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जेपी नड्डा ने दिया सरकार और संगठन में समन्वय का मंत्र, कुछ दिन बाद फिर होगा मंथन

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लखनऊ। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने प्रदेश भाजपा को आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सरकार और संगठन के बीच समन्वय का मंत्र दिया है। दिल्ली में बृहस्पतिवार को नड्डा से प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और महामंत्री संगठन सुनील बंसल की बातचीत के बाद यूपी में विधानसभा चुनाव की प्रारंभिक रणनीति का खाका तैयार किया गया। हालांकि रणनीति का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि सामाजिक सरोकारों के साथ निगमों, बोर्डों, आयोगों, संगठन के मोर्चों, प्रकोष्ठों और विभागों में कार्यकर्ताओं के समायोजन के साथ पार्टी जुलाई में पूरी तरह चुनावी मैदान में कूद जाएगी। इस बीच स्वतंत्र देव और बंसल की नड्डा से मुलाकात के बाद मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें फिर तेज हो गई हैं। राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष के यूपी प्रवास, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिल्ली दौरे और गृहमंत्री अमित शाह की यूपी के जमीनी कार्यकर्ताओं से बातचीत से मिले फीडबैक के आधार पर नड्डा ने स्वतंत्र देव सिंह और सुनील बंसल से बातचीत की। नड्डा ने पार्टी के अग्रिम मोर्चों, प्रकोष्ठों और विभागों में नियुक्तियां जल्द करने के साथ कार्यकर्ताओं की सुनवाई करने, सरकार के सामाजिक सरोकारों को कार्यकर्ताओं के जरिये जनता तक पहुंचाने, सहयोगी दलों से सामंजस्य बनाए रखने को कहा है। सूत्रों के मुताबिक जुलाई से प्रदेश में भाजपा के पक्ष में चुनावी माहौल बनाने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष, गृहमंत्री अमित शाह और पीएम मोदी के कार्यक्रम होंगे। इनमें सरकार की बड़ी योजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण के साथ जन सरोकार की नई योजनाएं भी शुरू होंगी। पार्टी विभिन्न जातियों और समाजों को साधने के लिए कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए छोटे-छोटे सम्मेलन भी करेगी। जानकारों का कहना है इस मुलाकात के बाद जातीय और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने के लिए योगी मंत्रिमंडल का विस्तार कर कुछ नए चेहरों को शामिल भी किया जा सकता है। खराब परफॉर्मेंस वाले मंत्रियों की छुट्टी भी हो सकती है। पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री बीएल संतोष और प्रदेश प्रभारी राधा मोहन सिंह 21-22 जून को दो दिवसीय लखनऊ प्रवास के दौरान आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सरकार और संगठन से मंथन करेंगे। सूत्रों के मुताबिक दो दिन के प्रवास में जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष चुनाव में ज्यादा से ज्यादा सीटों पर जीत की रणनीति पर भी बात होगी। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बूथ से लेकर प्रदेश तक की कार्य योजना, परंपरागत वोट बैंक के साथ पिछड़े और अति पिछड़े वोट बैंक को साधे रखने, सहयोगी दलों के साथ सीटों के बंटवारे, प्रमुख विपक्षी दलों सपा-बसपा की रणनीति की काट खोजने पर भी मंथन होगा। कोरोना की तीसरी लहर को रोकने के लिए सरकार के साथ संगठन की भूमिका, सामाजिक सरोकार के कार्यों और संगठन की आगामी गतिविधियों व कार्यक्रमों की योजना भी तय की जाएगी।

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