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मध्यप्रदेश में फिल्मों की शूटिंग

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भोपाल के पास बुधनी में ‘नया दौर की नब्बे फीसदी शूटिंग, जबलपुर के भेड़ाघाट में ‘जिस देश में गंगा बहती है..छिंदवाड़ा के न्यूटन चिखली में ‘तेरे मेरे सपने, माण्डवगढ़ में ‘दिल दिया दर्द लिया से लेकर गुलजार साहब की ‘किनारा तक.. हिंदी फिल्मों के फिल्मांकन ने देश के दिल मध्यप्रदेश को सिनेमाकारों की पहली आउटडोर पसंद बनाने में कसर नहीं छोड़ी… पचमढी में ‘एन इलेक्ट्रिक मून, ‘मेस्सी साहब,’तरकीब थोड़ा सा रूमानी हो जाएं

  • साहित्यकार डॉ प्रभुदयाल अग्निहोत्री जी के बेटे फिल्मकार विवेक अग्निहोत्री भोपाल में ही पैदा हुए… स्कूल, कालेज की पढ़ाई भी भोपाल में ही हुई… एक्ट्रेस पल्लवी जोशी इनकी पत्नी हैं

मध्यप्रदेश की खूबसूरत राजधानी भोपाल फिल्मकारों को भा रही है। यहां आए दिन कोई न कोई फिल्म कंपनी डेरा डाले रहती है। हालांकि राजधानी के अलावा हिल स्टेशन पचमढ़ी,ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, खजुराहो, पन्ना, शिवपुरी, दतिया, माण्डव और महेश्वर का भी हिंदी सिनेमा में सदुपयोग भी हुआ है। भोपाल के पास बुधनी में ‘नया दौर की नब्बे फीसदी शूटिंग, जबलपुर के भेड़ाघाट में ‘जिस देश में गंगा बहती हैÓ..छिंदवाड़ा के न्यूटन चिखली में ‘तेरे मेरे सपने, माण्डवगढ़ में ‘दिल दिया दर्द लिया से लेकर गुलजार साहब की ‘किनारा तक.. हिंदी फिल्मों के फिल्मांकन ने देश के दिल मध्यप्रदेश को सिनेमाकारों की पहली आउटडोर पसंद बनाने में कसर नहीं छोड़ी… पचमढी में ‘एन इलेक्ट्रिक मूनÓ, ‘मेस्सी साहब,’तरकीब थोड़ा सा रूमानी हो जाएं, ‘अशोक ‘चक्रव्यूह ‘हवाई दादा जैसी नई फिल्में और ‘दिल ही दिल में जैसी पुरानी फिल्में बनाई गईं हैं ..
गीतकार शैलेन्द्र की मशहूर फिल्म ‘तीसरी कसम का एक गीत ‘लाली लाली डोलिया में लाली रे दुल्हनिया’ सागर जिले के बीना के पास खिमलासा में फिल्माया गया था। गीतकार, राजनेता वि_ल भाई पटेल की मदद से हुई शूटिंग में राज कपूर, वहीदा रहमान सरीखे सितारे शामिल हुए थे। पन्ना के पास राजगढ़ पैलेस में मीरा नायर ने रेखा अभिनीत ‘कामसूत्र की पूरी शूटिंग की है? चम्बल इलाके के ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी में…’मुझे जीने दो, ‘चम्बल की कसम, ‘चम्बल के डाकू, ‘पुतलीबाई, ‘यतीम, ‘डकैत… ‘भयानक…. से लेकर बैंडिट वीन ….रिवाल्वर रानी जैसी कई ?िल्में, महलों, बीह?ों … हवेलियों में शूट की गईं। शहडोल, रीवा… बांधवग? में वहीँ के रहने वाले स्व. जोगेन्दर सिंह ने ‘बिंदिया और बन्दूक’, ‘रंगा खुश’, ‘कसम भवानी की.’आदि बनाई।

