Home खास ख़बरें कोरोना की वैक्सीन लगवा चुके लोगों में अस्पताल में भर्ती होने की...

कोरोना की वैक्सीन लगवा चुके लोगों में अस्पताल में भर्ती होने की संभवाना 75 से 80 फीसद है कम: डॉ वीके पॉल

31
0

नई दिल्ली। देश में कोरोना के मामलों की जानकारी देते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि तीन मई से रिकवरी दर में वृद्धि देखी जा रही है, जो कि अब 96 फीसद हो गई है। कोरोना के सक्रिय मामलों में गिरावट दर्ज हुई है। 11 जून से 17 जून के बीच देश के 513 जिलों में कोरोना के कुल पॉजिटिव मामले पांच फीसद से कम थे।

इसके साथ ही नीति आयोग के स्वास्थ्य सदस्य डॉ वीके पॉल ने बताया कि अध्ययनों से पता चलता है कि कोरोन की वैक्सीन लगवा चुके व्यक्तियों में अस्पताल में भर्ती होने की संभावना 75-80 फीसद कम होती है। ऐसे व्यक्तियों को ऑक्सीजन समर्थन की आवश्यकता होने की संभावना लगभग 8 फीसद है और टीकाकरण वाले व्यक्तियों में आईसीयू में प्रवेश का जोखिम केवल 6 फीसद है।

डॉक्टर वीके पॉल ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों में सेरोपोसिटिविटी दर 56 फीसद और 18 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों में 63 फीसद है। जानकारी से पता चलता है कि बच्चे संक्रमित थे लेकिन यह बहुत हल्का था। बच्चों में संक्रमण के केवल अलग-अलग मामले हो सकते हैं।

उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएचओ और एम्स के सर्वेक्षण से पता चलता है कि 18 वर्ष से कम और 18 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों में सेरोपोसिटिविटी लगभग बराबर है। 18 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों में, 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों में सेरोपोसिटिविटी दर 67 फीसद और 59 फीसद है। शहरी क्षेत्रों में, यह 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों में 78 फीसद और 18 वर्ष से ऊपर के व्यक्तियों में 79 फीसद है।

पिछले 3 दिनों में सक्रिय मामलों में 1,14,000 की आई कमी

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त स्वास्थ्य सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि पिछले 24 घंटे में देश में कोरोना के 62,480 नए मामले सामने आए हैं। पिछले 11 दिनों से एक लाख से कम मामले रिपोर्ट हो रहे हैं। कोरोना मामलों के पीक में 85 फीसद की कमी देखी गई है।

पिछले 24 घंटे में सक्रिय मामलों की संख्या घटकर 7,98,656 हो गई है। पिछले 3 दिन में सक्रिय मामलों में 1,14,000 की कमी आई है। अब रिकवरी दर बढ़कर 96 फीसद हो गई है। हम हर रोज 18.4 लाख कोरोना टेस्ट कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि देश में अब तक 22 करोड़ से अधिक लोगों को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लग गई है और 5 करोड़ से अधिक दूसरी डोज लगाई गई है।

कोरोना की तीसरी लहर में बच्चे ज्यादा नहीं होंगे प्रभावित

कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों को ज्यादा कोरोना प्रभावित होने के सवाल पर लव अग्रवाल ने कहा कि यह सच नहीं हो सकता है कि तीसरी लहर में बच्चे अनुपातहीन रूप से प्रभावित होंगे, क्योंकि सीरो सर्वे से पता चलता है कि सभी आयु समूहों में सेरोपोसिटिविटी लगभग समान थी, लेकिन सरकार तैयारियों में कोई कसर नहीं छोड़ रही है।

Previous articleमूल्यनिष्ठ पत्रकारिता के प्रतीक
Next articleअलर्ट! भारत में अक्टूबर तक दस्तक दे सकती है कोरोना की तीसरी लहर, स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here