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फूलों की वर्षा, भारत माता के जयकारों के बीच सैन्‍य सम्‍मान के साथ नम आंखों से अभिनव को अंतिम विदाई

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बागपत। मिग-21 विमान क्रैश में मेरठ के रहने वाले व बागपत के मूल निवासी फाइटर पायलट अभिनव चौधरी की मौत हो गई थी। शनिवार को जब इनका शव मेरठ स्थित घर पर पहुंचा तो अंतिम दर्शन को लोग जमा हो गए। आंखो में आंसू व दिल में दर्द लिए लोगों ने अभिनव को अंतिम विदाई दी। परिजनों का तो रो-रोकर हाल बेहाल था।

पत्‍नी व माता-पिता के आंखों से आंसू नहीं दर्द की बूंद निकल रहे थे। परिवार के कई सदस्‍य तो मुर्छित अवस्‍था में जमीन पर गिर पड़े। लोगों ने परिजनों को सहारा दिया। जिसके बाद एयरफोर्स के जवानों के साथ मेरठ से बागपत में पैतृक गांव के लिए परिजनों संग पार्थिव शव को रवाना कर दिया गया।


पैतृक गांव पुसरा में हुआ शहीद अभिनव चौधरी का अंतिम संस्‍कार

पैतृक गांव में शहीद के अंतिम संस्‍कार होने की सूचना से पर प्रशासनिक अधिकारियों समेत क्षेत्र के कई नेता व विधायक मौके पर पहुंचे हुए थे। लोग भी अपने घर की छतों व दरवाजे से शहीद के अंतिम दर्शन को जमा हुए थे। नम आंखें में दर्द लिए लोगों के मन में यह भी कसक था कि वे कभी भी अब अभिनव को नहीं देख पाएंगे। मेरठ से बागपत के गांव में पार्थिव शव पहुंचते ही लोगों की भीड़ शहीद को देखने के लिए जमा हुई। थोड़ी देर बाद शहीद अभिनव चौधरी के शव को श्‍मशान ले जाया गया। वहां नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। जिसके बाद सैन्‍य सम्‍मान के साथ शहीद अभिनव चौधरी का अंतिम संस्‍कार कर दिया गया।


पुष्‍प की वर्षा से नमन, लगे भारत माता के जयकारे

बड़ौत के पुसार गांव में शहीद का पार्थिव शव पहुंचने से पहले ही दरवाजे व घर की छतों पर अपनी आंखों में दर्द व हाथों में पुष्‍प लिए लोग खड़े थे। पार्थिव शव पहुंचा तो ग्रामीणों ने फूलों की वर्षा कर शहीद को नमन किया। शवयात्रा को नमन कर भारत माता की जय व जब तक सूरज चांद रहेगा अभिनव तेरा नाम रहेगा, के लगाए। पार्थिव शरीर जब घर पहुंचा तो अंतिम दर्शन को भीड़ उमड़ पड़ी। जिसके बाद शहीद अभिनव के पार्थिव शरीर को घर से श्मशान घाट लेकर पहुचे। इस दौरान भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत व विधायक सहेंद्र रमाला व योगेश धामा भी पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की।

शहीद पायलट अभिनव चौधरी ने सिर्फ 1 रुपया लेकर की थी शादी, खूब हुई थी सराहना; शहादत से पसरा मातम


पंजाब के मोगा में हुए देर रात विमान क्रैश में मेरठ के गंगानगर निवासी फायटर पायलट अभिनव चौधरी की मौत हो गई। मौत की सूचना से शहर में शोक की लहर दौड़ पड़ी। अभिनव का परिवार मूल रूप से बागपत का रहने वाला है। उन्‍होने 25 दिसंबर 2019 को शादी की थी। वायु सेना में फाइटर पायलट अभिनव चौधरी ने लगन-सगाई में सिर्फ एक रुपया लेकर दहेजलोभियों को करारा तमाचा जड़ा था। मोटे दहेज वाले रिश्ते ठुकराकर उन्होंने और उनके परिवार ने मिसाल कायम करने के साथ समाज में भी सकारात्मक संदेश दिया था। इनके इस कदम से इनकी खूब सराहना हुई थी। इनके शहादत से कोहराम मचा हुआ है।


