गहलोत बनाम पायलट: समर्थक नेताओं में तेज हुई सियासी जुबानी जंग

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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Chief Minister Ashok Gehlot) के सवाई माधोपुर दौरे पर गरमाई सियासत अभी थमने का नाम नहीं ले रही है. सरकार के असंतुष्ट धड़े के विधायक एवं एससी आयोग के चैयरमेन खिलाड़ीलाल बैरवा (Khiladi lal bairawa) ने जयचंद और रायचंद का नाम लेकर नई बहस छेड़ दी. इस पर सीएम गहलोत के भरोसेमंद विधायक बाबूलाल नागर (Babulal nagar) ने पलटवार किया तो भाजपा (BJP) को कांग्रेस की आपसी लड़ाई में सियासी शब्द बाण छोड़ने का मौका मिल गया. एसएसी आयोग को संवैधानिक दर्जा देने की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ रोजाना हमलावर हो रहे खिलाड़ीलाल बैरवा का सब्र का बांध टूटता नजर आया और उन्होंने सीएम पर तंज कसे.

मुख्यमंत्री के सवाई माधोपुर दौरे के दौरान दिये गए बयान पर खिलाड़ीलाल बैरवा ने कहा कि सीएम ने साफ कर दिया है कि जयचंद और रायचंद क्या होते हैं. जो तीन लोग राजनीतिक उठापटक के दौरान सीएम को पल-पल की खबर दे रहे थे. वो ज्यादा महत्वपूर्ण हो गये. इससे उन 102 लोगों के दिलों में चोट पहुंची है, जो कई दिनों तक सरकार बचाने के लिए सीएम के साथ खड़े रहे. इस मौके पर बैरवा ने पायलट की तारीफ भी की.

गहलोत को अब पायलट को सीएम बनाना चाहिए
गौरतलब है कि पहले गहलोत कैंप के माने जाने वाले बैरवा अब पायलट के पक्ष में हैं. उन्होंने पहले भी कहा था कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को अब पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बन जाना चाहिए और सचिन पायलट को राजस्थान का मुख्यमंत्री बना देना चाहिए. इसमें किसी को कोई दिक्कत नहीं है. एससी आयोग के अध्यक्ष खिलाड़ीलाल बैरवा के इस बयान के बाद से पायलट गुट और तेजी से सक्रिय हो गया.

बैरवा पर बाबूलाल नागर ने किया पलटवार
कांग्रेस विधायक बैरवा के बयान पर सीएम के सलाहकार एवं दूदू से निर्दलीय विधायक बाबूलाल नागर ने पलटवार किया. उन्होंने कहा कि प्रदेश का अवाम फिर गहलोत को सीएम के रूप में देखना चाहता है. उनके पास सियासत का जो अनुभव है वो उन्हें बड़े नेताओं में शुमार करता है. प्रदेश को आज ऐसे ही अनुभवी नेता की दरकार है. उन्होंने विकास की गंगा बहाई है और कोरोना से लेकर हर मुश्किल से प्रदेश को उबारा है.

विरोध से ही पूरा हो जाएगा कार्यकाल-बीजेपी
कांग्रेस में कुर्सी के लिए छिड़ी सियासत के तेज होने पर बीजेपी को भी कांग्रेस के खिलाफ बोलने का और मौका मिल गया है. बीजेपी वैसे भी सदन में गहलोत सरकार के खिलाफ हमलावर है. बीजेपी विधायक राजेंद्र सिंह राठौड़ ने जयचंद और रायचंद पर छिड़ी बहस के बीच अपना सियासी दांव चला. उन्होंने कहा कि सरकार के विधायक एक दूसरे को जयचंद करार दे रहे हैं. इस सरकार का जन्म अंतर-विरोध से हुआ था और इसका कार्यकाल भी अंतर-विरोध से ही पूरा होगा.

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