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विकराल हुआ कोरोना संकट, प्रधानमंत्री कल करेंगे हालात की समीक्षा, बंगाल में होने वाली रैलियां रद्द कीं

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नई दिल्‍ली। देश में कोरोना महामारी ने विकराल रूप अख्तियार कर लिया है। देश में जारी मौजूदा कोरोना संकट को देखते हुए प्रधानमंत्री ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। प्रधानमंत्री शुक्रवार को कोरोना महामारी के चलते पैदा हुए हालात की समीक्षा करेंगे। इसकी जानकारी उन्‍होंने ट्वीट करके दी है। यही नहीं पीएम मोदी ने बंगाल में शुक्रवार को होने वाली अपनी सभी रैलियों को रद्द कर दिया है। मालूम हो कि केंद्र सरकार ने महामारी की भयावहता को देखते हुए कठोर आपदा प्रबंधन कानून 2005 को भी लागू कर दिया है।


प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा, ‘कल मैं कोरोना महामारी के चलते पैदा हुए हालात की समीक्षा करने के लिए उच्चस्तरीय बैठकों की अध्यक्षता करूंगा, इस वजह से मैं पश्चिम बंगाल नहीं जाऊंगा।’ इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने देश में ऑक्सीजन की उपलब्धता और इसकी आपूर्ति को लेकर गुरुवार को वरिष्‍ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस दौरान पीएम मोदी ने ऑक्सीजन की उपलब्धता बढ़ाए जाने के रास्तों और विकल्पों पर बातचीत की। बैठक में कैबिनेट सचिव, प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव, गृह सचिव, स्वास्थ्य सहित अन्य मंत्रालयों और नीति आयोग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

मालूम हो कि देश में गुरुवार को बीते 24 घंटों के दौरान 3.14 लाख से अधिक कोरोना के नए मामले दर्ज किए गए। यह आंकड़ा देश में महामारी की भयावहता को दर्शाता है। एक समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक किसी भी देश में एक दिन में संक्रमण के इतने ज्यादा मामले आने का यह नया रिकार्ड है। इसके साथ ही देश में अब तक कोरोना से संक्रमित होने वालों का आंकड़ा 1,59,30,965 तक पहुंच गया है। महामारी की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि देश में कोरोना के 22.91 लाख से अधिक सक्रिय मामले हैं।

उल्‍लेखनीय है कि पीएम मोदी यह बैठक ऐसे वक्‍त में कर रहे हैं जब कोरोना संक्रमण के चलते हालात बेकाबू हो गए हैं। देश के कई हिस्‍सों से अस्‍पतालों में ऑक्‍सीजन की किल्‍लत की खबरें आ रही हैं। यही नहीं देश के चिकित्‍सा विशेषज्ञ सरकार से तुरंत कोई बड़ा और सख्‍त कदम उठाने का सुझाव दे रहे हैं। इतना ही नहीं सुप्रीम कोर्ट ने देश में मौजूदा कोरोना संकट को राष्ट्रीय आपातकाल करार दिया है। यही नहीं हजारों टन ऑक्सीजन के उत्पादन और रोगियों के लिए इसकी नि:शुल्क आपूर्ति जैसे आधार पर तमिलनाडु के तूतीकोरिन स्थित स्टरलाइट कॉपर इकाई को खोलने के वेदांता समूह के आग्रह पर सुनवाई को सहमत हो गया है।

यही नहीं, दिल्‍ली हाईकोर्ट ने भी केंद्र को निर्देश दिया है कि वह सुनिश्चित करे कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्‍ली को आवंटन आदेश के अनुरूप निर्बाध रूप से ऑक्सीजन की आपूर्ति कराई जाएगी। अदालत ने बड़े तल्‍ख लहजे में कहा कि केंद्र के ऑक्सीजन आवंटन आदेश का कड़ा अनुपालन किया जाना चाहिए। ऐसा नहीं करने पर आपराधिक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। अदालत ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह ऑक्सीजन ला रहे वाहनों को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराए। साथ ही इसके लिए एक डेडिके‍टेड कॉरिडोर को स्थापित करे। अदालत ने कहा कि ऑक्सीजन की हवाई मार्ग से आपूर्ति बेहद खतरनाक है। इसे रेल या सड़क मार्ग से कराया जाना चाहिए।

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