Home स्थापना दिवस आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाता मप्र : विष्णुदत्त शर्मा

आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाता मप्र : विष्णुदत्त शर्मा

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  • रवि अवस्थी

मध्यप्रदेश आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। बहुत हद तक इसका श्रेय देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है। जिन्होंने अपनी अथक मेहनत व दूरदर्शिता से मप्र ही नहीं समूचे देश में विकास को गतिमान बनाया। यह बात भारतीय जनता पार्टी मध्यप्रदेश के अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने दैनिक स्वदेश भोपाल के स्थापना दिवस क ी 41वीं वर्षगांठ के मौके पर से विशेष बातचीत में कही। श्री शर्मा ने कहा कि बीते सात वर्षों में विकास कार्यों को जो गति मिली,उसने मध्यप्रदेश की स्थिति में भी बड़े पैमाने पर बदलाव किया है। लोगों की जीवन शैली बदली। विशेषकर गरीबों के जीवन में उजियारा आया। प्रधानमंत्री आवास योजना इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। ग्रामीण हो या शहरी गरीब,लोगों क ा अपना खुद के पक्के मकान का सपना इस योजना ने पूरा किया। यह सिलसिला निरंतर जारी है। मध्यप्रदेश में ही लाखों लोगों को पक्के मकान मिले। अपने सिर पर पक्की छत पाकर लोग आज गर्व से कहते हैं, यह मेरा
घर है।


बदली जीवन शैली

श्री शर्मा ने कहा कि उज्जवला योजना ने लाखों गृहणियों को धुंए से मुक्ति ही नहीं दिलाई। इसने उनकी जीवन शैली भी बदली। उनका स्वास्थ्य बेहतर हुआ। वह अपने परिवार क ो और बेहतर तरीके से संभाल पा रही है। यह कोई छोटा बदलाव नहीं है। आज गांव-गांव में गरीबों के घर में रसोई गैस क ा उपयोग उन्हें गौरवान्वित भी करता है। इसी तरह, प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना देश ही नहीं, विश्व की सबसे अनूठी योजना है। इसने गरीब व्यक्ति को किसी भी उत्कृष्ट चिकित्सा संस्थान में पांच लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज की सुविधा प्रदान की। चिकित्सा के क्षेत्र में संवेदनशीलता के मायने निरंतर बदल रहे हैं। इलाज के लिए पैसा जरूरी है। गरीब व्यक्ति यहीं मजबूर होता रहा। आयुष्मान योजना के दायरे में आने के बाद उसकी यह हिचक, दिक्कत दूर हुई। दोनों ही महत्वपूर्ण योजनाएं लोगों में आत्मनिर्भरता का भाव जगाने के साथ ही स्वस्थ समाज की सूचक
भी हैं।


मुफ्त अनाज कार्यक्रम बना मददगार

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि कोविड काल में लगातार देश की 80 करोड़ आबादी को मुफ्त अनाज दिया जाना,प्रधानमंत्री श्री मोदी का बेमिसाल निर्णय है। गरीबों के हित में ऐसे अनूठे कार्यक्रम का दूसरा उदाहरण दुनिया के किसी अन्य देश में नहीं मिलता। आजाद भारत में ही इससे पहले की सरकारें गरीबी मिटाओ,भ्रष्टाचार मुक्ति के केवल नारे देती रही,लेकिन श्री मोदी ने पहली बार देश,प्रदेश से गरीबी दूर करने के जमीनी प्रयास किये। ये फलीभूत भी हो रहे हैं। उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के विचार को मूर्त रूप दिया। कमोवेश यही स्थिति भ्रष्टाचार पर प्रहार को लेकर है। श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अधिकतर कल्याणकारी योजनाओं में सीधे हितग्र्राहियों के खातों में तय राशि डालकर बिचौलियों की भूमिका ही खत्म कर दी। जो गरीबों के हित पर डाका डाला क रते थे। भारत के एक पूर्व प्रधानमंत्री ने तो यह कहा था कि केंद्र से दिया एक रुपया मैदान तक पहुंचते 15 पैसे ही बचता है। श्री मोदी द्वारा लागू डीबीटी सिस्टम से आज सौ प्रतिशत राशि मध्यप्रदेश के गरीबों तक पहुंच रही है। इस व्यवस्था से न केवल
उनक ी जीवन शैली में बदलाव आया बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर भी बनाया।

