कर्नाटक के बाद MP में हिजाब पर विवाद गर्माया, PG कॉलेज दतिया के प्रिंसिपल के एक फरमान ने पकड़ा तूल, गृह मंत्री डॉ मिश्रा ने कलेक्टर को दिए जाँच के आदेश.!

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दतिया (मप्र): कर्नाटक के बाद अब मध्यप्रदेश में हिजाब पर विवाद का मामला सामने आया है। पीजी कॉलेज दतिया के प्रिंसिपल ने फरमान जारी कर कहा है कि महाविद्यालय में शालीन कपड़ों में आएं, बुर्का पहनकर कॉलेज में प्रवेश न करें।

क्या है मामला?
कर्नाटक में चल रहा हिजाब का विवाद मध्यप्रदेश में भी धीरे-धीरे पैठ बना रहा है। यह विवाद और कहीं नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के गृहमंत्री के विधानसभा क्षेत्र दतिया (Datia) में सामने आया है। सोमवार दोपहर पीजी कॉलेज दतिया में एक लड़की को बुर्का पहन कर घूमते देखा गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर और कॉलेज के अलग-अलग ग्रुप्स में वायरल होने लगा। इसके बाद अचानक हिंदूवादी संगठनों के कुछ लोग कॉलेज के बाहर इकट्ठा हो गए और नारेबाजी करने लगे। मामला कॉलेज प्रबंधन की संज्ञान में आया तो आनन-फानन में कॉलेज के प्रिंसिपल ने यह फरमान जारी कर दिया कि जो भी महाविद्यालय में प्रवेश करेगा वह शालीन कपड़ों में करेगा और बुर्का पहनकर नहीं आएगा।

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MP के गृह मंत्री ने दिए जांच के आदेश
मामला सामने आने के बाद, प्रदेश के गृह मंत्री डॉ नरोत्तम ने दतिया कलेक्टर को मामले के जांच के आदेश दिए हैं। मिश्रा ने कहा कि – दतिया सांप्रदायिक सद्भाव की जीती जागती मिसाल है। सोशल मीडिया पर दतिया के पीजी कॉलेज की छात्रा का एक वीडियो वायरल हो रहा है। मैंने स्कूल प्रिंसिपल द्वारा जारी किए गए आदेश की जानकारी को लेकर कलेक्टर को निर्देश दिए हैं। प्रदेश सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि हिजाब पर बैन को लेकर किसी भी तरीके के प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। मेरी अपील है कि प्रदेश में किसी तरह का भ्रम न फैलाएं।

मध्य प्रदेश में यह पहली बार है जब कॉलेज के प्रिंसिपल ने हिजाब को लेकर किसी तरह के प्रतिबंध की बात की हो। हालांकि फोन पर कॉलेज के प्राचार्य डीआर राहुल ने कहा कि हमने कॉलेज के छात्र छात्राओं को शालीन कपड़ों में आने के लिए हिदायत दी है, यह मामला पहली बार हमारे सामने आया है कि हिजाब को लेकर कोई विवाद हुआ हो। उन्होंने बताया कि ना तो उस लड़की से बात हो पाई है कि वह कौन थी, कॉलेज की थी भी या नहीं ? ना ही विरोध करने वाले इस कॉलेज से कोई ताल्लुक रखते हैं। परीक्षा चल रही है और सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए मंगलवार को एसपी महोदय से इस बारे में शिकायत करके मार्गदर्शन लिया जाएगा, क्योंकि यह संवेदनशील मामला है, इसीलिए प्रशासन के सहयोग से इस मामले में अगला कदम उठाया जाएगा।

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कर्नाटक से शुरू हुआ विवाद
आपको बता दें कि कर्नाटक में हिजाब को लेकर विवाद 1 जनवरी को शुरू हुआ था। उडुपी में 6 मुस्लिम छात्राओं को हिजाब पहनने के कारण कॉलेज में क्लास रूम में बैठने से रोक दिया गया। कॉलेज मैनेजमेंट ने नई यूनिफॉर्म पॉलिसी को इसकी वजह बताया। इसके बाद इन लड़कियों ने कर्नाटक हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की। लड़कियों का तर्क है कि हिजाब पहनने की इजाजत न देना संविधान के अनुच्छेद 14 और 25 के तहत उनके मौलिक अधिकार का हनन है। एक कॉलेज से शुरू हुआ विवाद दूसरे कॉलेजों में भी पहुंच गया। वहां भी हिजाब पहनी छात्राओं को कॉलेज में प्रवेश नहीं दिया गया। ये विवाद तब और और भड़क गया जब एक और समूह के छात्रों ने कॉलेज में भगवा गमछा, स्कॉर्फ, और साफा पहनकर कर आना शुरू किया और जय श्री राम के नारे लगाए थे।

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कर्नाटक हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई
वहीं कर्नाटक हाईकोर्ट में शिक्षण संस्थानों में हिजाब पर प्रतिबंध को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई चल रही है। चीफ जस्टिस रितुराज अवस्थी, जस्टिस कृष्णा एस दीक्षित और जस्टिस जेएम खाजी की 3 जजों की बेंच मामले की सुनवाई कर रही है। वहीं सोमवार से कर्नाटक में स्कूलों को फिर से खोल दिया गया है। उडुपी जिले में धारा 144 भी लागू कर दी गई है।

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