मध्यप्रदेश के कृषि क्षेत्र में स्टार्टअप की अपार संभावनाएं : जितेंद्र सिंह

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मैनिट में अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव का शुभारंभ

देश-विदेश के आठ हजार विज्ञानी शामिल

भोपाल। मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलाजी (मैनिट) में चारदिवसीय दिवसीय अंतरराट्रीय विज्ञान महोत्सव (आईआईएसएफ) का शनिवार को शुभारंभ हो गया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्र्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश में कृषि क्षेत्र में स्टार्टअप में अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश में बांस बहुतायत में पाया जाता है और वेस्ट टू वेल्थ सेक्टर में भी मध्यप्रदेश बहुत योगदान कर सकता है। हमारे देश में प्रतिभा की कभी कमी नहीं रही है। लोगों में क्षमता और जज्बा भी कम नहीं था। आंखों में सितारे भी कम नहीं थे।

लेकिन शायद तब उस प्रकार अनुकूलता का वातावरण नहीं था। परंतु अब वातावरण बदला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ना केवल वैज्ञानिक कार्यक्रमों और योजनाओं को प्रोत्साहित कर रही है बल्कि निरंतर नए-नए प्रयोगों को बढ़ावा भी दे रही है। कार्यक्रम में प्रदेश के विज्ञान व प्रौद्योगिकी मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित हैं। राजधानी में पहली बार व्यापक स्तर पर विज्ञान महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसमें देश-विदेश से आठ हजार विज्ञानी अपने शोध के साथ शामिल हो रहे हैं। इसके अलावा देश-विदेश की 300 विज्ञानिक संस्थाएं भी इसमें शामिल हैं।

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इसका आयोजन भारत सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद् (सीएसआइआर), अंतरिक्ष विभाग, परमाणु उर्जा विभाग, विज्ञान भारती व मैनिट के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। मध्यप्रदेश शासन इस संपूर्ण कार्यक्रम में सह आयोजक है एवं मप्र विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् महोत्सव की नोडल एजेंसी है।

महोत्सव में भारत सरकार के प्रमुख विज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद, सचिव जैव प्रौद्योगिकी विभाग भारत सरकार डा. राजेश एस गोखले, सचिव पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय डा. एम. रविचंद्रन, सचिव विज्ञान भारती डॉ. सुधीर भदौरिया, महानिदेशक, सीएसआइआर और सचिव डीएसआइआर डा. एन कलैसेल्वी, वैज्ञानिक एच डीबीटी भारत सरकार डा. संजय मिश्रा और महानिदेशक मैपकास्ट डॉ. अनिल कोठारी विशेष रूप से उपस्थित हैं। महोत्सव में इस बार 15 गतिविधियों का आयोजन होगा और पहले दिन शाम को प्रसिद्ध सूफी गायक कैलाश खेर की प्रस्तुति भी होगी।

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विज्ञान फिल्म महोत्सव में 59 देशों से मिली प्रविष्टियां

आइआइएसएफ 2022 के एक प्रमुख घटक के रूप में इंटरनेशनल साइंस फिल्म फेस्टिवल आफ इंडिया (आइएसएफएफआइ) का आयोजन 21 से 23 जनवरी तक होगा। फिल्मोत्सव में 59 देशों से विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार पर आधारित कुल 437 फिल्म प्रविष्टियां प्राप्त हुई हैं। आइएसएफएफआइ के समन्वयक और विज्ञान प्रसार के वरिष्ठ विज्ञानी निमिष कपूर ने बताया कि विज्ञान फिल्मोत्सव के अंतर्गत विज्ञान, प्रौद्योगिकी और शोध और विकास से जुड़े विविध विषयों पर चार श्रेणियों में फिल्म प्रविष्टियां आमंत्रित की गई थीं।

प्राप्त 437 प्रविष्टियों में से 61 भारतीय और 33 विदेशी फिल्मों को समारोह के लिए नामांकित किया गया है। भारत, स्विट्जरलैंड, जर्मनी, रूस, कनाडा, इजराइल, फिलीपींस, अमेरिका, आस्ट्रेलिया सहित अन्य देशों की पुरस्कृत विज्ञान फिल्मों की विशेष स्क्रीनिंग फिल्मोत्सव में की जाएगी।

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Immense possibilities of startups in agriculture sector of Madhya Pradesh: Jitendra Singh.

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