मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की बड़ी घोषणा : प्रदेश के पूर्व सरपंचों को दिया वित्तीय अधिकार

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मुख्यमंत्री ने प्रदेश भर के त्रि-स्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों को किया संबोधित


भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बड़ी घोषणा करते हुए प्रदेश के पूर्व सरपंचों को फिर से वित्तीय अधिकार दे दिया है। इस संबंध में आदेश भी आज जारी हो रहे हैं। सोमवार को प्रदेश के त्रि-स्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जनता की ताकत से ही सारे काम होते हैं। जिन प्रतिनिधियों की वित्तीय अनियमितता करने की शिकायत प्राप्त होगी, उनसे वित्तीय अधिकार वापस ले लिए जाएंगे।


मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रशासकीय अधिकार लौटा रहा हूं। प्रशासकीय समिति और प्रधानों के साथ वर्चुअल बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत चुनाव डिले हुए तो प्रशासकीय समिति बनाकर आपको दायित्व सौंपा था। अब पंचायत चुनाव में व्यवधान आ गया है। मेरी दृढ़ मान्यता है कि लोकतंत्र में चुने हुए जनप्रतिनिधि जनता के प्रति जवाबदेह होते हैं, इसीलिए प्रशासकीय समिति के अध्यक्ष और सचिव बनाकर आपको जिम्मेदारी सौंपी थी।


समाज सुधार के आंदोलन चलाएं
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि गांव में समाज सुधार के आंदोलन चलाएं। सामाजिक समरसता का भाव बने। ग्रामवासी मिल-जुलकर काम करें। पंचायत चुनाव जब होंगे, तब देखा जाएगा। इसमें दो महीने का समय लगेगा या चार महीने का। सीएम ने कोरोना की तीसरी लहर से लडऩे में प्रधानों से सहयोग की अपील की। कहा कि हमें मैदान में उतरना है। पंचायत स्तर पर कोविड क्राइसिस कमेटी की जिम्मेदारी आपकी है।

7 साल से पंचायतों का संचालन कर रहे थे


4 जनवरी को पंचायत एवं ग्रामीण विभाग विभाग ने आदेश जारी किया। पंचायत चुनाव रद्द होने और आचार संहिता खत्म होने के बाद ग्राम पंचायतों के बैंक खातों के संचालन की व्यवस्था पहले की तरह ग्राम पंचायत सचिव और प्रधान के संयुक्त हस्ताक्षर से किए जाने के आदेश थे। साथ ही, जनपद पंचायत व जिला पंचायत को भी पहले की तरह अधिकार दिए गए थे। खास बात यह है कि चुनाव नहीं होने के कारण करीब 7 साल से यह पंचायतों का संचालन कर रहे थे।

मुख्यमंत्री से मिला था सरपंच संघ


15 जनवरी को मुख्यमंत्री निवास पर सरपंच संघ के प्रतिनिधियों ने शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की थी। रायसेन जिला पंचायत अध्यक्ष अनीता किरार और रायसेन जिला अध्यक्ष जय प्रकाश किरार के नेतृत्व में यह मुलाकात हुई। इससे पहले यह प्रतिनिधि मंडल पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री महेंद्र सिसोदिया और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा से मिला। प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में अधिकार वापस लिए जाने के कारण सरकार को विरोध झेलना पड़ रहा था। इसमें मुख्यमंत्री को बताया गया था कि अधिकार वापस लिए जाने के कारण कई कार्य अटक गए हैं।

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