प्रधानमंत्री ने अन्न उत्सव में हितग्राहियों से की बात, बोले- पूर्व की सरकारों ने गरीबों को दशकों तक मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा

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पीएम ने योजना के चार हितग्राहियों से की बात, जानी योजनाओं की हकीकतप्रदेश में 25 हजार से अधिक राशन दुकानों में मौजूद हितग्राहियों से जुड़े प्रधानमंत्री

भोपाल। कोरोना संकटकाल में गरीबों के लिए वरदान बनी प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को आज अन्न उत्सव के रूप में पूरे प्रदेश में मनाया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अन्न उत्सव योजना का शुभारंभ किया और प्रदेश के चार हितग्राहियों से सीधे बात कर उनकी स्थिति और सरकारी योजनाओं के लाभ के संबंध में जानकारी ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के 25 हजार राशन दुकानों से जुड़े लाखों लोगों को संबोधित किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, मंत्री बिसाहूलाल सिंह, अरविंद भदौरिया मिंटो हॉल स्थित राशन दुकान में अन्न उत्सव में शामिल हुए। इसी तरह प्रदेश मंत्री अपने-अपने प्रभार के लिजों में मौजूद थे। सभी विधायक-सांसद और अन्य जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्र से इस योजना में जुड़े। जिन सात जिलों में बाढ़ आई है, वहां यह उत्सव कार्यक्रम नहीं हुआ पर वहां के गरीबों को भी अन्न बांटा जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि देशभर में यह अभियान कोरोना की पहली लहर से चल रहा है, लेकिन मध्यप्रदेश सरकार ने अन्न उत्सव के माध्यम से आप सबसे बात करने, सबको देखने और सबसे आशीर्वाद लेने का मौका दिया। इस योजना के तहत देश के 80 करोड़ लोगों को इसका लाभ मिल रहा है। कोरोना से पूरी मानव जाति पर संकट है। ऐसे समय में जब सभी के रोजगार धंधे बंद हो गए थे, इस योजना ने लोगों को बहुत राहत पहुंचाई है।

वे सवाल भी खुद पूछते और जवाब भी खुद ही देते थे
प्रधानमंत्री ने केंद्र में पूर्व की कांगे्रस सरकारों का नाम लिए बगैर कहा कि, वो गरीब के बारे में सवाल भी खुद पूछते थे और जवाब भी खुद ही देते थे। जिस तक लाभ पहुंचाना है, उसके बारे में पहले सोचा ही नहीं जाता था। पहले गरीबों के लिए सौ पैसे भेजे लाते थे, लेकिन उनके पास तक बहुत कम राशि पहुंच पाती थी। पूर्व की सरकारों द्वारा गरीबों को दशकों तक मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा गया। वे लोग गरीबों के हित की बात करते थे, गरीबों के हित में काम नहीं करते थे। वे लोग कहते थे कि गरीबों को रसोई गैस सिलेंडर की क्या आवश्कता है। वे ही लोग कहते थे कि गरीबों को बैंक खाता खुलवाने की क्या जरूरत है। वे ही कहते थे कि गांवों में सड़क बनवाने की क्या जरूरत है। खुद को गरीबों का रहनुमा बताने व दिखाने वाले लोग जब ऐसी बातें करते हैं तो इसे पाखंड कहा जाता है। पूर्व की सरकारों ने गरीबों के साथ दशकों तक ऐसा ही पाखंड किया है। हम लोग आपके बीच से आए हैं, इसलिए आप लोगों की चिंता करते हैं। आप लोगों के लिए अलग व्यवस्था कर रखी है।

