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शिक्षकों-विद्यार्थियों की एम शिक्षा मित्र पर हाजिरी अनिवार्य, पुस्तकों की भी मोबाइल ऐप से ट्रेकिंग

इस बार तीन चरणों में स्कूल चलें हम अभियान, 16 जून से पहला चरण होगा शुरू

भोपाल। प्रदेश के स्कूलों में 16 जून से अकादमिक सत्र 2023-24 शुरू हो जाएगा। इसको लेकर आदेश जारी होने के बाद स्कूलों में तैयारियां तेज हो गई हैं। खास बात यह भी है कि कई सालों से ठंडे बस्ते में चल रही ऑनलाइन उपस्थिति की व्यवस्था अब अनिवार्य कर दी गई है। यानि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अब शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति एम शिक्षा मित्र ऐप दर्ज होगी। इससे विभाग को सत्र शुरू होने की स्थिति की नियमित ट्रेकिंग में सहूलियत होगी। वहीं लेटलतीफी करने वाले मास्साब भी समय पर स्कूल पहुंचेंगे।

दूसरी ओर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इस बार प्रदेश में स्कूली पाठ्यक्रम की निगरानी ऑनलाइन टेक्स्ट बुक वितरण ट्रैकिंग मोबाइल ऐप से की जा रही है। इस ऐप में हर कक्षा के छात्र की जानकारी है और इसी के अनुसार किताबों का वितरण किया जा रहा है। इस एप को लांच कर दिया गया है। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसके द्वारा इस प्रकार की व्यवस्था लागू की गई है।

सजाए जाएंगे स्कूल, प्रवेश देकर प्रोफाईल अपडेट की जाएगी

दरअसल, स्कूल शिक्षा विभाग की प्रमुख रश्मि अरूण शमी द्वारा 16 जून से अकादमिक सत्र 2023-24 शुरू करने सहित अन्य दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जारी आदेश में कहा गया है कि सत्र 2023-24 में स्कूल चलें हम अभियान तीन चरणों में संचालित किया जाएगा। पहला चरण 16 जून से 31 जुलाई तक चलेगा। प्रत्येक स्कूल में प्रवेशोत्सव मनाया जाए एवं विशेष भोज (मध्यान्ह भोजन) का आयोजन किया जाए। विद्यार्थियों की पात्रतानुसार प्रवेश देकर प्रोफाईल अपडेट की जाए।

वहीं 17 जून को बाल सभा का आयोजन किया जाए। बाल सभा में मां की बगिया एवं विद्यालय परिसर एवं कक्षा कक्षों की स्वच्छता तथा साज-सज्जा की जाए। बता दें कि प्रदेश के स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश 15 जून को समाप्त होंगे। हालांकि भोपाल जिले में 19 जून के बाद स्कूलों के खुलने के आदेश जिला प्रशासन द्वारा जारी किए गए हैं।

स्थानांतरण प्रमाण पत्र पास के स्कूलों में भेजेंगे

आदेश में कहा गया है कि कक्षा पांचवी, छठवीं, आठवीं एवं नौवीं में ट्रांजिशन लॉस को रोकने के लिए पांचवी-आठवीं से उत्तीर्ण विद्यार्थियों के स्थानांतरण प्रमाण पत्र आदि अभिलेख पास के माध्यमिक, हाईस्कूल के प्रधानाध्यापक या प्राचार्य को हस्तांतरित किया जाएगा। उसकी जानकारी संबंधित विद्यार्थी के अभिभावकों को दी जाएगी, ताकि विद्यार्थी उन स्कूलों में नामांकन करा सकें। हाईस्कूल एवं प्राचार्य हायर सेकेंडरी द्वारा कक्षा नौवीं में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की ट्रेकिंग की जाएगी।

पहली से बाहरवीं तक की पुस्तकों की ट्रैकिंग

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कक्षा पहली से बाहरवीं तक की पुस्तकों की ट्रैकिंग पहले चरण में की जाएगी। इसके लिए मध्यप्रदेश पाठ्य पुस्तक के डीपो से पुस्तकों को विकासखंड स्तर पर भेजा जाएगा। विकासखंड स्तर पर पुस्तकों की जिओ टैगिंग की जाएगी। यह जिओ टैगिंग विकासखंड स्त्रोत समन्वयक के द्वारा की जाएगी। जीओ टैगिंग के लिए ऑनलाइन टेक्स्ट बुक वितरण ट्रैकिंग मोबाइल एप का उपयोग किया जाएगा।

संख्या से कम तो करनी होगी जानकारी दर्ज

यदि किताबें क्षतिग्रस्त होकर या तय संख्या से कम पहुंचती हैं तो इसकी जानकारी भी इस मोबाइल ऐप के जरिये 15 दिन में दर्ज करनी होगी। विद्याथिज़्यों की संख्या के आधार पर विकासखंड स्त्रोत समन्वयक किताबों को डिस्पैच करेंगे। किताबों का आडज़्र डिस्पैच होने के बाद जैसे ही आडज़्र लॉक होगा सम्बंधित शिक्षण संस्थान के प्रमुख को इस मोबाइल ऐप पर इसकी जानकारी लॉग इन करते ही दिखने लगेगी।

Attendance of teachers and students is mandatory on M Shiksha Mitra, tracking of books through mobile app.

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