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साल में 100 दिन परिवार के साथ गुजार सकेंगे जवान

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Indian army soldiers take positions during their patrol near the Line of Control in Nowshera sector, about 90 kilometers from Jammu, India, Sunday, Oct. 2, 2016. India said Thursday it carried out "surgical strikes" against militants across the highly militarized frontier that divides the Kashmir region between India and Pakistan, in an exchange that escalated tensions between the nuclear-armed neighbors. (AP Photo/Channi Anand)
  • केंद्रीय गृह मंत्री के प्रस्ताव पर मंत्रालय ने सशस्त्र बलों से जवाब मांगा

नई दिल्ली।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी केंद्रीय अर्द्धसैन्य बलों को गृह मंत्री अमित शाह के प्रस्ताव को लागू करने के लिए एक सॉफ्टवेयर बनाने की प्रगति के बारे में अवगत कराने को कहा है, जिसके तहत सैनिक अपने परिवार के साथ साल में कम से कम 100 दिन गुजार पाएंगे।

अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अक्टूबर 2019 में शाह द्वारा आंतरिक सुरक्षा ड्यूटी के लिए देश में कुछ सबसे दुर्गम स्थानों और कठिन जलवायु परिस्थितियों में तैनात बलों के कर्मियों को आराम, स्वास्थ्य देखभाल और परिवार के बीच समय गुजारने का समय देने के उद्देश्य से योजना तैयार की गयी थी। यह भी विचार था कि एक बार योजना के लागू होने के बाद इससे कर्मियों का तनाव कम होगा और आत्महत्याओं तथा सहयोगियों की हत्या जैसे मामलों में कमी आएगी।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई-भाषा को बताया कि योजना को अभी पूरी तरह से लागू नहीं किया गया है। इसलिए, गृह मंत्रालय ने हाल में इन बलों को एक संदेश भेजा है कि वह कर्मियों के तबादलों और पोस्टिंग के लिए एक सॉफ्टवेयर विकसित करने के बारे में अपडेट करें।

अधिकारी ने कहा, ”सॉफ्टवेयर ‘प्रति वर्ष परिवार के साथ कम से कम 100 दिन” गुजारने के प्रस्ताव को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। गृह मंत्री द्वारा निर्देश दिए जाने के बाद से बहुत समय बीत चुका है और प्रस्ताव पर अब तक अमल नहीं हुआ है।”

दस लाख से अधिक कर्मियों की क्षमता वाले अर्द्धसैन्य या केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल(सीआईएसएफ) और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के अलावा असम राइफल्स शामिल हैं।

सुरक्षा प्रतिष्ठान के अधिकारियों ने कहा कि सीआईएसएफ, आईटीबीपी और एसएसबी ने संबंधित सॉफ्टवेयर तैयार कर लिए हैं जबकि सीआरपीएफ, बीएसएफ और असम राइफल्स इसकी प्रक्रिया में हैं। सूत्रों ने कहा कि गृह मंत्री के महत्वाकांक्षी प्रस्ताव की प्रगति की समीक्षा के लिए जल्द ही मंत्रालय में एक बैठक आयोजित की जाएगी और संबंधित सॉफ्टवेयर के काम करने के बाद अगला कदम उठाया जाएगा।

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