शिवराज ने मप्र को वर्षों पहले बीमारू राज्य से निकाल चुके हैं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश सरकार की भी जमकर तारीफ की है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दुखद है कि एमपी में अनेक जिलों में बारिश और बाढ़ की परिस्थितियां बनी हुई हैं। अनेक साथियों के जीवन और आजीविका दोनों प्रभावित हुई है। मुश्किल की इस घड़ी में भारत सरकार और पूरा देश, मध्यप्रदेश के साथ खड़ा है। इस अन्न वितरण के लिए आप सभी को बहुत-बहुत बधाई। करीब 5 करोड़ लाभार्थियों को आज मध्य प्रदेश में इस योजना को एक साथ पहुंचाने का बड़ा अभियान चल रहा है।

देश के 80 करोड़ गरीबों के घर में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के माध्यम से नि:शुल्क राशन पहुंच रहा है। आप भाई-बहनों के सानिध्य से मुझे कार्य करने की नई ऊर्जा और प्रेरणा प्राप्त होती है। शिवराज सिंह चौहान गरीबों के लिए बहुत कार्य कर रहे हैं। गरीबों के लिए बनाई गईं केंद्र की योजनाओं को और अधिक प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंचा रहे हैं। जब-जब शिवराज सिंह को सेवा का मौका मिला है, वे गरीबों के साथ प्रदेश की तरक्की के लिए कार्य कर रहे हैं। शिवराज सिंह ने वर्षों पहले मध्यप्रदेश को बीमारू राज्य से निकाल चुके हैं। शिवराज जी के नेतृत्व में बीमारू राज्य की पहचान बदल गईहै।

गरीबा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि कोरोना से उपजे संकट से निपटने के लिए भारत ने अपनी रणनीति में गरीब को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना हो या फिर प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोजगार योजना, पहले दिन से ही गरीबों और श्रमिकों के भोजन और रोजग़ार की चिंता की गई। कोनोरा से निपटने की अपनी रणनीति में गरीबों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। करीब 80 करोड़ लोगों को अनाज, 8 करोड़ लोगों को गैस, 20 करोड़ से अधिक लोगों के जनधन बैंक खातों में 30 हज़ार करोड़ जमा किये गए। कल ही भारत ने 50 करोड़ वैक्सीन डोज लगाने के बहुत अहम पड़ाव को पार किया है।


दुनिया में ऐसे अनेक देश हैं, जिनकी कुल जनसंख्या से भी अधिक टीके भारत एक सप्ताह में लगा रहा है। ये नए भारत का, आत्मनिर्भर होते भारत का नया सामथ्र्य है। आपदा कोई भी हो, उसका असर बहुत व्यापक होता है, दूरगामी होता है। कोरोना के कारण पूरी मानवता पर 100 साल में सबसे बड़ी आपदा आई है। पिछले 100 साल में दुनिया के किसी देश ने ऐसी आपदा नहीं देखी। आजीविका पर दुनियाभर में आए इस संकट काल में ये निरंतर सुनिश्चित किया जा रहा है कि भारत में कम से कम नुकसान हो। इसके लिए बीते साल मे अनेक कदम उठाए गए हैं और निरंतर उठाए जा रहे हैं। छोटे, लघु, सूक्ष्म उद्योगों को अपना काम जारी रखने के लिए लाखों करोड़ रुपए की मदद उपलब्ध कराई गई है।

कांगे्रस सरकार को आड़े हाथों लिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2003 से पहले प्रदेश में सत्ता में रही कांगे्रस सरकार का बिना नाम लिए आड़े हाथों लेते हुए कहा कि मुझे याद है प्रदेश की सड़कों की क्या हालत होती थी। यहां से कितने बड़े-बड़े घोटालों की खबरें आती थी आज एमपी के शहर स्वच्छता और विकास के नए प्रतिमान गण रहे हैं। आज अगर सरकार की योजनाएं जमीन पर तेज़ी से पहुंच रही हैं, लागू हो रही हैं तो इसके पीछे सरकार के कामकाज में आया परिवर्तन है। पहले की सरकारी व्यवस्था में एक विकृति थी। आज अगर सरकार की योजनाएं जमीन पर तेजी से पहुंच रही हैं, लागू हो रही है तो इसके पीछे सरकार के कामकाज में आया परिवर्तन है।

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