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83 शवों की अब तक नहीं हो सकी पहचान, डीएनए जांच के लिए दिल्ली एम्स भेजे 30 सैंपल

  • नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त सूर्यवंशी मयूर विकास ने बताया कि बालासोर ट्रेन हादसे में 288 लोगों की मौत हुई थी।
  • सबसे बड़ी परेशानी यह थी कि कुछ शवों पर कई परिवार एक साथ दावा कर रहे हैं।
    भुवनेश्वर,
    ओडिशा ट्रेन हादसे के मृतकों पर कई लोग एक साथ दावा कर रहे हैं, इसलिए प्रशासन ने डीएनए जांच के लिए सैंपल्स दिल्ली एम्स भेजे हैं। भुवनेश्वर नगर निगम ने बताया कि 30 मृतकों के परिजनों से डीएनए सैंपल्स लिए हैं, जिसे जांच के लिए एम्स दिल्ली भेज दिया है। नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त सूर्यवंशी मयूर विकास ने बताया कि बालासोर ट्रेन हादसे में 288 लोगों की मौत हुई थी। इनमें से 83 शवों की अब तक पहचान नहीं हुई है। विकास के मुताबिक, सबसे बड़ी परेशानी यह थी कि कुछ शवों पर कई परिवार एक साथ दावा कर रहे हैं। इस परेशानी से निपटने के लिए हमने डीएनए सैंपलिंग की है और 30 डीएनए सैंपल्स को जांच के लिए दिल्ली एम्स भिजवा दिया है। रिपोर्ट आने में सात से आठ दिन करीब लग जाएंगे। भुवनेश्वर के डिप्टी कमिश्नर, प्रतीक सिंह ने बताया कि शवों को घरों तक ले जाने तक का खर्चा, डीएनए जांच का खर्चा सहित सभी खर्चों का वहन ओडिशा प्रशासन ही करेगा। परिजनों को इसके लिए चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है।
    83 लोगों की शिनाख्ती अब भी बाकी
    ओडिशा के मुख्य सचिव प्रदीप कुमार जेना ने मंगलवार को बताया कि 288 लोगों की ट्रेन हादसे में मौत हुई है। 288 में से 193 शवों को भुवनेश्वर भेजा गया था। इनमें से 110 लोगों की शिनाख्ती हो चुकी है और उन्हें परिजनों को सौंपा जा चुका है। 83 लोग अब भी शिनाख्ती के लिए बाकी है। इनमें से 30 मृतकों के सैंपल्स को डीएनए जांच के लिए दिल्ली एम्स भेजा है। सोमवार को प्रशासन ने बताया था कि 101 शवों की शिनाख्त नहीं हो पाई है। शव खराब न हो इसलिए शवों को पांच अलग-अलग कंटेनर में रखे हैं, जिससे शव लंबे समय तक खराब नहीं होंगे। अब शव छह महीने तक सुरक्षित रहेंगे, इसलिए शवों के अंतिम संस्कार के जल्दबाजी की आवश्यकता नहीं है।
    झारखंड के युवक ने लगाए आरोप
    झारखंड के एक युवक ने एम्स प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा था कि सोमवार को हमने उपेंद्र कुमार शर्मा के लाश की पहचान की थी। इसके बावजूद उन्होंने मंगलवार को शव किसी और को सौंप दिया। जब शव दूसरों को ही देना है तो डीएनए सौंपलिंग की आवश्यकता क्या है। मैंने टैटू के आधार पर उपेंद्र की पहचान की थी। इन आरोपों का जवाब देते हुए AIIMS भुवनेश्वर के डिप्टी सुपरिटेंडेंट डॉ. प्रवास त्रिपाठी ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है। पूरी जांच पड़ताल के बाद ही शवों को सौंपा जा रहा है। हां, यह सच है कि एक शव पर कई परिवार दावे कर रहे हैं, इसलिए हम डीएनए सैंपलिंग कर रहे हैं। रिपोर्ट आने में करीब सात से आठ दिनों का समय लग जाएगा।
    इन राज्यों के हैं सबसे अधिक मृतक
    पश्चिम बंगाल और ओडिशा प्रशासन ने साथ मिलकर एम्स भुवनेश्वर में हेल्पडेस्क की शुरुआत की है। एक अधिकारी ने बताया कि अधिकतर पीड़ित पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और ओडिशा राज्य के रहने वाले थे। सीबीआई, रेलवे सुरक्षा कमिश्नर और जीआरपी ने ट्रेन हादसे की जांच शुरू कर दी है। खुर्दा डीआरएम रिंकेश रॉय को आशंका है कि उपकरणों के साथ छेड़छाड़ की गई है, जिस वजह से इतना बड़ा हादसा हो गया।
    बालासोर हादसे में अबतक का अपडेट
    ओडिशा के बालासोर के शुक्रवार को बहनागा बाजार में ट्रेन हादसा हो गया था। रेलवे ने मृतकों के परिजनों को 10 लाख, गंभीर रूप से घायलों को दो लाख रुपये और अन्य घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हालातों का जायजा लेने खुद ओडिशा पहुंचे थे। पीएम ने घायलों और मृतकों के परिजनों से बात की। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जाएगी। जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव भी ओडिशा में ही मौजूद थे। विपक्ष द्वारा इस्तीफे की मांग पर उन्होंने कहा था कि मैं कहीं नहीं जा रहा हूं, यहीं हूं। राजनीति न करें।

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