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इतिहास लिखने वालों ने जनजातियों के बलिदान को भुलाया : अमित शाह

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  • राजा शंकर शाह के बलिदान दिवस पर जबलपुर में केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा
  • प्रदेश सरकार हर साल मनाएगी राजा शंकर शाह का बलिदान दिवस

स्वदेश संवाददाता, जबलपुर

देश को आजादी दिलाने में जनजातीय समाज के नायकों का बहुत बड़ा योगदान है। अगर देशभर में देखा जाए तो जनजातीय समाज के जितने अधिक नायकों ने भारत को आजाद कराने में अपना बलिदान दिया है, उतना किसी समाज ने नहीं दिया है। आजादी की लड़ाई में जनजातीय योद्धाओं ने अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। गोंडवाना साम्राज्य के राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह को आजादी के लड़ाई के दौरान अंगे्रजों ने तोपों के मुंह पर बांधकर उड़ा दिया।

आदिवासी समाज के ऐसे हजारों योद्धा देश को आजाद कराने के लिए शहीद हो गए, लेकिन इतिहास लिखने वालों ने उनके बलिदान को भुला दिया। यह बातें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को गोंडवाना साम्राज्य के राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के 164वें बलिदान दिवस पर जबलपुर में उनके शहीद स्थल पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कही हैं। केंद्रीय गृह मंत्री ने अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संकल्प लिया है कि आजादी के अमृत महोत्सव के तहत हम गुमनाम शहीदों की यादों को पुनर्जीवित करेंगे।

देशभर में बन रहे 9 संग्रहालय

अमित शाह ने कहा कि कुछ लोग अलग-अलग काम से, अलग-अलग प्रयास से जनजातियों को अलग करने की कोशिश कर रहे हैं। हम उन्हें सफल नहीं होने देंगे। सभी मिलकर काम करेंगे। मैंने जबलपुर में 16 दिन रहकर पढ़ा। एक कविता के लिए किसी को बांधकर उड़ा दिया जाता है। आज मेरा सौभाग्य है, जो मप्र सरकार ने शौर्य स्मारक बनाने का निर्णय किया है, उसका मेरे हाथों शिलान्यास हो रहा है।

समाज को तोडऩे वालों से सावधान रहें

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि लोग जनजातीय वर्गों को समाज को अलग-अलग कर बांटने का काम करने का षड्यंत्र किया जा रहा है। मैं जनजातीय समाज के लोगों से अपील करता हूं कि समाज को तोडऩे वालों से सावधान रहें, उनके मंसूबों को कामयाब न होने दें।

भाजपा ने दोगुना किया बजट

अमित शाह ने कहा कि आजादी के बाद जनजाति समाज के लिए कोई मंत्रालय नहीं बनाया गया था। केंद्र में भाजपा की सरकार बनी तब जनजातीय मंत्रालय बनाया गया। कांगे्रस के शासनकाल में आदिवासियों के लिए वार्षिक बजट 4200 करोड़ था, जिसे मोदी सरकार ने बढ़ाकर 7900 करोड़ कर दिया है। शाह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार चाहे केंद्र में हो या राज्य में, यह सरकार जनजातियों के लिए काम करती है। वनवासी भाइयों को घर दिया, बिजली पहुंचाई, शौचालय दिया। अब शुद्ध पीने का पानी दे रहे हैं।

वन संपदा में बढ़ेगा आदिवासियों का अधिकार, छिंदवाड़ा विवि का नाम शंकर शाह : मुख्यमंत्री

राजा शंकर शाह के बलिदान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आदिवास समाज के लिए घोषणाओं की झड़ी लगा दी। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में आदिवासी समाज को अधिकार देने और स्व-शासन को लागू करने के लिए प्रदेश में पेसा एक्ट को लागू करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब वन उपज की बिक्री का एक हिस्सा आदिवासी समाज को मिलेगा।

छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय का नाम भी राजा शंकर शाह के नाम पर होगा। प्रदेश के 89 आदिवासी विकासखंड में आदिवासियों को घर पहुंचाकर राशन दिया जाएगा। राशन घर पहुंचाने के लिए आदिवासी समाज के वाहन किराये पर लेंगे और उन्हें 26 हजार रुपए महीना किराया देंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राजा शंकर शाह स्मारक का शिलान्यास भी किया है।

बलिदानियों को किया नमन

जबलपुर में राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह की शहीद स्थल पर श्रद्धांजलि देने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते, प्रहलाद पटेल, मप्र सरकार के मंत्री गोपाल भार्गव, डॉ. नरोत्तम मिश्रा, अरविंद भदौरिया और अन्य नेतागण। केंद्रीय मंत्री श्री शाह ने जबलपुर में उज्ज्वला योजना-2 का भी शुभारंभ किया और जनजातीय नायकों की चित्र प्रदर्शनी का भी शुभारंभ कर उसका अवलोकन किया।

मुख्यमंत्री की बड़ी घोषणाएं

  • किराये का कमरा लेकर पढऩे वाले आदिवासी छात्रों के किराये का वहन प्रदेश सरकार करेगी।
  • 15 नवंबर को प्रदेश भर में आदिवसी गौरव दिया मनाया जाएगा।
  • 18 सितंबर को हर साल राजा शंकर शाह का बलिदान दिवस मनाया जाएगा।
  • राजा शंकर शाह के कैदखान को 5 करोड़ से स्मारक बनाया जा रहा है।
  • सामुदायिक वन उपज प्रबंधक का अधिकार आदिवासी समाज को मिलेगा।
  • जनजातीय बहुल 89 विकासखण्डों में ‘राशन आपके द्वार व्यवस्था होगी शुरू, राशन घर पहुंचाने का पूरा कार्य आदिवासी समाज करेगा।
  • आदिवासी समाज की ग्रामसभा को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।
  • स्कूल छोडऩे वाले जनजातीय समाज के युवकों को कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
  • सभी वनोपज को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा।
  • जनजातीय युवक-युवतियों को सेना और पुलिस में भर्ती के लिए प्रदेश सरकार प्रशिक्षण देगी।
  • सभी वन उपज की कीमत तय होगी।
  • वन उपज संबंधी निर्णय में आदिवासी समाज की भूमिका होगी।
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