इलेक्ट्रिक वाहनों से जुड़ी समस्याएं दूर करेगा पोर्टल

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  • भारत ने लॉन्च की ई-अमृत वेबसाइट

एजेंसी, नई दिल्ली

केंद्र सरकार ने स्कॉटलैंड के ग्लासगो में चल रहे संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए एक वेब पोर्टल लॉन्च किया है। नीति आयोग ने एक बयान में कहा कि ई-अमृत वेबसाइट इलेक्ट्रिक वाहनों से जुड़ी सभी जानकारियां जैसे उनकी खरीद, निवेश के अवसरों, नीतियों और सब्सिडी के लिए वन-स्टॉप डेस्टिनेशन होगी। वेब पोर्टल इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने से जुड़े मिथकों का भी पर्दाफाश करेगा।

यह अनिवार्य रूप से इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के फायदों पर उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए सरकार द्वारा की जा रही सभी पहलों का पूरक होगा। नीति आयोग का इरादा ई-अमृत पोर्टल को ज्यादा संवादात्मक और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाने के लिए इसमें और ज्यादा फीचर्स जोडऩे और इनोवेटिव टूल्स पेश करने का है।

ई-अमृत पोर्टल को यूके सरकार के साथ सहयोगात्मक ज्ञान विनिमय कार्यक्रम के तहत नीति आयोग द्वारा विकसित और होस्ट किया गया है। यह यूके-भारत संयुक्त रोडमैप 2030 का एक हिस्सा है जिस पर दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने हस्ताक्षर किए हैं। पोर्टल के लॉन्च में यूके के हाई-लेवल क्लाइमेट एक्शन चैंपियन निगेल टॉपिंग और नीति आयोग के सलाहकार सुधेंदु ज्योति सिन्हा ने भाग लिया।

प्रदूषण रोकने ईवी को बढ़ावा

हाल के दिनों में, देश ने परिवहन के डीकार्बोनाइजेशन और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को अपनाने से इलेक्ट्रिक भविष्य की ओर बदलाव में तेजी लाने के लिए कई पहल की है। फेम और पीएलआई जैसी योजनाएं इलेक्ट्रिक वाहनों को जल्दी अपनाने के लिए एक इकोसिस्टम बनाने में खासतौर पर महत्वपूर्ण रही हैं।

राज्यों की ई-वाहन नीति

विभिन्न भारतीय राज्यों ने अपनी इलेक्ट्रिक वाहन नीतियां शुरू की हैं, जिनमें इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स, थ्री-व्हीलर्स और फोर-व्हीलर्स की खरीद के लिए सब्सिडी शामिल है। राज्यों ने इलेक्ट्रिक वाहनों को रजिस्ट्रेशन शुल्क और रोड टैक्स से भी छूट दी है। दिल्ली अपनी इलेक्ट्रिक वाहन नीति को सफलतापूर्वक लागू करने में सबसे आगे रही है। शहर ने पिछले कुछ महीनों में इलेक्ट्रिक वाहनों के रजिस्ट्रेशन में तेजी देखी है और अब अपनी नीति से सब्सिडी का लाभ वापस ले लिया है।

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