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गांव और शहर की दूरी कम कर रोजगार पैदा करने वाली हो शिक्षा: गडकरी

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  • तीन दिवसीय सार्थक एजुविजन- 2021 का शुभारंभ

स्वदेश ब्यूरो, भोपाल

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य रोजगार निर्माण होना चाहिए। यह गांव व शहरों की दूरी कम करने वाली होना चाहिए। भारत में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। जरूरत इसे शिक्षा के जरिए उभारने की है।

श्री गडकरी ने यह बात रविवार को यहां नरोन्हा प्रशासन अकादमी में तीन दिवसीय राष्ट्रीय कॉन्फ्रे ंस एवं नेशनल एक्सपो ‘सार्थक एजुविजन- 2021Ó के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कही। वह इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि तथा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान विशिष्ट अतिथि थे। 15 से 17 मार्च तक आयोजित इस संगोष्ठी का आयोजन भारतीय शिक्षण मंडल, मध्यप्रदेश शासन, राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी), विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआइसीटीई) द्वारा संयुक्त रूप से किया गया है। इसमें देशभर के दो सौ से अधिक कुलपति, शिक्षा एवं अकादमिक विशेषज्ञ व वैज्ञानिक हिस्सा लेंगे।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री गडकरी ने कहा कि रोजगार और अर्थव्यवस्था को समृद्ध और संपन्न करना सीधे तौर पर शिक्षा से जुड़ा हुआ है। जिसमें हुनर और टैलेंट है, उसे रोजगार मिलता है। रोजगार निर्माण नहीं हुआ तो गरीबी दूर नहीं होगी और देश की प्रगति नहीं होगी। हमें ज्ञान (नॉलेज) को संपदा (वेल्थ) में बदलना (कन्वर्जन) होगा। हमारे पास प्रतिभावान मानव शक्ति की कमी नहीं है। विश्व में सबसे ज़्यादा मानव शक्ति (मैन पॉवर) हमारे यहाँ है।
भारत के कई सॉफ्टवेयर इंजीनियर, डाक्टर्स विकसित देशों में भारत का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जापान दौरे के समय वहां के प्रधानमंत्री ने मुझसे पूछा था कि हिंदुस्तान के सॉफ्टवेयर इंजीनियर के दिमाग में आखिर क्या गणित फ ीड कर रखा है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा- जरूरी नहीं कि हर बच्चा आईएएस या आईपीएस ही बने। विश्वस्तर पर यदि हमें मुकाबला (कॉम्पीट) करना है तो, हमें क्या करना होगा, यह विचार करना चाहिए।

तो बचेगा देश का 8 लाख करोड़ रुपए

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री ने कहा- हमने पानी से हाइड्रोजन निकालकर बसें चलाने की शुरुआत की है। बस, ट्रेन और स्कूटर यदि हाईड्रोजन व सोलर पॉवर से चलेंगी तो ईंधन तेल के आयात का 8 लाख करोड़ का खर्च भी बचेगा और प्रदूषण भी कम होगा। उन्होंने कहा कि सोलर पॉवर की एक यूनिट की कीमत 3 रुपये से भी कम है। देश में अभी 81 प्रतिशत लिथियम आयन बैटरी बन रही है। इसकी कीमत धीरे-धीरे कम हो रही है। भविष्य में इस क्षेत्र में रोजगार की बहुत संभावनाएँ हैं। यह शोध का विषय होना चाहिए।

देश में कृषि क्षेत्र में सर्वाधिक तरक्की मप्र में

श्री गडकरी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के लिए ग्रामीण भारत और कृषि को समृद्ध बनाना जरूरी है। देश में कृषि के क्षेत्र में सबसे अच्छी प्रगति मध्यप्रदेश में हुई, जिसके लिए मैं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को बधाई देता हूँ। उन्होंने कहा कि मुझे काम करने वाले लोग चाहिए, समस्या गिनाने वाले लोग नहीं चाहिए। अभी पिछले दिनों मप्र में एक ही दिन में 2.5 किमी लंबी कांक्रीट रोड बना दी गई। दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो कोई भी काम पूरा किया जा सकता है। पैसे की देश में कमी नहीं है, पिछले 5 साल में 17 लाख करोड़ के काम कर चुका हूं। बजट सीमित होने के बाद भी मेरा पैसा खर्च नहीं होता। सकारात्मक इच्छाशक्ति आत्मविश्वास के साथ मजबूत राजनैतिक इच्छाशक्ति की जरूरत है।

गोबर से बने पेंट में कई गुण

श्री गडकरी ने कहा कि हमने गोबर से पेंट बनाना शुरू किया। उसकी कीमत बाजार में मिलने वाले पेंट से कहीं ज्यादा कम है। इसमें आठ ऐसे गुण हैं जो अन्य पेंट्स में नहीं हैं। हम चाहते हैं कि गोबर के पेंट की अनेक फैक्टरी बनें जिससे किसान समृद्ध हो। 5 रुपए किलो गोबर खरीदा जाए। यदि किसान को गोबर का दाम मिलेगा तो किसान आत्महत्या क्यों करेगा। मैंने कहा कि गौमूत्र और जानवर इंसान के बालों से अमीनो एसिड बनाने का काम शुरू किया जाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि संगोष्ठी में रोजगारोन्मुखी शिक्षा को लेकर सारगर्भित चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि परफेक्शन शत-ृप्रतिशत होने में भले संदेह हो लेकिन लक्ष्य की तरफ बढऩा ये महत्वपूर्ण है। आंखेें दान करना आसान है, लेकिन दृष्टि दान करना कठिन है।

संगोष्ठी से निकले मंथन का उपयोग प्रदेश की तरक्की में

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत का जो मंत्र दिया, तो हमने आत्मनिर्भर मप्र का रोडमैप बना दिया। जब प्रदेश आत्मनिर्भर बनेगा, तो देश आत्मनिर्भर होगा। श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में जब कोरोना का संकट था, तब मजदूर वापस लौटे। जनता ने बड़ी संख्या में मजदूरों के लिए भोजन, पानी की व्यवस्था की। यह आत्मा का सुख है। बिना किसी स्कूल को बंद किये हम 15 किमी के दायरे में एक ऐसा स्कूल खोलें, जिसमें 5 हजार से अधिक बच्चे पढ़ें और उन्हें गुणवत्तापूर्ण प्राथमिक शिक्षा मिले। इसकी पहल हमने मध्यप्रदेश में की है। श्री चौहान ने कहा कि सार्थक एजुविजन के मंथन से जो अमृत निकलेगा, हम उसे प्रदेश की उन्नति के लिए उपयोग करेंगे।

ये भी रहे मौजूद

संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में प्रदेश के मंत्री गोपाल भार्गव, ओमप्रकाश सकलेचा, ऊषा ठाकुर, यशोधरा सिंधिया, सुरेश धाकड़, भारतीय शिक्षण मंडल के अखिल भारतीय अध्यक्ष डॉ. सच्चिदानंद जोशी, प्रांत अध्यक्ष प्रो. आशीष डोंगरे, आरजीपीवी के कुलपति सुनील कुमार गुप्ता, भोज मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जयंत सोनवलकर, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केजी. सुरेश आदि मौजूद थे।

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