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इस डिजिटल युग में सोशल मीडिया इंफ्यूलेंसर के वसीयत का मालिक कौन, जानिए क्या कहते हैं नियम…

इस डिजिटल युग में हर एक शख्स अपने आप में कंटेंट क्रिएटर है। भारत में कई लोग नौकरी छोड़ यूट्यूब, फेसबुक, इंटाग्राम, ट्विटर, ब्लॉग जैसे तमाम सोशल मीडिया पर अपनी संपत्ति बना रहे हैं। अब सोशल मीडिया का लोग इस्तेमाल सिर्फ मनोरंजन के लिए नहीं बल्कि कैरियर के रुप में भी उपयोग करते हैं। अब सोचनीय विषय यह है कि अगर किसी कारण से उस अकांउट होल्डर की मृत्यु हो जाएं तब इसका मालिक कौन होगा। यानी उस अकाउंट का उत्तराधिकारी कौन होगा या नॉमिनी कैसे चुना जाएगा और क्या है डिजिटल संपत्ति को ट्रांसफर करने के नियम?
गूगल और यूट्यूब
सोशल मीडिया प्लेटफार्म गूगल और यूट्यूब पर किसी अकांउट होल्डर की मृत्यु होने पर उनके परिवार का कोई भी मेंमबर सारे डेटा को एक्सेस करने और उस अकाउंट के द्वारा कमाए हुए पैसों को अपना बनाने के लिए गूगल से संपर्क करना होगा और अपनी समस्या बताना होगा।

इसके बाद उन्हें पर्याप्त कागजात जैसे अकाउंट ओनर का डेथ सर्टिफिकेट सहित अन्य सबूतों के वेरिफिकेशन के बाद गूगल उस अकाउंट से एक्सेस और पैसे उनके परिवार को दे देगा।

फेसबुक
मेटा स्वामित्व वाली फेसबुक में अलग से नॉमिनी का ऑप्शन दिया हुआ है। जिसके जरिए कमाई करने वाले अकाउंट होल्डर्स मेमोरी सेटिंग्स के तहत अपने अकाउंट का नॉमिनी बना सकते हैं।
ट्विटर और लिंक्डइन
ये दोनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अकाउंट होल्डर को नॉमिनी बनाने का ऑप्शन नहीं देते हैं। अगर अकाउंट होल्डर के परिवार वाले चाहें तो उसका अकाउंट परमानेंट डिलीट करने के लिए आवेदन दे सकते है।
देश में डिजिटल संपत्ति का नहीं है कोई कानून
डिजिटल संपत्ति को किसी और के नाम पर करने की कोई भी कानूनी प्रक्रिया या नियम इस वक्त देश में मौजूद नहीं है।

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