केवल एक रुपया स्‍वीकार


गंगासागर कॉलोनी स्थित आवास पर अभिनव की लगन-सगाई हुई तो पिता सतेंद्र चौधरी ने कन्या पक्ष से रस्म के तौर पर केवल एक रुपया ही स्वीकार किया था। सतेंद्र का मानना था कि शादी में दहेज की कोई भूमिका नहीं होनी चाहिए। दहेज दो परिवारों को जोड़ने का जरिया नहीं है। इस कुप्रथा पर पूर्ण रोक लगनी चाहिए।


छोटी उम्र में ही दिख गयी थी उड़ने की चाहत

पढ़ाई लिखाई में अभिनव शुरू से ही बेहद होनहार रहे हैं। पढ़ाई के अलावा भी उनकी रूचि तरह तरह के खेलों व अन्य गतिविधियों में रही है। मेरठ में ही रहने के दौरान पांचवी तक की पढ़ाई ट्रांसलेट एकेडमी में हुई थी। इसके बाद कक्षा 6 से 12वीं तक की पढ़ाई राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कालेज देहरादून में हुई। आरआईएमसी में देश भर से चुनिंदा बच्चों को ही प्रवेश मिलता है, लेकिन पहले ही प्रयास में अभिनव को इस कालेज में चयन हो जाने के बाद परिवार को भी यह समझ में आने लगा था कि बेटा ऊंची उड़ान की ओर आगे बढ़ रहा है।


पहली पोस्टिंग हुई थी पठानकोट

हतोत्साहित करने के बजाय पिता सत्येंद्र चौधरी सहित सभी ने प्रोत्साहित किया और आरआईएमसी देहरादून में प्रवेश करा दिया। वहीं रहते हुए पढ़ने के दौरान अभिनव पढ़ाई को आत्मसात करने के साथ ही फौजी जीवन को भी अपनाना शुरू कर दिया था। वहां से निकलकर एनडीए पहुंचे और एनडीए के बाद एयर फोर्स अकेडमी की ट्रेनिंग पूरी कर 2014 में वायु सेना में भर्ती हुए। पुणे में एनडीए की ट्रेनिंग और पढ़ाई के बाद हैदराबाद में एयर फोर्स अकेडमी में अफसर बनने का प्रशिक्षण पूरा किया। अभिनव को पहली पोस्टिंग पठानकोट एयरबेस में मिली थी। अभिनव के पिता सत्येंद्र चौधरी के अनुसार अभिनव अभिनंदन के पसंदीदा अफसरों में से एक थे। अभिनंदन उनसे सीनियर थे लेकिन साथ में पोस्टिंग में रहे और एक साथ काम भी किया।


एक घंटे तक नहीं चला था पता

स्वजनों से मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार रात करीब 11:00 से 11:30 के बीच यह घटना घटी थी। सूरतगढ़ राजस्थान में वर्तमान पोस्टिंग व ट्रेनिंग के दौरान वह ट्रेनिंग प्लेन उड़ाने के लिए निकले थे। उड़ान के बाद ही उनका संपर्क एयरफ़ोर्स से टूट गया था खोजबीन के दौरान 1 घंटे तक कोई संपर्क नहीं रहा। इसी बीच पता चला कि भटिंडा और लुधियाना के बीच किसी गांव में उनका प्लेन दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। हालांकि परिवार को अभी तक यह जानकारी नहीं मिली है कि प्लेन क्रैश होने और अभिनव के दुर्घटनाग्रस्त होने का सटीक कारण क्या है। अभिनव के सिर पर चोट की जानकारी दी गयी है।

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