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गाइडलाइन को लेकर बंदोबस्त नहीं हुए तो रोक देंगे 2 मई की काउंटिंग

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  • कोरोनाकाल में बंगाल चुनाव पर मद्रास हाईकोर्ट सख्त, कहा- कोरोना की दूसरी लहर के लिए चुनाव आयोग दोषी
  • कोर्ट ने कहा- क्यों न अधिकारियों के खिलाफ हत्या का केस चलाया जाए

नई दिल्ली। कोरोनाकाल में विधानसभा चुनावों को लेकर मद्रास हाईकोर्ट सख्त नजर आ रहा है। सोमवार को कोर्ट में सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश संजीव बेनर्जी ने चुनाव आयोग के खिलाफ तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि देश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर के लिए चुनाव आयोग जिम्मेदार है और क्यों न उसके अधिकारियों के खिलाफ हत्या का केस चलाया जाए।

मुख्य न्यायाधीश ने चुनाव आयोग से पूछा, क्या आप किसी अन्य ग्रह पर थे, जब चुनावी रैलियां आयोजित की गई थीं? वहीं जस्टिस संजीव बेनर्जी ने यह भी कहा कि यदि 2 मई को होने वाली मतगणना को लेकर कोरोना गाइडलाइन को देखते हुए बंदोबस्त नहीं किए गए तो कोर्ट काउंटिंग पर रोक भी लगा सकता है। हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया कि पांच राज्यों की मतगणना के दिन (2 मई) कोरोना प्रोटोकॉल लागू करने की योजना को 30 अप्रैल के दिन अदालत के समक्ष पेश किया जाए। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मद्रास हाई कोर्ट की इस टिप्पणी का स्वागत किया है। यह बात और है कि भीड़ भरी रैलियां करने के मामले में वे भी पीछे नहीं रहीं हैं।

चुनाव आयोग देश की सबसे गैर जिम्मेदार संस्था

हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को देश की सबसे गैर जिम्मेदार संस्था बताया। कहा कि राजनीतिक दल कोरोना प्रोटोकाल की धज्जियां उड़ाते हुए रैलियां करते रहे, जबकि चुनाव आयोग चुप्पी साधे बैठा रहा। लोगों का स्वास्थ्य सबसे अहम है और यह चिंताजनक है कि संवैधानिक अधिकारियों को ऐसी बातें याद दिलानी पड़ती हैं। जब कोई शख्स जीवित रहेगा तभी वह अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का लाभ उठा सकेगा। अब स्थिति अस्तित्व और सुरक्षा की है। इसके बाद सब कुछ आता है।

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