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अस्पताल में बेड नहीं हैं तो ट्रेन में बने आइसोलेशन कोच क्यों शुरु नहीं हुए

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  • छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने मांगा जवाब, पूछा आरटी-पीसीआर जांच क्यों बंद

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण अब बेकाबू होता जा रहा है। मरीजों को अब जरूरी दवाओं, हॉस्पिटल में बेड और ऑक्सीजन की किल्लत होने लगी है। स्थिति बिगड़ती देख बिलासपुर हाईकोर्ट में व्यवस्था दुरुस्त करने कुछ सुझाव पेश किए गए। इन पर अब हाईकोर्ट से छत्तीसगढ़ सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने पूछा है कि रेलवे के 100 से ज्यादा आइसोलेशन कोच का इस्तेमाल क्यों नहीं हो रहा? बिलासपुर के सिम्स अस्पताल ने क्रञ्ज-क्कष्टक्र टेस्ट क्यों बंद कर दिए गए?

ट्रेन के आइसोलेशन कोच शुरू किए जाने और टेस्ट के मामले में गुरुवार को हाईकोर्ट ने शुक्रवार को सरकार को जवाब देने को कहा है। हालांकि, ट्रेन में बने कोविड आइसोलेशन सेंटर को लेकर रेलवे के अधिकारी ये कहते रहे हैं कि नर्सिंग स्टाफ न होने की वजह से इन्हें शुरू नहीं किया जा सका है। हाईकोर्ट ने रेलवे, केंद्र सरकार,और राज्य सरकार को बैठक कर कल तक जवाब पेश करने का आदेश जारी किया है।

यह है पूरा मामला

कोरोना के मरीज बढ़ रहे हैं और अस्पताल में बेड नहीं मिल पा रहे। इसलिए ट्रेन की आइसोलेशन कोच का इस्तेमाल कोरोना संक्रमितों के इलाज के लिए करने का सुझाव वकील पलाश तिवारी ने हाईकोर्ट में पेश किया। वकील ने अपने आवेदन में कहा कि रेलवे के पास 100 से अधिक आइसोलेशन कोच पड़े हुए हैं, जिनका इस्तेमाल कोरोना संक्रमितों के लिए किया जा सकता है।

रेलवे की तरफ से मौजूद वकील ने कोर्ट को बताया कि हमारे पास आइसोलेशन कोच जरूर हैं, लेकिन नर्सिंग स्टाफ नहीं। जिन रेलवे कोच को आइसोलेशन के लिए तैयार किया गया है उनमें एयर कंडीशन की व्यवस्था नहीं है ऐसे में गर्मी के बीच मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। पूरे मामले को सुनने के बाद चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने सभी पक्षों को आज मीटिंग कर कल शुक्रवार को जवाब देने कहा है।

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