कोरोना की तीसरी लहर भारत के लिए घातक

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  • संयुक्त राष्ट्र ने किया आगाह, दूसरी लहर की तरह नुकसान की आशंका

उमेश कुमार, नई दिल्ली

संयुक्त राष्ट्र संघ ने कोरोना की तीसरी लहर को लेकर खतरे की घंटी बजा दी है। यह घंटी भारत के लिए चिंता का विषय है। संयुक्त राष्ट्र की यह खतरे की घंटी भारत में दूसरी लहर जैसी हालात पैदा कर सकती है। जिसमें जानमाल से लेकर अर्थव्यवस्था तक में नुकसान का अंदेशा जताया गया है। इस बाबत संयुक्त राष्ट्र संघ ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की है। इस रिपोर्ट के मुताबिक भारत को तीसरी लहर में पहले की ही तरह नुकसान की आशंका जताई है।

संयुक्त की रिपोर्ट में कहा गया कि भारत में पिछले साल जैसे हालात हो सकते हैं। इसमें अप्रैल और जून, 2021 के बीच कोरोना वायरस के डेल्टा वैरिएंट के कारण मची हाहाकार का हवाला दिया गया है। इसमें 2.40 लाख लोगों की मौत हो गई थी। साथ ही देश की अर्थव्यवस्था पर भी बुरा असर हुआ था। संयुक्त राष्ट्र विश्व आर्थिक स्थिति एवं संभावनाएं (डब्लयूईएसपी) 2022 रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड-19 के अत्यधिक संक्रामक ओमिक्रॉन वैरिएंट से मृतकों की संख्या और आर्थिक नुकसान में पहले जैसे हालात हो सकते हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड-19 के अत्यधिक संक्रामक ओमीक्रॉन स्वरूप के संक्रमण की नयी लहरों के कारण मृतकों की संख्या और आर्थिक नुकसान में फिर बढ़ोतरी होगी। संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक एवं सामाजिक मामलों के विभाग के अवर महासचिव लियु जेनमिन ने कहा कि कोविड-19 को नियंत्रित करने के लिए एक समन्वित और निरंतर वैश्विक दृष्टिकोण के बिना यह महामारी वैश्विक अर्थव्यवस्था के समावेशी और स्थायी उभार के लिये सबसे बड़ी जोखिम बनी रहेगी। देश में कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर इसी माह के अंत तक चरम पर होने की आशंका है। रोजाना छह से आठ लाख केस सामने आ सकते हैं। हालांकि संक्रमण की रफ्तार जितनी तेज हो रही है, उतनी ही तेजी से कम भी होगी। 15 फरवरी के बाद तेजी से गिरावट देखने को मिल सकती है। सनद रहे कि देश में पिछले 24 घंटे में 2,64,202 नए मामले सामने आए हैं।

कोरोना: 2.64 लाख से ज्यादा नए मरीज

देश में कोरोना के मामले एक बार फिर बेहद तेज रफ्तार से बढ़ रहे हैं। शुक्रवार सुबह तक पिछले 24 घंटों में दो लाख, 64 हजार 202 से ज्यादा कोरोना के नए मरीज मिले हैं। वहीं, ठीक होने वाले मरीजों की संख्या एक लाख 9 हजार, 345 है। इस महामारी से 315 लोगों की मौत हो गई है। शुक्रवार को केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक देश में कोरोना से ठीक होने वालों की संख्या कुल तीन करोड़, 48 लाख, 24 हजार, 706 है। इस दौरान कोरोना से रिकवरी रेट घटकर 95.20 प्रतिशत हो गया है। देश में एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 12 लाख, 72 हजार, 73 हो गई है। रोजाना संक्रमण दर 14.78 प्रतिशत हो गया है। आईसीएमआर के मुताबिक पिछले 24 घंटे में 17 लाख से ज्यादा टेस्ट किए गए। अबतक कुल 69 करोड़ 90 लाख टेस्ट किए जा चुके हैं।

