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उत्तर प्रदेश विधानमंडल बजट सत्र का 5वां दिन: हंगामा करने पर सपा के 7 MLC को नोटिस

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमंडल बजट सत्र की कार्यवाही का आज 5वां दिन है। सुबह 11 बजे विधान परिषद में कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने सरकार के तमाम दावों पर सवाल उठाते हुए जमकर हंगामा किया। इस दौरान समाजवादी पार्टी के MLC वेल तक आ गए। इस पर सात MLC को सभापति ने नोटिस जारी किया है। वहीं, विधानसभा में आज उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक 2021 (लव जिहाद अध्यादेश) पास हो गया।
नेता प्रतिपक्ष से बोले योगी- आप साफा पहनकर आते तो अच्छा लगता
राज्यपाल के अभिभाषण पर विपक्ष के हंगामे पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक नई परिपाटी बन गई है। कहीं कोई हमारी विधायिका को ड्रामा पार्टी न मान ले। कोई लाल टोपी कोई हरी टोपी? पता नहीं ये क्या परिपाटी बन गई है? पता नहीं ये लोग घर पर भी टोपी पहन कर रहते या नहीं? नेता प्रतिपक्ष अगर साफा पहन कर आते तो अच्छा होता, गांव की पगड़ी पहनकर आते तो अच्छा होता, आपको ये शोभा नही देता। योगी ने कहा कि एक अन्नप्रासन कार्यक्रम में था। तभी एक पार्टी के कुछ नेता टोपी पहनकर विरोध करने आ गए। तभी एक दो-ढाई साल के बच्चे ने कहा “मम्मी-मम्मी ये देखो गुंडा”। सोचिए क्या धारणा बन गई है। योगी ने नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी से कहा कि आप गमछा बांध कर आते तो अच्छा लगता, इस नाटक से तो बेहतर होता।
योगी ने सदन में नेताओं के आचरण पर जताई चिंता
राज्यपाल के अभिभाषण प्रस्ताव पर सदन में चर्चा हुई। सभी सदस्यों ने अपने दलों की विचारधारा के तहत अपनी बात रखी है। आपस में सहमति असहमति हो सकती है। लेकिन संवाद का सिलसिला बने रहना चाहिए। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि परिपाटी अच्छी चीजों की बनती है। लेकिन निवेदन करना चाहूंगा कि खासतौर पर नेता प्रतिपक्ष को। वे सरल व सहज हैं। लेकिन गलत पार्टी में होने के चलते वे भटक जाते हैं। राज्यपाल अभिभाषण करने आई थीं, राज्यपाल प्रदेश का संवैधानिक प्रमुख है। संवैधानिक प्रतीकों का सम्मान चुने गए जन प्रतिनिधित्यों का दायित्व होना चाहिए। इसमें हम सभी कहीं न कहीं चूक करते हैं।
हम किसी मुद्दे पर टालने की परिपाटी नहीं बनाई है। राज्यपाल पार्टी का नहीं प्रदेश का है। उसका सम्मान होना चाहिए। इसी तरह न्यायपालिका भी प्रतिकूल टिप्पणी नहीं करना चाहिए। लेकिन जिस तरह का आचरण देखने को मिला, वह पीड़ादायक है। मुझे कभी कभी चिंता होती है कि अपने सदन को इस बारें में तैयार करना होगा। क्यों एक जनप्रतिनिधि इतना कार्य करने के बाद वह विश्वास का प्रतीक नहीं बनता है। क्षरण क्यों हुआ? इस पर बात होनी चाहिए।
सभापति की कार्यवाही शिष्ट सदस्यों ने किया हंगामा
सुबह 11:00 बजे विधानसभा और विधान परिषद की कार्यवाही शुरू हुई। इस दौरान विधान परिषद में विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि विधान परिषद सभापति के द्वारा अड़ियल रवैया अपनाते हुए कई विधेयक बिना संशोधन किए पास किए गए, जो कि संविधान के खिलाफ है। हंगामा करते हुए सपा के सभी सदस्य वेल में पहुंचे और नारेबाजी शुरू कर दी। नारेबाजी और हंगामे के बीच ही सभापति ने विधायी कार्यों को निपटा कर प्रश्न प्रहर की कार्यवाही जारी रखी। बसपा और कांग्रेस के सदस्य भी अपनी सीटों पर खड़े होकर सपा के समर्थन में दिखे। भारी हंगामे को देखते हुए सभापति ने सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी।
सभापति ने MLC आनंद भदौरिया ,राजेश यादव, सुनील सिंह साजन, संजय लाठर, उदयवीर सिंह, राजपाल कश्यप और संतोष यादव सनी के खिलाफ चेतावनी नोटिस जारी किया है। सपा के सदस्य वेल में धरने पर बैठे हैं।
सपा विधायक के प्रश्न का केशव मौर्य ने दिया जवाब
विधान परिषद में सपा के विधायक नरेंद्र वर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सड़कों के निर्माण का कार्य नहीं हो रहा है। हमारे विधानसभा में सड़कों की स्वीकृति नहीं की गई। इस पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि वित्तीय वर्ष के दौरान विभाग के द्वारा आगरा एक्सप्रेसवे से जुड़ने वाले बाईपास की कई सड़कों को स्वीकृति दी गई है। इसके साथ ही अन्य कई जिलों में भी स्वीकृति दी जा रही है। एक ही विभाग के द्वारा सड़कों का निर्माण नहीं किया जा रहा है। कई ऐसे विभाग है, जिनके द्वारा सड़कों की स्वीकृति की जा रही है। बाकी बची हुई सड़कों का भी जल्द स्वीकृति की जाएगी।

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