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कराची के मछुआरे के जाल में फंसी गोल्डन मछली 70 लाख में बिकी

कराची। ऊपरवाला जब भी देता है तो छप्पर फाड़कर देता है, यह कहावत पाकिस्तान के कराची शहर में एक मछुआरे के लिए सही साबित हुई है। दरअसल, जिस पाकिस्तानी मछुआरे की बात हो रही है उसकी किस्मत ऐसी पलटी कि वह एक ही झटके में करोड़पति बन गया। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान के कराची शहर में हाजी बलूच और उनके साथियों की किस्मत उस वक्त बदल गई जब उसके हाथ गोल्डन फिश (सोवा) लगी। अरब सागर से पकड़ी गई इन मछलियों ने मछुआरे की जिंदगी ही बदल दी। इन मछलियों की नीलामी के बाद वह रातों रात करोड़पति बन गया। बलूच ने कहा कि नीलामी के दौरान एक मछली की कीमत करीब 70 लाख रुपये मिली।

बताया कैसे फंसी मछलियां

मछुआरे ने कहा कि हम कराची के खुले समुद्र में मछली पकड़ रहे थे, जब हमें गोल्डन मछली का बड़ा झुंड मिला और यह हमारे लिए आश्चर्यजनक था। हाजी ने कहा कि वह यह पैसा अपने सात लोगों के दल के साथ साझा करेंगे। पाकिस्तान फिशरमेन फोक फोरम के मुबारक खान ने कहा कि कराची बंदरगाह पर मछुआरे ने जब अपनी पकड़ की नीलामी की तो पूरी मछलियां लगभग 70 लाख रूपये में बेची गईं। ये मछलियां केवल प्रजनन काल के दौरान ही तट के पास आती हैं।

गोल्डन फिश की खासियत

सोवा मछली को अनमोल और दुर्लभ मछली के रूप में जाना जाता है। इसके पेट से निकलने वाले पदार्थों में उपचार में काम आने वाले औषधीय गुण होते हैं। मछली से प्राप्त धागे जैसे पदार्थ का उपयोग सर्जरी में भी किया जाता है। मछली का वजन आम तौर पर 20 से 40 किलोग्राम के बीच होता है और ये 1.5 मीटर तक बढ़ सकती है, पूर्वी एशियाई देशों में इसकी बहुत मांग होती है। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि सोवा सांस्कृतिक और पारंपरिक महत्व भी रखती है, इसका उपयोग पारंपरिक दवाओं और स्थानीय व्यंजनों में किया जाता है।

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