ओमिक्रोन: देश में 5753 संक्रमित

देश में कोरोना के नए वेरियंट ओमिक्रोन की रफ्तार तेज हो गयी है। देश में ओमिक्रोन के अबतक पांच हजार 753 मामलों की पुष्टि हो चुकी है और एक की मौत हुई है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी आंकड़े में बताया कि ओमिक्रोन अब देश के 28 राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों में फैल चुका है। महाराष्ट्र में ओमिक्रोन के सबसे ज्यादा मामले रिपोर्ट हो रहे हैं। यहां ओमिक्रोन के 1367 मामले आ चुके हैं। दूसरे नंबर पर अब राजस्थान पहुंच गया है। यहां 792 ओमिक्रोन के मामलों की पुष्टि हो चुकी है। तीसरे नंबर पर दिल्ली है, जहां अबतक 549 मामले आ चुके हैं। चौथे नंबर पर अब केरल है, जहां 486 मामले सामने आए हैं। पांचवें नंबर पर कर्नाटक है जहां 479 मामले सामने आ चुके हैं।

टीकाकरण: देश में 155.39 करोड़ टीके

कोरोना के खिलाफ जंग में कारगर टीकाकरण अभियान के तहत देश में 24 घंटों में करीब 70 लाख टीके लगाए गए। इसी के साथ देश में अबतक 155.39 करोड़ टीके लगाए जा चुके हैं। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक शुक्रवार सुबह तक राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को 157.50 करोड़ टीके की खुराक नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा चुकी है। राज्यों के पास अभी भी टीके की 15.17 करोड़ खुराक मौजूद है।

कोरोना संक्रमण से उबरने के तीन महीने बाद ही मिलेगा बीमा

बीमा कंपनियों ने लागू किया नया नियम

कोरोना के प्रकोप से पूरी दुनिया परेशान है। अब तीसरी लहर यानी कोविड-19 को ओमिक्रॉन वैरिएंट अपने पैर पसारता जा रहा है। कोरोना के बढ़ते दायरे को देखते हुए बीमा कंपनियों ने अब नया नियम लागू किया है। इसके तहत कोरोना संक्रमण से उबरने के तीन माह तक व्यक्ति को कोई इंश्योरेंस पॉलिसी नहीं मिल पाएगी। जी हां, बीमा कंपनियों के नए नियम के लिए जो लोग कोरोनावायरस संक्रमण से उबर चुके हैं, उन्हें अब नई जीवन बीमा पॉलिसी लेने से पहले 3 महीने तक इंतजार करना होगा।

बीमा कंपनियां अन्य बीमारियों की तरह कोरोनो वायरस मामलों के लिए प्रतीक्षा अवधि की आवश्यकता को लागू कर रही हैं। जीवन और स्वास्थ्य बीमा कंपनियां पॉलिसी जारी करने से पहले जोखिम का आकलन करने के लिए लोगों को तय समय तक इंतजार करने को कहती हैं। कोरोना संक्रमण से उबर चुके लोगों के लिए इंतजार अवधि की यह शर्त सिर्फ जीवन बीमा पॉलिसियों पर लागू होगी। विशेषज्ञों के अनुसार, कोरोना संक्रमण से उबर चुके लोगों के लिए प्रतीक्षा अवधि के मायने यह हैं कि बीमा कंपनियां संक्रमण के बाद बढ़ी ऊंची मृत्यु दर को लेकर सतर्क हो गई हैं।

बीते दो साल में क्लेम की संख्या में जबर्दस्त बढ़ोतरी हुई है। जिससे कि क्लेम सेटेलमेंट में बढऩे वाले खर्च को काबू किया जा सके। बीमा कंपनियों से कोरोना संक्रमण के मामलों को भी स्टैंडर्ड वेटिंग पीरियड के तहत लाने के लिए कहा गया है, क्योंकि ऊंची मृत्यु दर ने पुनर्बीमा व्यवसाय को प्रभावित किया है। विशेषज्ञों के मुताबिक, टर्म इंश्योरेंस प्लान का जीवन बीमा कंपनियों द्वारा पुनर्बीमा किया जाता है लेकिन बीते दो साल से बीमा सेक्टर का जो हाल है, उससे जीवन बीमा कंपनियों की आर्थिक स्थिति पर असर पड़ा है।

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