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सिविल सर्विसेज 2020 का रिजल्ट जारी, शुभम कुमार ने किया टॉप, टीना डाबी की बहन ने 15वां रैंक हासिल किया

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नई दिल्ली। यूपीएससी ने सिविल सर्विसेज 2020 का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है। इस परीक्षा में शुभम कुमार ने टॉप किया है। यूपीएससी के मुताबिक, सिविल सर्विसेज परीक्षा में जागृति अवस्थी और अंकिता जैन ने क्रमश: दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया है। सिविल सर्विसेज परीक्षा 2020 में 761 उम्मीदवार पास हुए हैं जिनमें 545 पुरुष और 216 महिलाएं शामिल हैं।

उल्लेखनीय है कि आईएएस अधिकारी और 2015 बैच की टॉपर टीना डाबी की बहन रिया डाबी भी यूपीएससी की परीक्षा में पास हुई हैं। रिया डाबी ने 15वां रैंक हासिल किया है। वहीं जमुई जिले चकाई बाजार निवासी सीताराम वर्णवाल के पुत्र प्रवीण कुमार ने सातवां स्थान हासिल किया है। छात्र परिणाम https://www.upsc.gov.in/ पर जाकर देख सकते हैं।

पिता बनना चाहते थे आइएएस, बेटे ने पूरा किया सपना


बिहार के कटिहार निवासी शुभम कुमार (Roll No. 1519294) ने देशभर में टॉप किया है। शुभम ने आइआइटी बाम्बे से पढ़ाई की है। शुभम को वर्ष 2019 परीक्षा में आल इंडिया में 290 रैंक हासिल हुई थी। टॉपर शुभम ने एंथ्रोपोलॉजी वैकल्पिक विषय से इग्जाम दिया था। आइआइटी बॉम्बे से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद शुभम ने यूपीएससी की परीक्षा दी थी। वहीं जागृति अवस्थी ने एमएएनआइटी भोपाल से इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग में बीटे की डिग्री हासिल की है। जागृति ने वैकल्पिक विषय के रूप में समाजशास्त्र को चुना था।

शुभम ने कहा कि अपने गांव को देखकर मुझे आइएएस बनने की प्रेरणा मिली। उन्होंने कहा कि यूपीएससी की तैयारी कहीं पर भी रहकर की जा सकती है। मेरी सफलता में परिवार का बड़ा सहयोग है। वहीं शुभम की मां ने कहा कि बेटे ने आज देश में नाम रोशन कर दिया है। शुभम बचपन से ही टॉपर है। शुभम की मां ने कहा कि उसके पिता आइएएस बनना चाहते थे, वो नहीं बन सके तो बेटे ने सपना पूरा कर दिया।

उल्लेखनीय है कि सिविल सेवा मुख्य परीक्षा का आयोजन जनवरी 2021 में किया गया था। इसमें सफल अभ्यर्थियों का इंटरव्यू अगस्त-सितंबर 2021 में पूरा हुआ था। साक्षात्कार के बाद जिनका चयन किया गया है, उनका नाम वेबसाइट पर जारी कर दिया गया है। इस वर्ष आइएएस के लिए 180, आइएफएस के लिए 36 और आइपीएस के लिए 200 सीटें सुरक्षित हैं। इसके अतिरिक्त सेंट्रल सर्विस ग्रुप एक में 302, ग्रुप बी सर्विस में 118 पद सुरक्षित है। इससे पहले 1987 में आमिर सुबहानी, 1996 में सुनील वर्णवाल तथा 2001 में अलोक रंजन झा यूपीएससी में टाप करने वाले बिहार के अभ्यर्थी थे।

सिविल सर्विसेज परीक्षाओं का आयोजन प्रति वर्ष यूपीएससी तीन चरणों में करता है जिनमें प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार शामिल हैं। इन परीक्षाओं के माध्यम से भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) सहित कई अन्य सेवाओं के लिए उम्मीदवारों का चयन होता है।

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