आशुतोष राणा अभिनीत किन्नर ‘शबनम मौसी’ पर इसी नाम की ?िल्म शहडोल में शूट हुई। ‘वेलकम टू सज्जनपुर’, रीवा के पास एक गांव में फिल्मांकित की गईं। राजकपूर साहब का अपने ससुराल रीवा से प्रेम उनकी एक मशहूर फिल्म ‘आह ‘ में भी देखने – सुनने मिला, जब उन्होंने अपनी गंभीर बीमारी के चलते। रीवा जाने का जिक्र किया है।आधी रात को सतना स्टेशन पर एक तांगेवाले को बार बार रीवा चलने को कहते हैं, जहाँ नरगिस से वो आखिरी बार मिलना चाहते हैं।तांगेवाला मुकेश के स्वर में गाना गाते हुये उन्हें रीवा ले जाता है।

ड्डछोटी सी ये जिंदगानी रे, चार दिन की कहानी तेरी..

पीपली लाइव रायसेन जिले के एक गांव में शूट हुई तो सिंह साहब द ग्रेट इंदौर में शूट की गईं, ‘वेलकम टू करांची’ में । इंदौर एयरपोर्ट के पास सुपर कॉरिडोर में पाकिस्तान का करांची बना दिया गया। भगवान महाकाल की नगरी उज्जैन में भी स्वीकार किया, मैंने मंगलसूत्र आदि फिल्मों की शूटिंग की गई हैं। हॉलीवुड की एक फिल्म के अनेक दृश्य, उज्जैन, खंडवा और रतलाम के आसपास लिए गए हैं। उज्जैन, रतलाम के समीप के नागदा में, सुनील दर्शन की सन्नी देओल अभिनीत फिल्म अजय की पूरी शूटिंग हुई, जिसका साक्षी मैं स्वयं भी रहा। ..रतलाम स्टेशन को बर्निंग ट्रेन और जब वी मैट के अलावा कई फिल्मों में दिखाया जा चुका है।

इंदौर में, जयप्रकाश चौकसे साहब की कथा पर आधारित फिल्म शायद की शूटिंग एम वाय अस्पताल में भी की गई थी….ममता कुलकर्णी की फिल्म दिलबर का गाना पातालपानी नामक पर्यटन स्थल पर शूट हुआ के सी बोकाडिया जी ने, ओम पुरी, मल्लिका शेरावत को लेकर डर्टी पॉलिटिक्स की अधिकांश शूटिंग, खंडवा रोड, इंदौर के एक फॉर्म हाउस में की.. महेश्वर में, नर्मदा नदी और भगवान शिव के मंदिर के प्रांगण में…कुछ समय पहले। दबंग -3 के दृश्य फिल्माये गए। इससे पहले राजश्री प्रोडक्शन की तुलसी। देओल परिवार की यमला पगला दीवाना। शाहरु खान की अशोक और अक्षय कुमार की टायलेट :एक प्रेमकथा के महत्वपूर्ण सीन यहीं शूट हुये हैं।

स्मृति ईरानी का एक मेगा टीवी सीरियल मेरे अपने भी महेश्वर में शूट किया गया। होशंगाबाद के आसपास जय गंगाजल, चक्रव्यूह और टॉयलेट.फिल्मों के सीन शूट हुये हैं। मघ्य प्रदेश को सिनेमा का बेस्ट डेस्टिनेशन घोषित करने की औपचारिक घोषणा ही शेष रह गईं है। बन तो गया है। ऑलरेडी। कमलनाथजी चाहकर भी न कर पाए। अब चौथी बार काबिज शिवराज जी चाहें तो मुम्बइया लोगों का लाभ उठा फिल्मसिटी की पहल कर सकते हैं। उन्हें चाहिए कोई राय चंद या सलाह प्रसाद, जो फायदे गिना सके।

राज्य के कलाकार
जया भाडुड़ी बच्चन, रज़ा मुराद, जगदीप ,जावेद खान,सुनील लहरी,राजीव वर्मा, शरद सक्सेना,और रंगमंच के,लगभग 50 से ज्यादा कलाकार

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