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चक्रवात यास की तैयारियों का अमित शाह ने लिया जायजा

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  • गृहमंत्री ने ओडिशा, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्रियों से की बात
  • ओडिशा और प. बंगाल के तटों से कल गुजरेगा ‘यास, केंद्रपाड़ा में भारी बारिश

नई दिल्ली/भुवनेश्वर। 
बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरे दबाव का क्षेत्र चक्रवाती तूफान ‘यासÓ में बदल गया है और इसके अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान में बदलने के बाद 26 मई को ओडिशा-पश्चिम बंगाल के तटों से गुजरने का अनुमान है। वहीं ताजा जानकारी के अनुसार ओडिशा के केंद्रपाड़ा में भारी बारिश शुरू हो गई है। मौसम विभाग के मुताबिक 26 मई को झारग्राम, पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर, दक्षिण तथा उत्तर 24 परगना, हावड़ा तथा हुगली और कोलकाता में जयादातर जगहों पर हल्का से मध्यम और एक या दो स्थानों पर भारी से ले कर अत्यधिक भारी बारिश होने का अनुमान है। दोपहर में बालासोर के आसपास पारादीप और सागर द्वीप के तट से टकराकर बहुत खतरनाक चक्रवाती तूफान के रूप में पार करेगा। 

अमित शाह ने चक्रवात यास पर समीक्षा की

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने समुद्र और तटवर्ती क्षेत्रों से लोगों के बचाव के साथ कोविड-19 अस्पतालों की सुरक्षा समेत चक्रवात यास को लेकर तैयारियों की सोमवार को समीक्षा की। गृह मंत्री ने पश्चिम बंगाल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में स्थित ऑक्सीजन उत्पादन केंद्रों पर चक्रवात के संभावित असर को लेकर भी चर्चा की और राज्य सरकारों को इनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा।

ओडिशा में सरकार और प्रशासन अलर्ट

ओडिशा सरकार ने बचाव दलों को तैनात किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रदेश सरकार संवेदनशील इलाकों से लोगों को निकालने की योजना बना रही है।

विशेष राहत आयुक्त पीके जेना ने बताया कि ओडिशा सरकार ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल और दमकल सेवा कर्मियों को तैनात किया है। उसका अनुमान है कि बालासोर तथा भद्रक जिलों में चक्रवात का बहुत अधिक असर हो सकता है।

120-165 प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी

मौसम विभाग के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने बताया, ओडिशा के चार तटीय जिले बालासोर, भद्रक, केंद्रपाड़ा तथा जगतसिंहपुर इस चक्रवात से सर्वाधिक प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि 120-165 प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और ओडिशा में भारी बारिश होगी। जेना ने बताया कि निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन को योजना बनाने को कहा गया है।

ऑक्सीजन संयंत्रों की नहीं होगी कमी: एनडीआरएफ

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने अपने बचाव दलों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि ओडिशा और पश्चिम बंगाल में लगे देश के बड़े चिकित्सकीय ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र चक्रवात ‘यासÓ के दौरान भी चलते रहें और काम करते रहें।

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