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पंचायतों के सोशल ऑडिट से तय होगी जवाबदेही : तोमर

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  • वित्तीय वर्ष में सभी पंचायतों का आनलाइन होगा ऑडिट

नई दिल्ली ब्यूरो

पंचायतों के काम काज में पारदर्शिता लाने के लिए सभी पंचायतो का ऑडिट कराया जाएगा। कोरोना की वजह से वित्तीय वर्ष में यह ऑडिट ऑनलाइन होगा। केंद्रीय पंचायती राज मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने पंचायतों के ऑडिट के लिए गाइडलाइन जारी कर दी है।
इस बाबत केंद्रीय पंचायती राज मंत्री तोमर ने कहा कि मोदी सरकार में ग्राम पंचायतों के पास विकास कार्य के पर्याप्त धनराशि पहुंच रही है।

मनरेगा, पीएम आवास जैसी योजनाओं के साथ ही केंद्र एवं राज्य वित्त आयोग के अनुदान से होने वाले कार्यों का क्रियान्वयन भी पंचायतों के माध्यम से पूरा किया जा रहा है। पंचायतों के पास पैसे की कमी नहीं है। ऐसे में पंचायतों के कामकाज में पारदर्शिता आने के साथ ही जवाबदेही तय होना भी जरूरी है। पंचायती राज मंत्रालय ने लगातार इस दिशा में प्रयत्न किए हैं कि पंचायतों में सुशासन आएं और वे आदर्श पंचायतों के रूप में स्थापित हों। ई ग्राम स्वराज, ऑडिट लाइन एप्लीकेशन और सोशल ऑडिट जैसे प्रावधानों से ग्राम पंचायतों के कामकाज में पूर्ण पारदर्शिता आना तय है।

उन्होंने बताया कि देश में 2 लाख 60 हजार से अधिक पंचायतों में 31 लाख से अधिक निर्वाचित जनप्रतिनिधि हैं और इसमें महिला प्रतिनधियों की संख्या 14 लाख के लगभग है। देश के 14 राज्यों ने 20 प्रतिशत ग्राम पंचायतों के लेखा परीक्षा का लक्ष्य पूर्ण किया है। पंचायतों को अधिकार संपन्न बनाने के साथ ही उनके भरपूर वित्तीय संसाधन भी उपलब्ध कराए गए हैं। पंचायतों में वित्त आयोग के साथ ही कई योजनाओं के क्रियान्वयन का माध्यम भी पंचायतों से हो रहा है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 14 वें वित्त आयोग में 2 लाख 292 करोड़ रुपए पंचायतों को देने की अनुशंसा की गई थी। जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वीकार कर लिया। विगत पांच वर्षों में इस अनुदान राशि का 97 प्रतिशत हिस्सा गांवों में पहुंचाया गया है।

उन्होने कहा कि 15वें वित्त आयोग ने भी ग्राम पंचायतों को आगामी पांच वर्ष में 2 लाख 36 हजार करोड़ रुपए देने की अनुशंसा की है। इस अनुशंसा को भी सरकार ने पूर्णत: स्वीकार कर दिया है। विगत वर्ष आई वित्त आयोग की अंतरिम रिपोर्ट में भी 60 हजार करोड़ रुपए की अनुशंसा की गई थी, से भी ग्राम पंचायतों को जारी कर दिया गया है। इस राशि से गावों में बुनियादी सुविधाओं का विकास होना सुनिश्चित है।

इस अवसर परपंचायती राज मंत्रालय के सचिव सुनील कुमार, उपनियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक आरजी विश्वनाथन, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान हैदराबाद के महानिदेशक जी.नरेन्द्र कुमार, पंचायती राज मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव चंद्रशेखर कुमार, वित्त मंत्रालय के संयुक्त सचिव सज्जन सिंह यादव एवं पंचायती राज मंत्रालय तथा राज्यों वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

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