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- पिछले चार दिनों से जारी हिंसा को देखते हुए फ्रांस आपातकाल घोषित करने की दिशा में बढ़ रहा है।
- दंगाई वाहन से लेकर घर-मकान और पुस्तकालय तक फूँक रहे हैं।
फ्रांस, यातायात रोकने के दौरान गोली लगने से अफ्रीकी मूल के 17 वर्षीय किशोर नहेल एम की मौत के बाद यूरोपीय देश फ्रांस जल रहा है। दंगाई वाहन से लेकर घर-मकान और पुस्तकालय तक फूँक रहे हैं। पुलिस ने अब तक 875 से अधिक दंगाइयों को गिरफ्तार किया है। पिछले चार दिनों से जारी हिंसा को देखते हुए फ्रांस आपातकाल घोषित करने की दिशा में बढ़ रहा है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने दंगों के लिए ‘वीडियो गेम’ को जिम्मेदार ठहराया। देश में जारी संकट सुरक्षा को लेकर बैठक के दौरान मैक्रॉन ने कहा कि ऐसा लग रहा है कि किशोर वीडियो गेम्स की कॉपी कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “कभी-कभी ऐसा लगता है कि कुछ युवा सड़कों पर उन वीडियो गेम्स को फिर से जी रहे हैं, जिन्होंने उन्हें नशे में डाल दिया है।” राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि दंगा के लिए गिरफ्तार किए गए लोगों में से एक तिहाई ऐसे हैं, जिनकी उम्र 14 से 18 साल के बीच है। उन्होंने माता-पिता से बच्चों को घर में रखने और हिंसा से दूर रखने की अपील की। राष्ट्रपति ने कहा कि हर किसी की मानसिक शांति के लिए यह महत्वपूर्ण है कि अभिभावक होने की जिम्मेदारी का पूरी तरह से पालन किया जाए। मैक्रों ने यह भी कहा कि दंगों के लिए स्नैपचैट और टिकटॉक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन आयोजित बैठकें की जा रही थीं। दंगों के दौरान वीडियो बनाकर उन्हें सोशल मीडिया पर फैलाया गया। इससे दंगा और भड़की। उन्होंने सोशल मीडिया कंपनियों से ऐसे कंटेंट हटाने के लिए कहा है। यह हिंसा तब भड़की, जब अफ्रीकी मूल का 17 वर्षीय नहेल एम मंगलवार (27 जून 2023) की सुबह पेरिस के उपनगर नैनटेरे में पीली मर्सिडीज चला रहा रहा था। यातायात नियमों का उल्लंघन को लेकर एक पुलिस अधिकारी ने उसे रोकने की कोशिश तो उसने पुलिस पर कार चढ़ाने की कोशिश की। इस दौरान अधिकारी ने उसे करीब से गोली मार दी। हालाँकि, एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दो पुलिसकर्मी खड़ी कार के पास खड़े दिख रहे हैं। इनमें से एक अधिकारी ड्राइवर पर हथियार तान रखा है। वीडियो में एक आवाज भी सुनाई देती है कि ‘तुम्हें सिर में गोली लगने वाली है’। अचानक गाड़ी चलने लगती है और इसी दौरान पुलिस अधिकारी गोली चला देता है। इसके बाद फ्रांस में हिंसा भड़क उठी। दंगाई अब तक दर्जनों वाहनों और मकानों को आग के हवाले कर चुके हैं। बैंकों को लूटने से लेकर पुलिस पर हमले तक किए जा रहे हैं। दंगाइयों ने फ्रांस के अधिकारियों को भी निशाना बनाया है। अपने घर के बालकनी में खड़े फ्रांस के अधिकारी को एक दंगाई ने गोली मारकर हत्या कर दी। शहर-शहर में हो रहे दंगों को रोकने के लिए 40 हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।