ओमिक्रॉन: देश में खतरे की दस्तक

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  • र्नाटक में दक्षिण अफ्रीका से आए दो विदेशियों में मिला नया वैरिएंट
  • 29 देशों में अब तक ओमिक्रॉन वैरिएंट के 373 मामले दर्ज किए गए
  • दुनियाभर में अधिकतर ओमिक्रॉन संक्रमित युवा वर्ग के लोग
  • 37 प्रयोगशालाएं देशभर में जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए शुरू


एजेंसी, नई दिल्ली

पिछले 24 घंटे में देश में ओमिक्रॉन के दो मामले सामने आए हैं। दोनों मामले कर्नाटक में मिले हैं। दोनों ही मामले दक्षिण अफ्रीका से आए हुए नागरिकों में सामने आए हैं। इसकी पुष्टि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार सुबह की है। सरकार ने इससे भयभीत नहीं होने की अपील की है। साथ ही कोरोना प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन करने की अपील की है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इनमें एक संक्रमित की उम्र 66 और दूसरे की 46 साल है। उनके सभी संपर्कों की पहचान कर ली गई है और उनकी निगरानी की जा रही है। प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है। इनकी रिपोर्ट बुधवार को देर रात मिली। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि हमें डर या भय का माहौल नहीं बनाना है। कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए वैक्सीन को अपनाना है। सरकार हालात पर नजर बनाए हुए है। आईसीएमआर के डीजी बलराम भार्गव ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा स्थापित 37 प्रयोगशालाओं के इंसाकॉग कंसोर्टियम के जीनोम सीक्वेंसिंग के जरिए कर्नाटक में अब तक ओमिक्रॉन के दो मामलों का पता चला है।

गंभीर लक्षण नहीं मिले

स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि ओमिक्रॉन वैरिएंट का अब तक कोई गंभीर लक्षण नहीं मिला है। सभी ओमिक्रॉन संबंधित मामलों में अब तक हल्के लक्षण पाए गए हैं। देश और दुनिया भर में अब तक ऐसे सभी मामलों में कोई गंभीर लक्षण नहीं दिखा है। डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि सामने आ रहे सबूतों का अध्ययन किया जा रहा है। अग्रवाल ने कहा कि जोखिम वाले देशों से आने वाले यात्रियों को भारत आने पर आरटी-पीसीआर टेस्ट से गुजरना होगा। यदि कोरोना संक्रमित पाए जाते हैं तो उनका इलाज प्रोटोकॉल के तहत किया जाएगा। यदि संक्रमित नहीं पाए गए तो 7 दिनों के लिए होम क्वारेंटाइन का पालन करेंगे। 

आपात बैठक में कड़े निर्देश

मामले सामने आने के बाद भारत सरकार ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। केंद्र ने हाई रिस्क श्रेणी वाले देशों से आने वाले लोगों के लिए एयरपोर्ट पर आरटी पीसीआर टेस्ट कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं, सरकार ने ओमिक्रॉन को लेकर राज्यों को भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। हालांकि, राज्यों की ओर से भी सख्ती बरती जा रही है। केंद्र और राज्य के इन्हीं कदमों में सामंजस्य बिठाने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने गुरुवार को राज्यों के साथ कोरोना की गाइडलाइंस को लेकर चर्चा की।

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री ने हवाई अड्डे और बंदरगाह के स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ-साथ अन्य अधिकारियों के साथ भी अहम बैठक की। इसमें नए कोरोनोवायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन पर चिंताओं के बीच स्क्रीनिंग और निगरानी पर मंत्रणा की गई। इस दौरान सभी राज्यों से कहा गया कि संक्रमित पाए जाने वाले सभी यात्रियों के सैंपल बिना देरी के जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजे जाने चाहिए। इसके साथ ही राज्य अगले 14 दिन तक संक्रमितों की मॉनिटरिंग करे।

इम्यून रिस्पांस पर बेअसर

  • डेल्टा वैरिएंट से 6 गुणा ज्यादा ताकतवर
  • मोनोक्लोन एंटीबॉडी थैरेपी पर बेअसर
  • ओमिकॉन के अब तक मिले 50 म्यूटेशन
  • स्पाइक प्रोटीन म्यूटेशन से वैक्सीन को झांसा देने में सक्षम
  • नेचुरल इंफेक्शन से होने वाले इम्यून रिस्पांस पर हो सकता है बेअसर

ओमिक्रॉन के लक्षण

हल्का बुखार, मांसपेशियों में दर्द, गले में खराश, सिर दर्द, थकान, खुशबू और स्वाद नहीं जाते, कुछ लोगों में एसिम्प्टोमेटिक

ये सावधानियां जरूरी

  • मास्क पहनकर ही घर से बाहर निकलें
  • बार-बार हाथों को साबून से धोएं
  • सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें
  • भीड़ वाली जगह पर

जाने से बचें

  • बीमार बुजुर्ग लोगों से दूरी बनाएं
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