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जूडा ने समाप्त की हड़ताल, बोले- मरीजों के हित में लिया फैसला

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सात दिन से कर रहे थे हड़ताल, सरकार ने मांगे मानी, जल्द जारी होंगे आदेश
भोपाल।
स्टायपेंड सहित अन्य मांगों को लेकर सात दिन से हड़ताल कर रहे प्रदेश के जूनियर डॉक्टरों की आज सुबह प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग से चर्चा के बाद हड़ताल समाप्त हो गई है। हड़ताली जूडा का कहना है कि मरीजों के हित में यह निर्णय लिया है। सरकार ने हमारी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया है। सरकार इसके लिए समिति भी बनाई है। जल्द ही मांगों से संबंधित आदेश जारी हो जाएंगे। हालांकि बीती देर रात ही ग्वालियर और रीवा मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर्स ने हड़ताल से खुद को अलग करने का ऐलान कर दिया था। प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने रविवार दोपहर ही पत्रकार वार्ता में कहा था कि हमने जूडा की अधिकांश मांगे मान ली हैं, जल्द ही इस संबंध में आदेश भी जारी हो जाएंगे। लेकिन जूडा पहले इस बात पर अड़े थे कि आदेश जारी होने के बाद ही हड़ताल समाप्त करेंगे।

जानकारी के अनुसार तीन साल से स्टायपेंड नहीं बढ़ाने, सुरक्षा, कोरोना संक्रमित होने पर जूडा के परिजनों को नि:शुल्क इलाज सहित अन्य मांगों को लेकर जूडा हड़ताल पर चले गए थे। सात दिन चली हड़ताल से कई अस्पतालों में मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी। इधर जबलपुर उच्च न्यायालय ने चार दिन पहले ही जूडा की हड़ताल को अवैध करार देते हुए शपथ का पालन करने की हिदायत दी थी। इधर न्यायालय का फैसला नहीं मानने पर सरकार भी सख्त रुख अख्तियार करते हुए करीब 500 जूडा को बर्खास्त करने के आदेश जारी कर बांड की राशि जमा करने का नोटिस थमा दिया था।

उच्च न्यायालय ने प्रदेश में ऐस्मा लगा होने कोरोना जैसी महामारी में हड़ताल को अवैध करार दे दिया था। इसके बाद से ही माना जा रहा था कि जूडा को हड़ताल समाप्त करना होगा। आज सोमवार को न्यायालय के आदेश की अवहेलना कर हड़ताल जारी रखने के मामले में भी सुनवाई संभावित थी। ऐसे में आशंका था कि आज हड़ताल समाप्त नहीं होती तो जूडा पर न्यायालय के आदेश की अवहेलना का मामला भी बन जाता। हालांकि सरकार जूडा की मांगों को सैद्धांतिक रूप से स्वीकार कर लिया है।

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