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आतंकी घटना में कमी से कश्मीर में सामान्य हो रही स्थिति, अमरनाथ यात्रा के लिए सेना तैयार

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  • पाकिस्तान से शांति-समझौते के 100 दिन पूरे होने पर एलओसी पहुंचे नरवणे
  • स्थितियां अनुकूल होने पर एलओसी से घटाई जा सकती है सैनिकों की संख्या

श्रीनगर। भारत-पाकिस्तान के बीच एलओसी पर शांति-समझौते के 100 दिन पूरे होने पर गुरुवार को भारतीय सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने कहा कि फिलहाल संघर्ष विराम जारी है, जिसे सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी पाकिस्तान पर है। कश्मीर के अपने दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन एमएम नरवणे ने नियंत्रण रेखा पर सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। दौरे के पहले दिन उन्होंने सैन्य कमांडरों और उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात की थी। सेना प्रमुख ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में आतंकवादी घटनाओं में कमी आई है। पथराव के मामले भी कम हुए हैं। यह जम्मू-कश्मीर में सामान्य स्थिति की वापसी का संकेत देता है।

मीडिया को संबोधित करते हुए जनरल नरवणे ने कहा कि सेना तैयार है और अमरनाथ यात्रा के सुचारू संचालन के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा, आतंकवादी घटनाओं में बहुत कमी आई है। पथराव के मामले भी कम हुए हैं। ये सामान्य स्थिति की ओर लौटने का संकेत देते हैं। लोग भी वही चाहते हैं और यह एक अच्छी बात है।

सामान्य स्थिति में वापसी के इस संदर्भ में हम हमारी तरफ से तैयार हैं। हमने अमरनाथ यात्रा को सुचारू रूप से चलाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए हैं। लंबे समय के बाद, हम एक ऐसी स्थिति में पहुंचे हैं जहां शांति बनी रहती है। युवाओं को मेरा संदेश है कि अगर शांति है, तो हम विकास कर सकते हैं, तभी हम एक साथ समृद्ध हो सकते हैं। हिंसा के इस रास्ते को छोड़ कर बेहतर भविष्य को अपनाएं।

संघर्ष विराम सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी पाकिस्तान पर : सेना प्रमुख

भारत और पाकिस्तान के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन्स (डीजीएमओ) के बीच इसी साल हॉटलाइन पर बातचीत के बाद 24/25 फरवरी की मध्य रात्रि से सीजफायर का समझौता लागू करने पर सहमति बनी थी। इसके बाद से सीमा पर ना तो फायरिंग हुई और ना ही गोलाबारी की कोई घटना सामने आई लेकिन समझौते के तीन माह पूरे होने पर सेना अध्यक्ष दो दिवसीय दौरे पर बुधवार को कश्मीर घाटी पहुंचे हैं। इस संघर्ष विराम समझौते के 100वें दिन सेना प्रमुख ने गुरुवार को संघर्ष विराम को लेकर रुख साफ किया।

उन्होंने कहा कि अगर स्थितियां अनुमति देंगी तो जम्मू-कश्मीर में सैनिकों की संख्या कम की जा सकती है। फिलहाल संघर्ष विराम जारी है जिसे सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी पाकिस्तान पर है। स्थानीय कमांडरों ने उन्हें मौजूदा सुरक्षा स्थिति और आतंकवादियों की घुसपैठ रोकने के लिए किए गए उपायों के बारे में जानकारी दी।

सेना प्रमुख ने सैनिकों के साथ भी बातचीत की और उनके उच्च मनोबल और परिचालन तैयारियों की उच्च स्थिति के लिए उनकी सराहना की। हालात का जायजा लेने के बाद सेना अध्यक्ष ने सुरक्षा और कोरोना महामारी के मोर्चों पर डटे जवानों की पीठ थपथपाई। सैनिकों के साथ बातचीत करते हुए जनरल नरवणे ने उन जवानों और कमांडरों की सराहना की, जो पाकिस्तान की दोहरी चुनौतियों, आतंकवाद और वैश्विक महामारी से लगातार जूझ रहे हैं।

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