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सावरकर ने कभी माफी नहीं मांगी, वो हमारे आदर्श हैं और रहेंगे : संजय राउत

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सावरकर को लेकर राजनाथ के बयान के समर्थन में उतरी शिवसेना

एजेंसी, नई दिल्ली

मंगलवार को दिल्ली में महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वीर सावरकर पर लिखी पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा था कि आजादी के बाद वीर सावरकर को बदनाम करने की मुहिम चली। इसके बाद वीर सावरकर को लेकर कई और लोगों ने जोरदार प्रतिक्रिया दी है। इसी मामले में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि वीर सावरकर ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के कहने पर दया याचिका प्रस्तुत की थी। बुधवार को शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान का समर्थन किया है।

संजय राउत ने वीर सावरकर को लेकर कहा कि कहा कि राजनीति और कैद के दौरान अलग ही रणनीति अपनाई जाती है। अगर सावरकर ने ऐसी कोई रणनीति अपनाई तो फिर उसे माफी मांगना नहीं कहा जा सकता। राउत ने कहा कि वीर सावरकर ने कभी भी अंग्रेजों से माफी नहीं मांगी थी। वो हमारे आदर्श हैं और आदर्श रहेंगे। उन्होंने कहा कि एक ऐसा स्वतंत्रता सेनानी जो एक दशक से ज्यादा समय तक जेल में रहा हो, वह अपने मकसद को पूर्ण करने के लिए रणनीति अपना सकता है ताकि जेल से बाहर आए। उन्होंने कभी माफी नहीं मांगी थी।

राकेश सिन्हा ने कांगे्रस पर साधा निशाना

सावरकर को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान पर विपक्ष के हमले के बीच भाजपा सांसद राकेश सिन्हा ने राजनाथ के बयान का समर्थन किया है। भाजपा सांसद ने अपने ट्वीट में कहा, कांग्रेस सावरकर जी का विरोध करती है, जो ब्रिटिश प्रशासन के साथ कभी नहीं जुड़े और मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान का उदाहरण प्रस्तुत किया। बहरहाल, कुछ लोग माउंटबेटन के घर पर नियमित रूप से रात्रिभोज करते थे।

हजारों लोगों को भुला दिया गया

सावरकर के पोते रंजीत सावरकर ने इस पूरे मामले में बयान देते हुए कहा कि मुझे नहीं लगता गांधी राष्ट्रपिता हैं। भारत जैसे देश में कोई एक राष्ट्रपिता नहीं हो सकता है, यहां हजारों ऐसे हैं जिन्हें भुला दिया गया है। ज्ञात हो कि राजनाथ सिंह ने मंगलवार को सावरकर पर लिखी एक किताब के विमोचन कार्यक्रम के दौरान कहा था कि महात्मा गांधी के कहने पर वीर सावरकर ने अंग्रेजी शासन को दया याचिका दी थी।

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