Home खास ख़बरें निजता के अधिकार में छेड़छाड़ और राष्ट्रीय सुरक्षा से कोई समझौता नहीं...

निजता के अधिकार में छेड़छाड़ और राष्ट्रीय सुरक्षा से कोई समझौता नहीं : रविशंकर प्रसाद

17
0
  • सोशल मीडिया के नियमों पर सरकार ने दी सफाई

नई दिल्ली, ब्यूरो

सोशल मीडिया को लेकर उठे विवाद में सियासत तेज होती देख सरकार की ओर से सफाई आ गई है। सरकार ने साफ कर दिया कि निजता के अधिकार में कोई दखलअंदाजी नहीं होगी। साथ ही सरकार ने यह भी साफ कर दिया कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। ऐसे में ट्विटर पर कंटेट को लेकर सोशल मीडिया की इस कंपनी को सजग रहना होगा।

सरकार ने निजता के अधिकार को मौलिक अधिकार माना है। इस बाबत केंद्रीय संचार व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सोशल मीडिया के नए नियमों में निजता के अधिकार को उल्लंघन नहीं किया जाएगा। लेकिन सरकार यह भी ध्यान रखेगी कि राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर कानून व व्यवस्था से कोई खिलवाड़ न हो। उन्होंने कहा कि सभी स्थापित न्यायिक सिद्धांतों के अनुसार, निजता के अधिकार सहित कोई भी मौलिक अधिकार पूर्ण नहीं हैं और यह उचित प्रतिबंधों के अधीन है।

सरकार की आज से लागू होने वाली इस नई नियमावली से व्हाट्सएप इस्तेमाल करने वाले लोगों को कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। सरकार ने सोशल मीडिया को लेकर कुछ नियमावली बनाई है, जो आज से लागू हो गई है। यह नियमावली राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से जरूरी है। सोशल मीडिया से संबंधित भारत सरकार की ऐसी नियमावली विदेशों में भी प्रचलित है। सरकार ने इसके लिए ब्रिटेन, अमेरिका, आस्ट्रेलिया, कनाडा जैसे देशों का उदाहरण दिया। इसलिए व्हाट्सएप द्वारा यह कहा जाना कि भारत सरकार ने जो नए नियम बनाए है, उससे ग्राहक के निजता का उल्लंघन होगा, पूरी तरह से गलत है।

नए नियमों का व्हाट्सएप पर होगा ज्यादा असर

भारत में निजता के अधिकार को मौलिक अधिकार का दर्जा प्राप्त है, लेकिन उसमें नियमावली 4 (2) के तहत कुछ बंदिशों का भी प्रावधान है। सरकार द्वारा बनाए गए नए नियमावली में सोशल मीडिया कंपनियों को कोई पोस्ट सबसे पहले किसने किया, पूछने पर बताना होगा। सरकार के इस नियमावली से सबसे ज्यादा प्रभावित व्हाट्सएप होगा। सोशल मीडिया के नए नियमावली पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा है। कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि नई नियमावली विचारों की अभिव्यक्ति और निजता पर हमला है।

सनद रहे कि सरकार के नए डिजिटल नियमों के खिलाफ व्हाट्सएप ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। व्हाट्सएप ने कोर्ट में अपील की है कि नए डिजिटल नियमों पर रोक लगे क्योंकि ये यूजर्स की प्राइवेसी के खिलाफ है। कोर्ट में व्हाट्सएप ने कहा है ये कानून गैर-संवैधानिक है क्योंकि यूजर्स की प्राइवेसी इससे खतरे में आती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here