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आय से अधिक संपति के मामले में एसीबी के पूर्व प्रमुख की बढ़ीं मुश्किलें

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  • सर्वोच्च न्यायालय ने निलंबित आईपीएस जीपी सिंह की गिरफ्तारी से रोक हटाई

स्वदेश संवाददाता, रायपुर/नई दिल्ली।

राज्य के पूर्वी एसीबी प्रमुख आईपीएस जीपी सिंह की आय से अधिक संपत्ति मामले में मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। उनकी गिरफ्तारी पर लगी रोक को सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को हटा दी है। सर्वोच्च न्यायालय में आय से अधिक संपत्ति के मामले के अलावा राजद्रोह और सुपेला में दुर्ग आईजी रहने के दौरान अवैध वसूली के आरोप के मामले में भी सुनवाई हुई। सर्वोच्च न्यायालय ने इन प्रकरणों में सुनवाई के लिए बिलासपुर उच्च न्यायालय को आठ सप्ताह का वक्त दिया है। बताया जा रहा है कि पुलिस की कार्रवाई से पहले जीपी सिंह हाईकोर्ट में गिरफ्तारी पर रोक के लिए आवेदन कर सकते हैं।

सीजेआई ने पांच दिन पहले जीपी सिंह मामले में सुनवाई करते हुए कहा था कि आप हर मामले में सुरक्षा नहीं ले सकते, आपने पैसा वसूलना शुरू कर दिया, क्योंकि आप सरकार के करीब हैं। यही होता है अगर आप सरकार के करीब हैं और इन चीजों को करते हैं तो आपको एक दिन वापस भुगतान करना होगा। उन्होंने कहा कि जब आप सरकार के साथ अच्छे हैं, आप वसूली कर सकते हैं, लेकिन अब आपको ब्याज के साथ भुगतान करना होगा। कोर्ट ने कहा था कि यह बहुत ज्यादा हो रहा है। हम ऐसे अधिकारियों को सुरक्षा क्यों दें? यह देश में एक नया ट्रेंड है, उन्हें जेल जाना होगा।

बताया जा रहा है कि सर्वोच्च न्यायालय ने पिछली सुनवाई में जीपी सिंह को राजद्रोह केस में चार सप्ताह का वक्त पहले ही दे दिया है। अदालत ने कह दिया है कि इन चार हफ्तों में जीपी सिंह को पुलिस गिरफ्तार नहीं करेगी। अदालत ने ये निर्देश जीपी सिंह को भी दिए हैं कि वो जांच में पूरी तरह से सहयोग करें। जीपी सिंह पर राजद्रोह, आय से अधिक संपत्ति, रायपुर और भिलाई में कुछ पुराने मामलों पर छानबीन जारी है।

आईपीएस जीपी सिंह का पूरा मामला

ज्ञात है कि इस साल एक जुलाई को एसीबी की टीमें अपनी पूर्व प्रमुख आईपीएस जीपी सिंह के रायपुर, राजनांदगांव और ओडिशा में एक साथ छापेमारी की। जिसके बाद जीपी सिंह पर मामला दर्ज किया गया। जांच के बाद 5 करोड़ की चल-अचल संपत्ति का खुलासा हुआ। 10 करोड़ की संपत्ति मिलने और इसके बढऩे की आधिकारिक जानकारी दी गई।

इसके बाद रायपुर में एक युवक से मारपीट, भिलाई में सरेंडर करने वाले नक्सल कमांडर से रुपयों का लेन-देन, रायपुर में एक केस में आरोपी की मदद का इल्जाम भी जीपी सिंह पर लगा है, इन पुराने केस को फिर से जांचा जा रहा है। इसके बाद राज्य सरकार ने जीपी सिंह को निलंबित कर दिया।

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