Home खेल शूटिंग विश्वकप: भोपाल के इलेक्ट्रीशियन की बेटी ने जीता गोल्ड

शूटिंग विश्वकप: भोपाल के इलेक्ट्रीशियन की बेटी ने जीता गोल्ड

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  • भोपाल के दो शूटर्स ऐश्वर्य प्रताप और चिंकी यादव ने जीता स्वर्ण कप
  • 25 मीटर महिला पिस्टल स्पर्धा में भारत का क्लीन स्वीप
  • नौ स्वर्ण समेत 18 पदक के साथ पदक तालिका में शीर्ष पर है भारत

भोपाल। नई दिल्ली में चल रही आईएसएसएफ शूटिंग विश्व कप का छठा दिन मध्यप्रदेश के शूटर्स के नाम रहा। भोपाल के 2 शूटर्स ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर और चिंकी यादव ने अलग-अलग इवेंट में भारत को गोल्ड दिलाया। ऐश्वर्य ने मेन्स 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन में स्वर्ण पदक जीता। यह विश्व कप में उनका पहला स्वर्ण पदक है। दिग्गज शूटर संजीव राजपूत ने इसी इवेंट में छठा स्थान हासिल किया। यह दोनों शूटर पहले ही ओलिंपिक कोटा हासिल कर चुके हैं। वहीं, चिंकी ने 25 मीटर महिला पिस्टल में स्वर्ण पदक हासिल किया। इसमें गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज तीनों मेडल भारतीय शूटर्स ने जीते। चिंकी के अलावा महाराष्ट्र की राही सरनोबत ने रजत और हरियाणा की मनु भाकर ने कांस्य पदक जीता। इसमें चिंकी पहले ही ओलिंपिक कोटा हासिल कर चुकी हैं। भारत ने अब तक टूर्नामेंट में 9 गोल्ड, 4 सिल्वर और 5 ब्रॉन्ज समेत कुल 18 मेडल जीते हैं। टीम इंडिया टूर्नामेंट में फिलहाल मेडल्स टैली में टॉप पर है। वहीं, दूसरे नंबर और कजाकिस्तान तीसरे नंबर पर है।

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20 साल के ऐश्वर्य ने फाइनल में 462.5 का स्कोर बनाया

20 साल के ऐश्वर्य ने फाइनल में 462.5 का स्कोर बनाया। वहीं, हंगरी के स्टार राइफलमैन इस्तवान पेनी 461.6 पॉइंट के साथ दूसरे स्थान पर रहे। डेनमार्क के स्टीफन ओलसन 450.9 पॉइंट के साथ ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। इस इवेंट के फाइनल में इन तीनों के अलावा फिनलैंड के अलेस्कि लेप्पा और जूहो कुर्की और स्विट्जरलैंड के जेन लोचबिहलर जगह बना पाए।

इलेक्ट्रीशियन हैं चिंकी के पिता

भोपाल की चिंकी के पिता मेहताब सिंह यादव पेशे से इलेक्ट्रीशियन हैं। वे पिछले 23 सालों से खेल विभाग के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। 2012 में शूटिंग में करियर की शुरुआत करने वाली चिंकी का घर स्टेडियम के अंदर ही है, इस वजह से वे बचपन से ही कई खेलों को देख रही हैं। उन्होंने समर कैंप से शूटिंग में कदम रखा और इसके बाद एकेडमी ज्वॉइन किया। जल्द ही यह युवा निशानेबाज सभी की नजरों में आ गई। चिंकी शूटिंग एकेडमी के लिए टैलेंट हंट के लिए चुने जाने वाले चुनिंदा निशानेबाजों में से एक थीं। इसके बाद उन्होंने नेशनल चैंपियनशिप में हिस्सा लिया और मेडल जीता। उनका सपना स्नूकर या जिम्नास्टिक में जाने का था। वह इन खेलों के लिए मेहनत भी कर रही थीं, लेकिन बाद में हालात बदले और वह शूटिंग में आ गईं।

क्वालिफायर राउंड में शीर्ष पर रहे थे संजीव राजपूत

क्वालिफिकेशन राउंड में संजीव राजपूत 1172 अंक के साथ शीर्ष पर रहे थे, पर फाइनल में चूक गए। क्वालिफिकेशन राउंड में ऐश्वर्य 1165 पॉइंट बना पाए थे। ऐश्वर्य ने 2019 में हुए एशियन शूटिंग चैम्पियनशिप में 50मी राइफल थ्री पोजिशन इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया था। इस जीत के साथ उन्होंने ओलिंपिक कोटा हासिल किया था।

क्या होता है 50 मी. राइफल थ्री पोजिशन इवेंट

50 मी. राइफल थ्री पोजिशन इवेंट में घुटना टेककर, लेटकर और खड़ा होकर पुरुषों को 45-45 राउंड फायरिंग करनी होती है, जबकि महिलाओं को 20-20 राउंड। ऐश्वर्य ने तीन दिन पहले ही वल्र्ड कप में दीपक कुमार और पंकज कुमार के साथ मिलकर मेन्स टीम एयर राइफल इवेंट में सिल्वर जीता था।

ऐश्वर्य पहले नेशनल चैम्पियनशिप से डिस्क्वालिफाई हुए थे

ऐश्वर्य 7 साल पहले मध्य प्रदेश शूटिंग एकेडमी में हुए सिलेक्शन ट्रायल को क्लीयर करने में फेल हुए थे। 2015 में वे पहले नेशनल चैम्पियनशिप में भी डिस्क्वालिफाई हो गए थे। इसके बाद टेक्नीकल कारणों से उन्हें पूरे साल के लिए सस्पेंड कर दिया गया था। उन्होंने 2016 और 2018 में वापसी की और जूनियर नेशनल चैम्पिशनशिप में 3 गोल्ड जीते।

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