी भागकर अपनी जान बचाई। इस बीच मतदान के साथ-साथ राज्य में राजनीतिक हमले भी तेज हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बंगाल के जयनगर में रैली की। इससे पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नंदीग्राम के एक पोलिंग बूथ पर पहुंचकर राज्यपाल जगदीप धनखड़ को फोन किया। अपने समर्थकों के सामने ही राज्यपाल से बात करते हुए ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि कुछ लोग स्थानीय लोगों को वोट नहीं डालने दे रहे हैं। पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण की 30 सीटों पर 19 महिलाओं सहित 171 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं, असम में दूसरे चरण की 39 सीटों पर 26 महिलाओं सहित 345 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। बंगाल में जहां टीएमसी की सीधी लड़ाई भाजपा से है, तो असम में भाजपा को अपनी सरकार को बचाए रखने की चुनौती है। सभी राजनीतिक दलों ने चुनाव प्रचार के दौरान अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। बंगाल में इस चरण में सबकी नजरें हाई प्रोफाइल नंदीग्राम सीट पर टिकी हैं, जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपने पूर्व सहयोगी एवं भाजपा प्रत्याशी शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ मैदान में हैं।

केसपुर के भाजपा उम्मीदवार ने भी भागकर बचाई जान

भाजपा नेता और नंदीग्राम से प्रत्याशी शुभेंदु अधिकारी के काफिले की गाडिय़ों पर सड़क के दोनों ओर से पथराव किया गया है। पश्चिम मेदिनीपुर जिले के केसपुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी प्रितिश आर कुवर पर की गाड़ी पर जबरदस्त हमला किया गया है। स्थानीय कुछ असामाजिक तत्वों ने यहां सड़क से गुजर रहे भाजपा प्रत्याशी के गाड़ी को लक्ष्य कर जमकर पत्थर, ईंट व डंडे बरसाए हैं। इसमें भाजपा प्रत्याशी के वाहन का शीशा टूटने के साथ गाड़ी को भारी नुकसान पहुंचा है। मीडिया की गाड़ी को भी निशाना बनाया गया है। इस घटना से इलाके में तनाव का माहौल है। भाजपा ने हमले के पीछे तृणमूल का हाथ बताया है।

तन्मय घोष की गाड़ी में तोडफ़ोड़, तीन गिरफ्तार

उधर, भाजपा नेता तन्मय घोष की कार में तोडफ़ोड़ भी की गई। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि अज्ञात लोगों के एक समूह ने घोष के वाहनों पर ईंट और लाठियों से हमला कर दिया और साथ ही मीडियाकर्मियों की कारों में तोडफ़ोड़ की। पुलिस ने बताया कि घटना के संबंध में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। चुनाव आयोग ने प्रशासन से इस पर एक रिपोर्ट भी मांगी है। वहीं, डेबरा में एक चुनावी बूथ पर भी बवाल हुआ।

आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन कर रहे मोदी

ममता बनर्जी ने अमित शाह पर आरोप लगाते हुए कहा कि गृह मंत्री खुद सीआरपीएफ, बीएसएफ और अन्य जवानों को निर्देश दे रहे हैं कि वे भाजपा और उसके गुंडों की मदद करें। उन्होंने सवाल किया कि क्यों चुनाव के प्रत्येक दिन नरेंद्र मोदी बंगाल आते हैं? चुनाव के दिन वह प्रचार क्यों करते हैं? अगर हम चुनावी क्षेत्रों में प्रचार नहीं कर सकते हैं तो वह चुनाव के दिन दूरदर्शन और अन्य सुविधाओं के माध्यम से लोगों को क्यों संबोधित करते हैं? क्या यह आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन नहीं है?

शुभेंदु अधिकारी ने किया मुख्यमंत्री पर पलटवार

ममता बनर्जी के पोलिंग बूथ में पहुंचने को लेकर शुभेंदु अधिकारी ने कहा, वह आरोप लगाती हैं कि चुनावी एजेंट को एक बूथ से बाहर किया गया था। लेकिन वह तब कुछ नहीं कहती हैं कि जब उनके लोगों ने मीडिया पर पत्थर फेंके, जिसमें एक व्यक्ति घायल हो गया। उनका राजनीतिक आधार खत्म होता जा रहा है। उन्होंने जो किया वह अवैध है। उन्होंने दो घंटे के लिए मतदान रोका और ड्रामा किया। यह आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है। शुभेंदु ने आगे कहा, वह (ममता बनर्जी) मतदाताओं का अपमान कर रही हैं। नंदीग्राम के लोगों का अपमान करना अब उनकी आदत बन चुकी है। उन्हें एक हादसे के दौरान चोट लग गई थी, लेकिन इस पर भी उन्होंने आरोप लगाए। अधिकारी ने कहा, राज्यपाल का पद संवैधानिक पद है, वह उनसे बात कर सकती हैं। इसमें कोई समस्या नहीं है। चुनाव आयोग चुनाव आयोजित करवाता है, न कि राज्यपाल या राष्ट्रपति यह काम करते हैं।

नंदीग्राम में ममता-शुभेंदु की साख दांव पर

बंगाल चुनाव की सबसे चर्चित नंदीग्राम सीट पर भी मतदान हो रहा है। इस सीट पर लड़ाई ममता बनर्जी और पूर्व मंत्री शुभेंदु अधिकारी के बीच है। चुनाव प्रचार शुरू होने से लेकर अब तक ये सीट सबसे ज्यादा फोकस में रही है। ममता के लिए ये सीट उनके आत्मसम्मान का मुद्दा है तो शुभेंदु अधिकारी ने ममता को 50 हजार वोटों से हराने का दावा किया है। शुभेंदु कह चुके हैं कि यदि ममता को नहीं हरा पाए तो राजनीति छोड़ देंगे। हाईप्रोफाइल सीट होने के कारण नंदीग्राम में हिंसा होने की संभावना भी ज्यादा है, इसलिए यहां धारा 144 लगा दी गई है।

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