Home छत्तीसगढ़ प्रदेश में भूमिहीन मजदूरों मिलेगा छह हजार सालाना : भूपेश बघेल

प्रदेश में भूमिहीन मजदूरों मिलेगा छह हजार सालाना : भूपेश बघेल

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  • मुख्यमंत्री ने दुर्ग में विकास कार्यों का किया लोकार्पण व भूमिपूजन

स्वदेश संवाददाता, रायपुर

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से हम कृषकों को उनके उत्पादन का उचित मूल्य दे रहे हैं। सरकार ने भूमिहीन मजदूरों का भी ध्यान रखा और उनके लिए भी प्रतिवर्ष 6000 रुपये देने की योजना लाई गई है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल गुरुवार को दुर्ग जिले की नगर पालिका परिषद जामुल में 7 करोड़ रुपये की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया और सरकार की दूरदर्शिता पूर्ण नीतियों की वजह से आज छत्तीसगढ़ में खेती किसानी बेहतर स्थिति में है।

उन्होंने कहा कि राजीव गांधी भूमिहीन श्रमिक योजना छत्तीसगढ़ राज्य में लागू की गई है। 30 नवंबर तक इसके लिए फार्म भरने की आखिरी डेट है। सभी श्रमिक इसका फार्म भर लें। केंद्र सरकार तो केवल किसान को 500 रुपए प्रति माह देती है, लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार जिसके पास एक डिसमिल भूमि भी नहीं है उसे श्रमिक को भी 6000 रुपए प्रति वर्ष देगी।

मुख्यमंत्री ने लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि देशभर में डीएपी का संकट है और अगले साल भी संकट के कम होने के आसार नहीं हैं, डीएपी के मूल्यों के और बढऩे की आशंका भी है। इस लिहाज से देखें तो छत्तीसगढ़ में गोधन न्याय योजना के माध्यम से जिस तरह से कंपोस्ट खाद का निर्माण किया जा रहा है उससे जैविक खाद के रूप में विकल्प किसानों को प्राप्त हुआ है। इस विकल्प से मिट्टी की उर्वरता भी सुरक्षित होगी और साथ ही किसान बेहतर उत्पादन भी प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश में जिस तरह से डीएपी की दिक्कत बनी हुई है उसे देखकर यह स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ में वर्मी कंपोस्ट के उत्पादन को लेकर जो नीति बनाई गई, वह बहुत कारगर नीति है और किसानों के विकास के लिए उपयोगी है।

स्वच्छता के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को 67 पुरस्कार

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि 3 सालों में छत्तीसगढ़ देश भर में विभिन्न क्षेत्रों में अग्रणी रहा है, चाहे वह क्षेत्र वनोपज संग्रहण का हो अथवा स्वच्छता का क्षेत्र हो। वनोपज को ही लें। पहले केवल 7 प्रकार के वनोंपज की खरीदी होती थी अब 52 प्रकार के वनोपज की खरीदी होती है। स्वच्छता के क्षेत्र में यदि अवार्ड देखें तो राष्ट्रपति द्वारा दिए जाने वाले 239 पुरस्कारों में से 67 छत्तीसगढ़ से संबंधित हैं यह बड़ी उपलब्धि है। इस उपलब्धि में रिसाली भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास के लिए किसी तरह से राशि की कमी नहीं की गई है।

प्रदेश में कोरोना के 258 सक्रिय मरीज, एक दिन में 27 नए संक्रमित

प्रदेश में करोना के 258 सक्रिय मरीज हैं। जबकि बुधवार को प्रदेश में 27 नए मरीज मिलें हैं। वहीं राज्य के पांच जिलों कबीरधाम, बलरामपुर-रामानुजगंज, कोंडागांव, नारायणपुर और बीजापुर में अभी कोरोना का एक भी सक्रिय मरीज नहीं है। प्रदेश के 18 जिलों में 17 नवम्बर को कोरोना का कोई नया मामला नहीं आया है। इस दिन प्रदेश भर में हुए 27 हजार 651 सैंपलों की जांच में 27 व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाए गए। अभी प्रदेश की औसत पॉजिटिविटी दर 0.1 प्रतिशत है।

राजनांदगांव, बेमेतरा, कबीरधाम, बलौदाबाजार-भाटापारा, गरियाबंद, रायगढ़, कोरबा, मुंगेली, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कोरिया, बलरामपुर-रामानुजगंज, जशपुर, बस्तर, कोंडागांव, सुकमा, कांकेर, नारायणपुर और बीजापुर जिले में 17 नवम्बर को कोरोना संक्रमण का एक भी मामला नहीं आया है। इस दिन बालोद, महासमुंद, जांजगीर-चांपा और सूरजपुर में एक-एक, धमतरी, सरगुजा और दंतेवाड़ा में दो-दो, बिलासपुर में तीन, रायपुर में पांच और दुर्ग में छह व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाए गए।

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