Home बिहार मार्च-अप्रैल में एंबुलेंस वालों ने जमकर किया मजबूरी का सौदा, मई में...

मार्च-अप्रैल में एंबुलेंस वालों ने जमकर किया मजबूरी का सौदा, मई में निर्धारित किया किराया; अब 50 KM के लिए अधिकतम ₹2500 लगेंगे

10
0

कोरोना की दूसरी लहर में एम्बुलेंस वालों की लूट से बिहार के लोग परेशान हैं। रात में मात्र 4 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए 10 से 20 हजार रुपए तक का सौदा किया जाता है। एक दो नहीं पटना में ऐसे हजारों पीड़ित एंबुलेंस चालकों की मनमानी के गवाह हैं। घर में लाश पड़ी रहती थी लेकिन पैसा कम हुआ तो हाथ तक नहीं लगाते थे। मार्च- अप्रैल में इस मनमानी को लेकर हर तरफ हाहाकार मचा था, लेकिन सरकार 5 मई को जागी है। एंबुलेंस का किराया तय किया गया है।

मुश्किल दौर में कोई चारा नहीं होता

एंबुलेंस चालकों की मनमानी से परेशान लोग चाहकर भी कुछ नहीं कर पाते थे। कोई सुनने वाला नहीं होता था। वह इमरजेंसी नंबरों पर कॉल कर परेशान हो जाते थे कोई राहत नहीं मिलती थी। ऐसे में प्राइवेट एंबुलेंस ही एक मात्र सहारा होता है जिनके चालकों की शर्तों पर लोगों काे जाना पड़ता था।

एंबुलेंस वालों की लूट की कहानी पीड़िता की जुबानी

कांटी फैक्ट्री की रहने वाली नव अस्तित्व फाउंडेशन की अमृता का कहना है कि एंबुलेंस चालकों की मनमानी चरम पर थी। एक सप्ताह पहले की कहानी बताती है कि 3 मिनट के सफर के लिए एंबुलेंस ने 10 हजार रुपए वसूल लिए। 4 किलोमीटर के लिए यह कीमत काफी अधिक थी लेकिन गरीब की जान बचाने के लिए एंबुलेंस चालक की शर्तों को मानना भी मजबूरी थी। अमृता का कहना है कि एंबुलेंस चालक और अटेंडेंट ने न तो मरीज को स्ट्रैक्चर से उतारा और न चढ़ाया था। इतना ही नहीं एंबुलेंस चालक ने यह भी बोल दिया जितना हॉस्पिटल जाएगा उतना बिल बढ़ता जाएगा। एंबुलेंस चालक ने गेट तक नहीं खोला खुद से सब कुछ करना पड़ा।

उनका कहना है कि प्राइवेट एम्बुलेंस में सब के सब माफिया हैं। मजबूरी में लूट रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार भले ही रेट तय कर देगी, लेकिन इनकी मनमानी पर अंकुश लगा पाना आसान नहीं होगा। मजबूरी में इंसान को इनकी हर शर्त इसलिए माननी पड़ेगी क्योंकि किसी की जिंदगी का सवाल होता है और समय इतना नहीं होता कि विकल्प खोजा जाए। उनका कहना है कि हर तरफ लोग बीमार हैं और एंबुलेंस के लिए परेशान होते हैं। सरकारी व्यवस्था एक साथ इतनी बड़ी आबादी के बीमार होने के लिए नाकाफी है। ऐसे में लोगों को प्राइवेट एंबुलेंस के हाथों लुटना पड़ता है। अब सरकार सख्ती की योजना बना रही है तो अच्छा है।

सरकार ने अब माना हो रही है मनमानी

5 मई को सरकार की बैठक में यह माना गया कि निजी एंबुलेंस कोविड-19 महामारी से उत्पन्न परिस्थिति में मनमानी कर रहे हैं। चालकों द्वारा मनमाना किराया वसूल किया जा रहा है जिससे मरीज के परिजनों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या को देखते हुए राज्य सरकार ने किराया निर्धारित कर दिया है। 8 से 25 रुपए प्रति किमी की दर तय की गई है। यह दर निर्धारित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग एवं परिवहन विभाग की ओर से गठित समिति के द्वारा समीक्षा की गई जिसके बाद राज्यभर में निजी एंबुलेंस का किराया निर्धारित किया गया। समिति की अनुशंसा के आलोक में अगर कोई एंबुलेंस के लिए निर्धारित दर से ज्यादा पैसे लेता है तो उसपर कार्रवाई की जाएगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here