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टेलीकॉम क्षेत्र के लिए केंद्र सरकार ने लिए बड़े फैसले : पोस्टपेड से प्रीपेड सिम के लिए अब नहीं देना होगा केवायसी

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  • 100 फीसदी विदेशी निवेश को सरकार की मंजूरी
  • ऑटो क्षेत्र में 7.6 लाख से अधिक को मिलेगा रोजगार

नई दिल्ली, ब्यूरो

लंबे समय से एजीआर बकाया के संकट से जूझ रही टेलीकॉम इंडस्ट्री के लिए मोदी सरकार ने एक साथ कई अहम ऐलान किए हैं। टेलीकॉम ऑपरेटर को एजीआर चुकाने पर राहत दी गई है। । ये 4 साल तक के लिए दिया गया है। इसके अलावा ग्राहकों को केवाईसी पर भी राहत देने का ऐलान किया गया है। केंद्रीय कैबिनेट में लिए फैसलों की जानकारी देते हुए आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया है कि टेलीकॉम सेक्टर के ऑटोमेटिक रूट में 100 फीसदी एफडीआई की अनुमति दी गई है।

इसके अलावा टेलीकॉम सेक्टर में अब डिजिटल फॉर्मेट में कस्टमर का वेरिफिकेशन होगा। अभी तक डॉक्युमेंट सब्मिट करना होता था, लेकिन सरकार के इस फैसले से ग्राहक अब बिना किसी डॉक्युमेंट की हार्डकॉपी के वेरिफिकेशन करा सकेंगे। कागजी ग्राहक अधिग्रहण फॉर्म को डेटा के डिजिटल स्टोरेज से बदल दिया जाएगा। ग्राहकों को प्रीपेड से पोस्टपेड में जाने पर दोबारा केवायसी की जरूरत नहीं होगी। टावर के इंस्टॉलेशन के नियम में भी बदलाव हुआ है। सेल्फ डिक्लेरेशन के आधार पर अब ये काम हो सकेगा। स्पेक्ट्रम नीलामी सामान्यत: प्रत्येक वित्तीय वर्ष की अंतिम तिमाही में आयोजित की जाएगी। भविष्य की नीलामी में, स्पेक्ट्रम की अवधि 20 से बढ़ाकर 30 वर्ष कर दी गई है, भविष्य में प्राप्त स्पेक्ट्रम के लिए 10 वर्षों के बाद स्पेक्ट्रम के सरेंडर की अनुमति दी जाएगी।

जीडीपी में बढ़ेगी ऑटो क्षेत्र की भागीदारी

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार जीडीपी में ऑटो क्षेत्र की हिस्सेदारी 12 फीसदी तक बढ़ाना चाहती है, जो अभी 7.1 फीसदी है। इसीलिए भारत के ऑटो और कंपोनेंट बाजार के लिए पीएलआई स्कीम लाया गया है। उन्होंने कहा कि इससे भारत को ग्लोबल प्लेयर बनाने में मदद मिलेगी। इस समय करीब 17 अरब डॉलर के कंपोनेंट विदेश से आते हैं, सरकार का उद्देश्य यह है कि इसे भारत में ही बनाया जाय।
इस स्कीम से आयात को कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि पीएलआई स्कीम के तहत चुनी गई कंपनियों को 5 साल तक निवेश करना होगा। निवेश की सीमा अलग अलग है। यह इंसेंटिव पांच साल तक मिलेगा।

ऑटो सेक्टर के लिए 26,058 करोड़ योजना

मोदी मंत्रिमंडल की बैठक में ऑटो सेक्टर की मजबूती के लिए कई फैसले लिए गए। केंद्रीय सूचना व प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि मंत्रिमंडल ने भारत की विनिर्माण क्षमताओं को बढ़ाने के लिए ऑटो, ऑटो कलपुर्जा और ड्रोन उद्योग के लिए 26,058 करोड़ रुपये की उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना को मंजूरी दी गई। पीएलआई योजना भारत में उन्नत ऑटोमोटिव तकनीक की वैश्विक आपूर्ति श्रंखला के विकास को प्रोत्साहित करेगी। इससे 7.6 लाख से अधिक को अतिरिक्त रोजगार मिलने का अनुमान है।

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