Home खास ख़बरें रातभर सो नहीं पाते सुशील कुमार, मांगा पहलवानों वाला खाना

रातभर सो नहीं पाते सुशील कुमार, मांगा पहलवानों वाला खाना

10
0

नई दिल्ली। जूनियर पहलवान सागर धनखड़ की हत्या के मामले में जेल में बंद सुशील कुमार लगातार जान का डर सता रहा है। सुशील को कोर्ट ने अब जेल भेज दिया है, जिसके बाद डर और भी ज्यादा बढ़ गया है।

वहीं, पूर्वी दिल्ली स्थित मंडोली जेल संख्या-15 में बंद सुशील कुमार की अकड़ वहां भी कम नहीं हो रही है। जेल में उसकी पहली रात करवटें बदलते हुए गुजरीं। मच्छरों ने उसे काफी परेशान किया। वह जेल का खाना खाने को तैयार नहीं है और अपने डाइट प्लान का खाना मांग रहा है। वह पुलिस के सख्त पहरे में है।

सुशील कुमार 14 दिन तक जेल में बने क्वारंटाइन सेंटर में रहेगा। फिलहाल सेंटर में वह अकेला है। सूत्रों का कहना है कि अगर उसमें कोरोना के किसी तरह के लक्षण नजर नहीं आते हैं तो जेल प्रशासन तय करेगा कि उसे किस जेल में रखा जाएगा।

अधिकारियों के अनुसार सुशील जेल के अंदर भी पहलवानों वाले डाइट प्लान का खाना मांग रहा है। बताते हैं कि अकेलेपन से उसका दम घुट रहा है। वह जमीन पर बैठकर समय बिता रहा है। उसे अपनी जान का खतरा सता रहा है। मंडोली जेल में कई ऐसे गैंगस्टर बंद हैं, जिनसे सुशील की बनती नहीं है।

यह था मामला

सुशील कुमार और उसके साथियों ने संपत्ति विवाद को लेकर चार मई की रात को छत्रसाल स्टेडियम में सागर धनखड़ और उनके दो दोस्तों सोनू महल और अमित कुमार के साथ मारपीट की और बाद में सागर की हत्या कर फरार हो गए थे।

पुलिस ने सुशील पर एक लाख रुपये का इनाम रख दिया था। 23 मई को उसे मुंडका से गिरफ्तार कर लिया गया। अदालत ने शुरू में उसे दस दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया था, जिसे चार दिन और बढ़ा दिया गया था। इसके बाद दो जून को उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

सागर हत्याकांड के गवाह की सुरक्षा की बढ़ी चिंता

वहीं, पहलवान सागर धनखड़ हत्याकांड के एक गवाह की सुरक्षा का मसला दिल्ली हाई कोर्ट पहुंच गया है। ओलंपियन सुशील कुमार इस मामले में मुख्य आरोपित है। इस संबंध में दायर याचिका पर हाई कोर्ट ने गवाह को संरक्षण देने के लिए संरक्षण योजना-2018 के तहत कदम उठाने का राज्य सरकार को निर्देश दिया है।

न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत की पीठ ने कहा कि सरकार एक सप्ताह के अंदर योजना बनाकर सक्षम प्राधिकारी के समक्ष आवेदन दायर करे और जब तक उस पर निर्णय नहीं हो जाता पुलिस गवाह को सुरक्षा प्रदान करेगी।

अधिवक्ता अजय कुमार पिपनिया और पल्लवी पिपनिया के माध्यम से दायर याचिका में गवाह ने आरोप लगाया है कि छत्रसाल स्टेडियम में हुई घटना के दौरान सुशील कुमार ने उसे भी पीटा था।

उन्होंने दावा किया कि सुशील के संबंध कई कुख्यात गैंगस्टर से हैं और उसे भी मारा जा सकता है। बयान या गवाही देने को लेकर लगातार उसके माता-पिता को धमकाया जा रहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here