Home छत्तीसगढ़ कवर्धा में इंटरनेट सेवाएं शुरू, 117 घंटे बाद बाजार खुले

कवर्धा में इंटरनेट सेवाएं शुरू, 117 घंटे बाद बाजार खुले

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  • सीमाएं रहेंगी सील, सुबह 10 बजे से दो बजे तक खुलेंगे बाजार


स्वदेश, कवर्धा (रायपुर)।

कवर्धा में छह दिनों के बाद शनिवार को शांति स्थापित हुई। करीब 117 घंटे के बाद 4 घंटे के लिए खुले और 5 दिनों से बंद इंटरनेट सेवाएं भी शुरू हुई हैं। हालांकि रविवार को भी आम लोग भी सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक शहर के भीतर आवाजाही करते हुए अपना कामकाज कर सकेंगे। हालांकि इस दौरान शहर की सीमाएं पहले की तरह की सील रहेंगी। बाहर के लोग शहर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे।

दो समुदायों में विवाद के बाद रविवार शाम 5 बजे से ही बाजार बंद थे। हालात को देखते हुए जिले में धारा-144 लगाई गई, लेकिन इसके बाद रैली, प्रदर्शन हुआ और फिर हिंसा भड़क उठी। इसके चलते जिले में कर्फ्यू लगाना पड़ा। कवर्धा सहित राजनांदगांव और बेमेतरा की भी इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई थी। इसके बाद शुक्रवार को सब पटरी पर लौटना शुरू हो गया। दोपहर में बाजार खोलने के आदेश जारी हुए और देर रात इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गई।

वहीं शनिवार को मुस्लिम समुदाय के लोग शहर के सबसे पुराने दुर्गा पूजा पंडाल में पहुंचे और वहां भगवा तोरण और ध्वज बांधा। झंडे के ही विवाद के चलते जिले में हिंसा भ?की थी। पंडरिया से प्राप्त जानकारी के मुताबिक शहर के पुराने बस स्टैंड स्थित दुर्गा पूजा पंडाल श्री पुष्पांजलि दुर्गा उत्सव समिति में दोनों समुदाय के लोग पहुंचे।

कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा का कहना है कि जरूरी चीजों के लिए 7 से 10 बजे तक घर पहुंच सेवा की छूट पहले ही दी जा चुकी है। इसके साथ ही फूड की होम डिलीवरी शाम 5 बजे तक हो सकेगी। वहीं विभिन्न वार्डों में शांति व्यवस्था को लेकर चर्चा के लिए 9-9 लोगों की टीम जल्द तैयार कर ली जाएगी।

एक हजार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज

कवर्धा की घटना के बाद पुलिस ने शहर अशांति फैलाने के आरोप में करीब एक हजार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। जिसमें 93 आरोपी नामजद हैं। पूरे मामले में अलग-अलग सात एफआईआर दर्ज हुई है। पुलिस लगातार जांच कर रही है।

सरकार के तीन मंत्रियों ने रखे तथ्य

कवर्धा की घटना को लेकर सरकार की ओर से शनिवार को सरकार के तीन कृषि मंत्री रविंद्र चौबे, वन मंत्री मोहम्मद अकबर और आदिवासी विकास मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने घटना की जानकारी दी। मंत्रियों ने भाजपा पर घटना को लेकर आरोप लगाया। कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने संकेत दिए कि भड़काऊ नारेबाजी वाले जुलूस का नेतृत्व करने वाले की भी गिरफ्तारी होगी।

कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि कवर्धा में एक ध्वज उतारने और दो लोगों के आपसी झगड़े को साम्प्रदायिक रंग दिया गया। जो ध्वज उतारा गया था, उसे वन मंत्री के निर्देश पर तत्काल वहां लगा भी दिया गया। उसके दूसरे दिन कवर्धा में जो हुआ, उसमें शामिल लोगों के चेहरे वीडियो में हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ शांति का टापू है। यहां इस तरह की घटनाएं अक्षम्य समझी जाती हैं।

कवर्धा की घटना से आक्रोशित, उद्वेलित है हिंदू समाज : भाजपा

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कवर्धा मामले पर कांग्रेस सरकार के बयान को घोर आपत्तिजनक कहा है। श्री साय ने कहा कि इन बयानों से ऐसा लगता है कि कांग्रेस ने मुस्लिम तुष्टिकरण का पुराना धंधा फिर से शुरू कर दिया है। साथ ही वह जांच आदि से पहले ही तयशुदा नतीजे पर पहुँच गयी है। उन्होंने कहा कि इसके बाद प्रदेश की पुलिस द्वारा कोई भी जांच महज खानापूर्ति होगी। इससे पहले भी पुलिस आईजी द्वारा दुराग्रहपूर्ण ढंग से भाजपा के खिलाफ बयान दिलवा कर मुख्यमंत्री अपनी गलत मंशा का परिचय दे चुके हैं।

प्रदेश अध्यक्ष श्री साय ने कहा कि सच तो यह है कि सत्ता में आने के बाद से मुख्यमंत्री बघेल अपने निहित स्वार्थों के कारण लगातार मिशनरियों और मजहबी तत्वों के हाथ में खेल रहे हैं। धर्मांतरण समेत तमाम हिन्दू विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देकर कांग्रेस ने प्रदेश को बारूद के ढेर पर बिठा दिया है. उन्होंने कहा कि ऐसी हरकतों से समाज में भयानक आक्रोश है और भाजपा हमेशा की तरह समाज के साथ है। श्री साय ने सीधे आरोप लगाते हुए कहा कि मोहम्मद अकबर के मंत्री बनने का बाद से ही कवर्धा में स्थिति विस्फोटक हुई है जिसे मुख्यमंत्री बघेल बढ़ावा दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि बघेल के सत्ता सम्हालते ही हालात यह हो गए कि एक तरफ शासन के मंत्री ही सरगुजा संभाग में रोहिंग्याओं को बसाये जाने की शिकायत कर रहे, लेकिन उनकी भी सुनवाई नहीं हो रही उधर बस्तर में सुकमा के एसपी को बकायदे पत्र जारी कर अपने महकमे और शासन को कहना पडा कि धर्मान्तरण के कारण स्थिति अनियंत्रित हो रही है और अब कबीरधाम का यह हाल जहां 37 वर्षों बाद कफ्र्यू लगाने की नौबत आयी। उन्होंने कहा कि इस तरह हिन्दू समाज के साथ घात होता रहेगा तो भाजपा बिलकुल चैन से नहीं बैठेगी, वह सनातन समाज के साथ है और उस पर पार्टी को गर्व है।

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