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प्रदेश में 45 नए दीनदयाल अंत्योदय रसोई केंद्र खुलेंगे

  • 25 चलित और 20 स्थायी रसोई केंद्र मिलाकर प्रदेश में 149 सेंटर होंगे
  • ग्वालियर मेडिकल कॉलेज के लिए मंजूर होंगे 972 पद
  • इंदौर में अहिल्या माता स्मारक बनाने 1.1215 हेक्टेयर जमीन देगी सरकार
  • राजस्व न्यायालयों के कम्प्यूटरीकरण की योजना आरसीएमएस पर चर्चा
    भोपाल।
    प्रदेश में दीनदयाल अंत्योदय रसोई योजना का तीसरा चरण प्रदेश में लागू किया जा रहा है। इसके लिए 45 नए दीनदयाल अंत्योदय रसोई केंद्र राज्य सरकार खोलने जा रही है। धार्मिक महत्व के स्थल और मंडीदीप, पीथमपुर जैसी औद्योगिक नगरी में एक-एक रसोई केंद्र संचालित किए जाएंगे। 45 नए रसोई केंद्रों में 25 चलित और 20 स्थाई रसोई केंद्र होंगे। आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में चल रही कैबिनेट की बैठक में इस संबंध में निर्णय लिया जाएगा।
    दीनदयाल रसोई केंद्र में ऐसी संस्थाएं जो स्वेच्छा से शासन के इन केंद्रों पर भोजन उपलब्ध कराना चाहती हैं, उन्हें भी योजना से जोड़ा जाएगा। 20 हजार से अधिक संख्या वाले निकायों में स्थायी दीनदयाल अंत्योदय रसोई केंद्र खोले जाएंगे। वर्तमान में छह धार्मिक नगरी मैहर, अमरकंटक, महेश्वर, ओमकारेश्वर, चित्रकूट एवं ओरछा सहित प्रदेश के 52 जिलों में 104 रसोई केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। इसके साथ ही मंगलवार 25 अप्रैल को होने वाली कैबिनेट की बैठक में ग्वालियर के गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय के अधीन बनने वाली एक हजार बिस्तर की अस्पताल के लिए 972 नए पद सृजित किए जा रहे हैं। सतना में बनी चिकित्सा महाविद्यालय के निर्माण के 338 करोड़ की पुनरीक्षित प्रशासकीय मंजूरी और इंदौर में देवी अहिल्या माता स्मारक बनाने के लिए 1.1215 हेक्टेयर से अधिक जमीन देने का प्रस्ताव कैबिनेट में लाया जा रहा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में कल होने वाली कैबिनेट की बैठक में दो दर्जन से अधिक प्रस्तावों पर चर्चा चल रही है।
    नियमित और आउटसोर्स पर रखेंगे कर्मचारी
    सबसे प्रमुख प्रस्ताव ग्वालियर मेडिकल कॉलेज में बनाए जा रहे एक हजार बिस्तरों वाले अस्पताल के लिए यहां डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल स्टाफ और चतुर्थ श्रेणी के आउटसोर्स से रखे जाने वाले सपोर्ट स्टाफ के अतिरिक्त पदों की जरूरत है। इसके लिए नियमित स्थापना के 488 पद तथा आउटसोर्स के 484 पदों इस तरह कुल 972 पदों को मंजूरी देने कैबिनेट में चर्चा की जाएगी। चिकित्सा महाविद्यालय ग्वालियर के अधीन अलग-अलग भवनों में 1630 बिस्तरीय अस्पताल अभी संचालित है। जयारोग्य चिकित्सालय भवन को जर्जर घोषित किए जाने और बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए ग्वालियर में एक हजार बिस्तरों वाले नवीन चिकित्सालय भवन का निर्माण किये जाने की प्रशासकीय मंजूरी दी गई थी इसमें से 397 करोड़ के नवीन भवन निर्माण का काम पूरा हो चुका है।
    इन प्रस्तावों पर भी की जा रही चर्चा
    विद्युत वितरण कंपनियों में आउटसोर्स के माध्यम से कार्यरत आईटीआई पास लाइनमेनों को जोखिम भत्ता स्वीकृत करने, पंद्रहवें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवार्ड अवधि एक अप्रैल 2021 से 31 मार्च 2026 तक के लिए लोकायुक्त संगठन में कुल 475 अस्थाई पदों को निरंतर रखने और आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ इकाई ग्वालियर एवं रीवा हेतु फर्राश एवं चौकीदार के स्वीकृत अस्थाई पदों को निरंतर रखे जाने के प्रस्ताव पर कैबिनेट में चर्चा की जा रही है। इसके साथ ही निवाड़ी के लिए जिला शिक्षा केन्द्र कार्यालय के लिए पदों की मंजूरी और प्रदेश के राजस्व न्यायालयों की कम्प्यूटरीकरण परियोजना (आरसीएमएस 4.0) लागू किए जाने पर भी कैबिनेट में चर्चा हो रही है। राजस्व पुस्तक परिपत्र खंड छह क्रमांक चार के अंतर्गत दी जाने वाली राहत राशि तथा उनके निर्धारित मानदंडों में संशोधन करने भी विचार किया जाएगा।

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