गांधीजी का सपना हुआ साकार

श्री शर्मा ने कहा कि स्वच्छ भारत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का सपना था। वास्तविक अर्थों में इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरा किया। वह स्वयं झाड़ू लेकर खड़े हुए थे और हाथ आगे बढ़ा। विरोधी दल कांग्रेस को इसमें भी दिक्कतें रहीं,लेकिन आज यदि मप्र का इंदौर शहर स्वच्छता में देश में नंबर एक है तो इसका श्रेय प्रधानमंत्री के इसी अभियान को जाता है। इंदौर ही नहीं प्रदेश के अन्य शहर,गांव में स्वच्छता अब एक मिशन है। रेलवे स्टेशन,विमानतल व पयर्टन स्थलों पर स्वच्छता पर्यटकों को प्रभावित करती है। जो देश कभी भारत को अस्वच्छ देश बताते थे,उनका नजरिया बदला है।

आत्मनिर्भरता ने बदली तस्वीर

श्री शर्मा ने कहा कि देश में हर क्षेत्र में उत्पादन बढ़ा है। कोरोना महामारी से निपटने में स्वदेशी वैक्सीन इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के आत्मविश्वास व वैज्ञानिक ों का किए गए उत्साहवर्धन का ही परिणाम है कि वैक्सीन उत्पादन में न केवल देश आत्मनिर्भर बना बल्कि दूसरे देश की भी मदद की जा सकी। आज इजराइल जैसा इस्लामिक देश यदि इस मामले में भारत का आभार जता रहा है तो इससे बड़ी बात और क्या होगी। स्वदेशी वैक्सीन व टीकाकरण अभियान को गति मिलने से मप्र में ही कोरोना की दूसरी लहर को नियंत्रित करने में मदद मिली। मप्र सहित देशभर में स्थापित हो रहे ऑक्सीजन संयंत्र हमारी आत्मनिर्भरता के सूचक हैं। इसने प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र की तस्वीर भी बदली।

सड़कें बनी पर्यटन स्थल

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने मध्यप्रदेश में आ रहे बदलाव को लेकर कहा कि अधोसंरचना विकास हो या सड़कों का फैलता जाल। उनके अपने संसदीय क्षेत्र खजुराहो सहित देश में कई ऐसी सड़कें हैं जिन्हें लोग सैर-सपाटे के लिए पंसद कर रहे हैं। इस मामले में कें द्रीय भूतल एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने जो सौगातें मप्र व देश के अन्य राज्यों को दी। ये मध्यप्रदेश में भी सुखद बदलाव लेकर आईं। भाजपा के संस्थापन स्वर्गीय कुशाभाऊ ठाकरे के जयंती वर्ष पर पार्टी के सभी जनप्रतिनिधियों ने सामाजिक दायित्व निर्वहन का संकल्प लिया। इसी क्रम में उन्होंने भी अपने संसदीय क्षेत्र को कुपोषण मुक्त बनाने की दिशा में काम शुरू किया है। जल्दी ही इसके सार्थक परिणाम देखने को मिलेंगे। श्री शर्मा ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की महात्वाकांक्षी नदी जोड़ परियोजना को जमीन पर उतारने करने का काम भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया है। 35 हजार करोड़ की केन-बेतवा लिंक परियोजना इनमें एक है। यह प्रदेश के बुंदेलखंड की तस्वीर बदलने वाली होगी।

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