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काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में जर्जर छात्रावास का हिस्सा ढहा, नीचे सो रहे 2 लोगों की मौत, 7 घायल

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वाराणसी, वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में मंगलवार तड़के 4 बजे हादसा हो गया। यहां ललिता घाट में अधिग्रहित किए गए जर्जर छात्रावास का हिस्सा ढह गया। मलबे में 9 मजदूर दब गए। इनमें से 2 की मौत हो गई, जबकि 7 घायल हैं। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के लिए ललिता घाट स्थित गोयनका छात्रावास का अधिग्रहण किया गया है। बताया जा रहा है कि सोमवार की रात उमस भरी गर्मी के कारण कार्यदायी संस्था के मजदूर इस छात्रावास के जर्जर हिस्से के नीचे सोए हुए थे। कॉरिडोर में तैनात पुलिसकर्मियों ने सभी को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया। हादसे में पश्चिम बंगाल के मालदा जिला के कालिया चक निवासी अब्दुल मोमिन (25) और अमीनुल मोमिन (45) की मौत हो गई। वहीं, इमरान, आरिफ मोमिन, शाहिद अख्तर, सकीउल मोमिन, हाकिम खान और आरिफ मोमिन को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अब्दुल जब्बार के पैर में गहरी चोट है इसलिए उसे अस्पताल में भर्ती किया गया है।
भारी मशीनों के कंपन से गिर रहे जर्जर मकान
स्थानीय लोगों का कहना है कॉरिडोर में लगी भारी मशीनों के कंपन के कारण इलाके के जर्जर मकान गिर रहे हैं। इससे पहले 23 मई को लाहौरी टोला स्थित एक जर्जर मकान की दीवार गिरने से 5 लोग घायल हो गए थे। काशी विश्‍वनाथ कॉरिडोर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट है। यह कॉरिडोर काशी विश्वनाथ मंदिर, मणिकर्णिका घाट और ललिता घाट के बीच 25,000 वर्ग मीटर में बन रहा है। इसके तहत फूड स्ट्रीट, रिवर फ्रंट समेत बनारस की तंग सड़कों के चौड़ीकरण का काम चल रहा है। इस प्रोजेक्ट के पूरे होने के बाद आप गंगा किनारे होकर 50 फीट सड़क से बाबा विश्वनाथ मंदिर जा सकेंगे। इसके अलावा काशी के प्राचीन मंदिरों को संरक्षित किया जाएगा। अभी यहां घनी आबादी क्षेत्र है और भवनों की खरीद और ध्वस्तीकरण का काम तेजी से चल रहा है।

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