Home छत्तीसगढ़ कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी जिला दंडाधिकारी की : बघेल

कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी जिला दंडाधिकारी की : बघेल

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स्वदेश संवाददाता, रायपुर

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गुरुवार को कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में कहा कि कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी जिला दंडाधिकारी की है। जिला दंडाधिकारी को टीम लीडर के रूप में कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करते हुए सोशल मीडिया के माध्यम से फैलाई जाने वाली अफवाह और दुष्प्रचार का कठोरता से खंडन ज़रूरी है। जि़ला दंडाधिकारी साप्ताहिक समीक्षा बैठक के पूर्व पुलिस अधीक्षक, कार्यपालिक दंडाधिकारियों के साथ क़ानून-व्यवस्था की समीक्षा करें। आम जनता के बीच शासन प्रशासन की पैठ होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कलेक्टर मैदानी स्तर पर बेसिक एडमिनिस्ट्रेशन पर गंभीरता से ध्यान दें।

मंत्रालय स्तर से लिए गए निर्णयों को धरातल पर पहुंचाने की जिम्मेदारी जि़ला प्रशासन पर है। जिला प्रशासन के कार्यों का आंकलन आंकड़ों से नहीं, छत्तीसगढ़ के नागरिकों को इन योजनाओं से मिलने वाले प्रत्यक्ष लाभ के आधार पर की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की योजनाओं का क्रियान्वयन संवेदनशीलता के साथ किया जाए। अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि योजनाओं का लाभ हितग्राहियों को मिले। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि राजस्व प्रशासन के कार्य सीधे तौर पर किसानों, आम नागरिकों से जुड़े हुए हैं। जि़ला प्रशासन इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दे। उन्होंने शासन और प्रशासन के मध्य परस्पर संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया।

क़ानून व्यवस्था को बनाए रखना हमारी प्राथमिकता: मुख्यमंत्री बघेल ने क़ानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रशासन की सजगता से ही क़ानून व्यवस्था की स्थिति बेहतर हो सकती है। संचार क्रांति के दौर में एक स्थान की घटना का असर पूरे प्रदेश और देश में होता है, इसलिए जि़म्मेदारी बहुत अधिक है। छत्तीसगढ़ शांति का टापू है, क़ानून व्यवस्था को बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है। सोशल मीडिया पर उचित पर्यवेक्षण ज़रूरी है।

सूचना ही शक्ति है, जि़ला प्रशासन का सूचना तंत्र सुदृढ़ किया जाना ज़रूरी है। ग़लत तथ्यों का खंडन करें, अफ़वाह न फैलने दें। आज जनता के बीच प्रशासन का इकबाल होना चाहिए। गलत काम करने वालों में प्रशासन का भय और आम जनता में प्रशासन के प्रति भरोसा होना चाहिए। विरोध प्रदर्शन से मुझे परहेज़ नहीं है लेकिन योजनाबद्ध रूप से माहौल बिगाडऩे की साजि़श को सफल नहीं होने दिया जाना है। जि़ले का आसूचना तंत्र विकसित करें। हर हाल में सौहाद्र्र का वातावरण बना रहना चाहिए। सांप्रदायिक सद्भाव छत्तीसगढ़ी संस्कृति की पहचान है, किसी भी व्यक्ति या संस्था को इसे बिगाडऩे नहीं दिया जाएगा।

राजधानी रायपुर के न्यू सर्किट हाउस ऑडिटोरियम में आयोजित कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में कृषि मंत्री रविंद्र चौबे, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक डी. एम. अवस्थी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव मती रेणु जी.पिल्ले, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू सहित प्रमुख सचिव, विभिन्न विभागों के सचिव, कमिश्नर, जिलों के कलेक्टर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, नगर निगमों आयुक्त तथा वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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