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मण‍िपुर में शांत‍ि बहाली के लिए केंद्र ने उठाया बड़ा कदम, 51 सदस्‍यीय पैनल गठ‍ित

  • केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 29 मई से 1 जून तक क‍िया था 4 द‍िन तक मण‍िपुर दौरा
  • शाह ने हिंसाग्रस्‍त मण‍िपुर दौरे के आख‍िरी द‍िन की थी शांत‍ि सम‍ित‍ि गठित करने की घोषणा
  • एक महीने से जारी हिंसा के बीच सुरक्षा बलों ने बड़ी मात्रा में बरामद क‍िये हथ‍ियार व बम
    नई दिल्ली.
    नॉर्थ ईस्‍ट का मण‍िपुर राज्‍य प‍िछले एक माह से ज्‍यादा समय से दो समुदायों के बीच छ‍िड़ी आपसी जंग में झुलस रहा है. इस हिंसा के बीच सुरक्षा बलों ने अब तक 11,763 गोलियां, 896 हथियार और 200 बम भी बरामद किए हैं. हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मण‍िपुर की 4 द‍िवसीय यात्रा भी की थी. गृह मंत्री शाह ने मणिपुर में जल्द से जल्द शांति बहाल करने और विस्थापित लोगों की उनके घरों में वापसी का भरोसा भी द‍िया था. राहत शिविरों में मेइती और कुकी दोनों समुदायों के पीड़ितों से मुलाकात कर सुरक्षा का आश्वासन भी दिया था. इस द‍िशा में मणिपुर के राज्यपाल की अध्यक्षता में 51 सदस्‍यीय शांति समिति का गठन भी किया गया है. इसमें राज्य के मुख्यमंत्री और कई पूर्व सिविल सेवकों को भी शामिल किया गया है. लेकि‍न कमेटी में शाम‍िल सदस्‍यों पर कुकी समुदाय ने ऐतराज जताया है और सहमत‍ि नहीं लेने की बात कही है. इंड‍ियन एक्‍सप्रेस में प्रकाश‍ित र‍िपोर्ट के मुताब‍िक मणिपुर में शांति बहाल करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा राज्यपाल की अध्‍यक्षता में 51 सदस्यीय कमेटी घोष‍ित की गई है. इसमें मेइती और कुकी समुदाय के लोगों को शामिल क‍िया गया है. लेकिन कुकी समूहों के कई प्रतिनिधियों ने रविवार को कहा कि वे इस बात से खुश नहीं हैं कि उन्हें उनकी सहमति के बिना समिति में शाम‍िल किया गया है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और मुख्यमंत्री पर सब कुछ छोड़ने के बजाय केंद्र सरकार को समिति का हिस्सा होना चाहिए. जातीय समुदायों का प्रतिनिधित्व करने के लिए गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा नामित लोगों में से 25 सदस्‍य बहुसंख्यक मेइती समुदाय से हैं और 11 सदस्‍यों को कुकी समुदाय के अलग-अलग ग्रुपों से शाम‍िल क‍िया है. इसके अलावा नगा समुदाय के 10 सदस्‍य भी सम‍िति का ह‍िस्‍सा बनाए गए हैं. वहीं मुस्लिम समुदाय से 3 और नेपाली समुदाय से 2 सदस्‍य भी इसमें नाम‍ित क‍िए गए हैं. र‍िपोर्ट के मुताब‍िक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मणिपुर की अपनी चार दिवसीय यात्रा (29 मई से 1 जून) के अंत में घोषणा की थी क‍ि शांत‍ि पैनल मण‍िपुर में शांत‍ि बहाली करने के ल‍िए क‍िए जा रहे प्रयासों का एक ह‍िस्‍सा है. इसमें एक न्यायिक जांच पैनल भी शामिल है. गत शनिवार को समिति की घोषणा की गई, जिसमें गृह मंत्रालय ने राज्यपाल अनुसुइया उइके को अध्यक्ष और मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह, राज्य के कुछ मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं को सदस्य बनाया गया. समिति की घोषणा करते समय, गृह मंत्रालय ने यह भी कहा कि इसमें ‘विभिन्न जातीय समूहों के प्रतिनिधि’ होंगे, लेकिन इसके संयोजन पर कोई डिटेल नहीं दी गई. गृह मंत्रालय के ड‍िप्‍टी सेक्रेटरी नरेंद्र गौतम की ओर से 10 जून को आदेश जारी क‍िए गए ज‍िसमें राज्य के मंत्री वाई खेमचंद और नेमचा किपगेन, लोकसभा सांसद लोरहो एस फोजे, भाजपा मणिपुर इकाई के प्रमुख अधिकारमयुम शारदा देवी, पूर्व मंत्री और जद (यू) नेता मोहम्मद अब्दुल नासिर, सीपीआई नेता डॉ. मोइरांगथेम नारा और विधायक टी शांति सिंह और के रंजीत सिंह को राजनीतिक नेताओं के रूप में नामित क‍िया गया है. स‍ि‍व‍िल सोसाइटी का प्रतिनिधित्व मणिपुर विश्वविद्यालय के दो सेवानिवृत्त प्रोफेसर, बार काउंसिल ऑफ मणिपुर के अध्यक्ष, 5 सामाजिक कार्यकर्ता और सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारी करेंगे. समिति में पूर्व पुलिस महानिदेशक पी डोंगल को भी शामिल किया गया है.

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