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आज अंतरिक्ष में उड़ान भरेंगे जेफ बेजोस और उनकी टीम, इतिहास रचने को तैयार न्यू शेफर्ड कैप्सूल यान

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वॉशिंगटन। दुनिया की टॉप ई-कॉमर्स कंपनियों में शामिल अमेजन के फाउंडर जेफ बेजोस कुछ देर में अंतरिक्ष की सैर पर जाएंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने यह दिन इसलिए चुना है क्योंकि अपोलो 11 स्पेसशिप के जरिए एस्ट्रोनॉट्स नील आर्मस्ट्रॉन्ग और बज एल्ड्रिन आज से ठीक 52 साल पहले 1969 में चंद्रमा पर पहुंचे थे।

अमेजन के फाउंडर जेफ बेजोस की स्पेसफ्लाइट कंपनी ब्लू ओरिजिन ने रविवार को कहा कि वह अपनी पहली ह्यूमन स्पेसफ्लाइट के लिए पूरी तरह तैयार है। इसमें बेजोस समेत चार यात्री होंगे, जो पृथ्वी की सतह से 100 किमी ऊपर कारमन लाइन तक जाएंगे और सुरक्षित वापसी करेंगे। पूरी फ्लाइट का समय 10-12 मिनट का रहने वाला है।

न्यू शेफर्ड कैप्सूल में जेफ के साथ उनके भाई मार्क बेजोस, 82 वर्षीय पूर्व नासा एस्ट्रोनॉट वैली फंक और 18 साल के ओलिवर भी साथ रहेंगे। इसे मंगलवार की शाम करीब 6.30 बजे वेस्ट टेक्सास से लॉन्च किया जाएगा। लॉन्च होने के बाद यह 110 किलोमीटर की ऊंचाई तक जाएगा। कैप्सूल से रॉकेट पहले ही अलग हो जाएगा और सुरक्षित तरीके से वापस लैंड हो जाएगा, जबकि कैप्सूल कुछ मिनटों तक अंतरिक्ष की सीमा तक जाकर वापस पैराशूट के सहारे नीचे लैंड होगा।

कैप्सूल में छह अंतरिक्ष यात्रियों की क्षमता

न्यू शेफर्ड कैप्सूल पूरी तरह से ऑटौमैटिक है। यह अपने अंदर छह अंतरिक्ष यात्रियों को एक साथ यात्रा करा सकता है। न्यू शेफर्ड कैप्सूल में कोई पायलट नहीं होगा, क्योंकि यह यान पूरी तरह से ऑटोमैटिक है। इसका कंट्रोल धरती पर बनाए गए मास्टर कंट्रोल सेंटर से होगा, लेकिन लॉन्च के बाद इसमें किसी भी तरह का कमांड देने की आवश्‍यकता नहीं होगी।

कैप्सूल छह अंतरिक्ष यात्रियों के लिए बनाया गया है, लेकिन फिलहाल इसमें चार ही लोग जा रहे हैं। बता दें कि न्यू शेफर्ड रॉकेट और कैप्सूल का नाम 1961 के एस्ट्रोनॉट एलन शेफर्ड के नाम पर रखा गया है। एलन शेफर्ड अंतरिक्ष में पहुंचने वाले पहले अमेरिकी नागरिक थे।

अंतरिक्ष में बिताने के बाद कैप्सूल करीब नौ मिनट बाद धरती पर लौटेगा

कुछ मिनट अंतरिक्ष में बिताने के बाद कैप्सूल करीब नौ मिनट बाद धरती पर लौटेगा। कैप्‍सूल की रफ्तार तेजी से कम करने के लिए पैराशूट खोले जाएंगे। उस समय उसकी गति 26 किलोमीटर प्रतिघंटे की होगी, लेकिन पैराशूट खुलने के बाद यह स्पीड कम होकर 1.6 किलोमीटर हो जाएगी। इसी धीमी रफ्तार कैप्सूल जमीन पर लैंड करेगा। इस लैंडिंग और टेकऑफ को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि यह पहली बार हो रहा है कि अंतरिक्ष का कोई मिशन पूरी तरह से ऑटोमैटिक हो रहा है।

यात्रा की सुरक्षा पर उठे सवाल

ऐसा पहली बार हो रहा है कि रॉकेट और कैप्सूल पूरी तरह से ऑटोमैटिक है। इसमें बैठे अंतरिक्ष यात्रियों को मास्टर कंट्रोल सेंटर को लॉन्च कमांड देने के बाद कुछ नहीं करना है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि सवाल जेफ बेजोस की यह यात्रा सुरक्षित है। क्या ये पूरी से तरह से ऑटोमैटिक लॉन्चिंग सफल होगी।

दुनिया भर के अंतरिक्ष विशेषज्ञों का मानना है कि जेफ बेजोस अपनी कंपनी ब्लू ओरिजिन के रॉकेट और कैप्सूल न्यू शेफर्ड में सुरक्षित रहेंगे। बता दें कि इसके पूर्व अंतरिक्ष में कोई भी रॉकेट पूरी तरह से ऑटोमैटिक मोड पर लॉन्च नहीं किया गया था, न ही किसी कैप्सूल ने यात्रियों को इस मोड में स्पेस की यात्रा कराई है।

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