Home खास ख़बरें 100 करोड़ वसूली के आरोप में महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख...

100 करोड़ वसूली के आरोप में महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख का इस्तीफा, दिलीप पाटिल होंगे महाराष्ट्र के नए गृह मंत्री

12
0
  • महाराष्ट्र हाईकोर्ट को आदेश- सीबीआई 15 दिन में करे मामले की जांच

मुंबई। महाराष्ट्र के चर्चित 100 करोड़ के वसूली के आरोप की जांच अब सीबीआई की टीम करेगी। मुंबई हाईकोर्ट ने सोमवार को यह आदेश दिया है। सीबीआई को 15 दिन में अपनी जांच रिपोर्ट देनी होगी। कोर्ट ने कहा कि आरोप छोटे नहीं हैं और राज्य के गृह मंत्री पर हैं, इसलिए पुलिस इसकी निष्पक्ष जांच नहीं कर सकती। मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने देशमुख पर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि देशमुख ने निलंबित एपीआई सचिव वाझे को 100 करोड़ रुपए वसूली का लक्ष्य दिया था। हाईकोर्ट के आदेश के तीन घंटे के भीतर ही महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने पद से इस्तीफा दे दिया। देशमुख की जगह दिलीप वलसे पाटिल को गृह विभाग की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। देशमुख ने सोमवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को अपना इस्तीफा भेजा। फिर उद्धव से उनके घर जाकर मुलाकात भी की। इसके बाद देशमुख दिल्ली रवाना हो गए। गृहमंत्री के इस्तीफे के बीच राकांपा चीफ शरद पवार और डिप्टी सीएम अजित पवार के बीच भी मुलाकात हुई।

देशमुख ने 6 लाइन के अपने इस्तीफे में लिखा- आज माननीय हाईकोर्ट की ओर से एडवोकेट जयश्री पाटिल की याचिका पर सीबीआई जांच का आदेश दिया गया है। इसलिए मैं नैतिकता के आधार पर गृह मंत्री के पद से इस्तीफा देता हूं। मैं आपसे विनम्र निवेदन करता हूं कि मुझे गृह मंत्री के पद से मुक्त किया जाए। अनिल देशमुख ने इस्तीफे की चि_ी अपने ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट की है।

सीबीआई इस मामले में बिना एफआईआर के करे जांच

अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा- यह पूरा मामला एफआईआर के इर्दगिर्द घूम रहा है। जयश्री पाटिल ने पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज करवाने का प्रयास किया था, लेकिन उनकी एफआईआर दर्ज नहीं हुई। हम इस मामले से जुड़े अन्य मुद्दों पर अभी बात नहीं करेंगे। हम इस बात से सहमत हैं कि यह एक अभूतपूर्व मामला है। अनिल देशमुख पुलिस विभाग को लीड करने वाले गृह मंत्री हैं। इस मामले में एक इंडिपेंडेंट जांच होनी चाहिए, इसलिए सीबीआई फिलहाल बिना एफआईआर दर्ज किए इस मामले की जांच करे और 15 दिन में अपनी प्राथमिक रिपोर्ट पेश करे।

राउत बोले- फैसले की जानकारी नहीं

शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि मुझे अदालत के फैसले की कोई जानकारी नहीं है और बिना जानकारी लिए मैं राज्य के गृह मंत्री के बारे में कोई भी टिप्पणी नहीं कर सकता। कोर्ट ने जो भी बातें कहीं हैं, उसका आकलन करना होगा और उसके बाद ही सरकार इस पर अपना कोई पक्ष रखेगी। महाराष्ट्र मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने समय-समय पर इस मुद्दे को लेकर अपनी भूमिका रखी है और आगे भी वह अपनी बातें सही फोरम पर रखेंगे।

भाजपा ने इस्तीफे पर तंज कसा

भाजपा नेता प्रकाश जावड़ेकर ने देशमुख के इस्तीफे के बाद ट्वीट किया कि इस इस्तीफे से ऊद्धव ठाकरे सरकार पूरी तरह से बेनकाब हो गई है। भारत में हम पहली बार देख रहे हैं कि पुलिस बम प्लांट कर रही है और राज्य के गृहमंत्री वसूली के लिए कह रहे हैं। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने महाराष्ट्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि आजाद भारत में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि इस मामले में अभी बहुत से सेतु निकलेंगे। जो भी महाराष्ट्र में हुआ उसकी जिम्मेदारी लेना उद्धव सरकार का काम ही नहीं जिम्मेदारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के गृह मंत्री ने इस्तीफा दे दिया है। सीएम उद्धव ठाकरे खामोश हैं। शरद पवार कहते हैं कि मंत्री के बारे में फैसला मुख्यमंत्री करते हैं। कांग्रेस और शिवसेना कहती है कि अनिल देशमुख के बारे में फैसला एनसीपी करेगी। अनिल देशमुख ने शरद पवार से मिलकर मुख्यमंत्री को इस्तीफा दिया है ये किस तरह से सरकार चल रही है। रविशंकर प्रसाद ने शरद पवार को घेरते हुए कहा कि शरद पवार जी देश के एक वरिष्ठ नेता हैं। उन्हें अनिल देशमुख को पूरी तरह से क्लीन चिट देने के निहितार्थ को समझना चाहिए। प्रसाद ने कहा कि भाजपा को उम्मीद है कि इस मामले की निष्पक्ष और ठीक तरह से जांच की जानी चाहिए और इसमें शामिल लोगों पर बड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

देशमुख का इस्तीफा पहले होना चाहिए था : फडणवीस

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख का इस्तीफा पहले होना चाहिए था, जिस समय उनपर आरोप लगे थे। उच्च न्यायालय ने मामले में हस्तक्षेप किया उसके बाद गृह मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे खामोश क्यों है?

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here